
कलेक्टर ने कुश्ती मुकाबलों का लिया जायजा, कहा—खिलाड़ियों की सुविधा में नहीं होनी चाहिए कोई कमी
धमतरी, 21 अगस्त 2026। 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के दूसरे दिन शुक्रवार को आमापारा स्थित इंडोर स्टेडियम में अंडर-17 बालक एवं बालिका वर्ग के कुश्ती मुकाबले उत्साह, रोमांच और खेल भावना के साथ आयोजित हुए। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे युवा खिलाड़ियों ने अपनी तकनीक, शारीरिक क्षमता, अनुशासन और आत्मविश्वास का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मुकाबलों में दमखम दिखाया। प्रतियोगिता की व्यवस्थाओं का जायजा लेने और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा इंडोर स्टेडियम पहुंचे।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने विभिन्न कुश्ती मुकाबलों का अवलोकन किया तथा खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों से संवाद कर प्रतियोगिता के दौरान उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने ठहरने, भोजन, पेयजल, खेल सामग्री, प्रशिक्षण, परिवहन, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में खिलाड़ियों से सीधे फीडबैक लिया। खिलाड़ियों ने भी अपनी आवश्यकताओं और व्यवस्थाओं के संबंध में कलेक्टर से संवाद किया।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता विद्यार्थियों के लिए अपनी प्रतिभा को पहचान देने के साथ-साथ सीखने, अनुभव प्राप्त करने और आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण मंच है। खेल में सफलता केवल जीत तक सीमित नहीं होती, बल्कि अनुशासन, निरंतर अभ्यास, आत्मविश्वास, धैर्य और खेल भावना ही एक खिलाड़ी को उत्कृष्ट बनाती है। उन्होंने खिलाड़ियों से बिना किसी दबाव के पूरे आत्मविश्वास के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने तथा प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों का सम्मान करते हुए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना से खेलने का आह्वान किया।
उन्होंने आयोजन से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। खिलाड़ियों की सुविधा, स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवास, भोजन, पेयजल, स्वच्छता, परिवहन, खेल सामग्री एवं चिकित्सा जैसी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि खेल आयोजन केवल पदक और प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं होते, बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, निर्णय क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने का माध्यम भी हैं। इसलिए आयोजन की प्रत्येक व्यवस्था में गुणवत्ता, संवेदनशीलता और तत्परता का विशेष ध्यान रखा जाए।
कलेक्टर ने प्रशिक्षकों से भी खिलाड़ियों की आवश्यकताओं एवं प्रशिक्षण संबंधी विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा का सर्वोत्तम प्रदर्शन करने के लिए सकारात्मक और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल खेल भविष्य की कामना की।
खेल प्रतिभाओं को मिल रहा प्रतिस्पर्धा का बड़ा मंच
26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता जिले में आयोजित होने से विभिन्न जिलों से आए विद्यार्थियों को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। प्रतियोगिता के माध्यम से खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव प्राप्त होने के साथ ही प्रदेश के अन्य प्रतिभावान खिलाड़ियों से सीखने और अपनी खेल क्षमता को निखारने का अवसर भी मिल रहा है। आयोजन स्थल पर खिलाड़ियों के उत्साह और खेल भावना ने प्रतियोगिता के वातावरण को और अधिक जीवंत बना दिया।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका तिवारी, जिला खेल अधिकारी श्रीमती शकीला देवदास, प्रशिक्षक ममता ठाकुर, प्रदीप सिन्हा, हेमलाल सिन्हा, खिलेन्द्र साहू, ज्ञानचंद साहू, विजय यादव, विकास ठाकुर एवं डीपीआई ऑफिसियल श्री पीताम्बर पटेल सहित आयोजन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।









