
PHOTOS : विष्णुपद मंदिर से फल्गु नदी तक, तस्वीरों में देखिए गया जी की आध्यात्मिक पहचान
गया की आस्था और प्राचीन वास्तुकला का अद्भुत संगमगया का विष्णुपद मंदिर भगवान विष्णु के चरणचिह्नों के कारण देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है. काले पत्थरों से बना यह प्राचीन मंदिर अपनी अनूठी वास्तुकला और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है. पितृपक्ष के दौरान यहां लाखों श्रद्धालु पिंडदान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. अगर आप गया घूमने की योजना
: विष्णुपद मंदिर से फल्गु नदी तक, तस्वीरों में देखिए गया जी की आध्यात्मिक पहचानGaya Ji : गया के विष्णुपद मंदिर और पवित्र फल्गु नदी की मनमोहक तस्वीरें देखें. यह स्थान पितृपक्ष के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनता है.
गवान विष्णु के पदचिन्ह, दैत्य का वध कर देवताओं को दिलाई थी मुक्तिगया के विष्णुपद मंदिर में भगवान विष्णु के पावन चरणचिह्न श्रद्धालुओं की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माने जाते हैं. धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु ने दैत्य गयासुर का उद्धार कर इसी स्थान पर अपने चरण रखे थे, जिसके निशान आज भी मंदिर में सुरक्षित हैं. चांदी से घिरे इन पवित्र पदचिह्नों के दर्शन के लिए देश विदेश से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. पितृपक्ष के दौरान भगवान विष्णु के चरणचिह्नों का दर्शन और पूजा करना अत्यंत शुभ माना
विष्णुपद मंदिर की पितृपक्ष की सबसे खास तस्वीरपितृपक्ष मेले के दौरान गया के विष्णुपद मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. देश के अलग अलग राज्यों से लोग अपने पूर्वजों के निमित्त पिंडदान और तर्पण करने यहां पहुंचते हैं. मंदिर परिसर पूरे दिन धार्मिक अनुष्ठानों, वैदिक मंत्रों और श्रद्धालुओं की आस्था से गूंजता रहता है. यही कारण है कि पितृपक्ष के समय विष्णुपद मंदिर गया









