
रायपुर,11 सितंबर 2026/ एक समय था जब स्थायी आजीविका का कोई साधन न होने के कारण परिवार को भरण-पोषण के लिए गांव छोड़कर पलायन करने पर मजबूर होना पड़ता था। लेकिन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ाव ने उनके जीवन की पूरी दिशा ही बदल दी। छत्तीगसढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के रोहीना गांव की कृष्णा साहू का जीवन कभी अनिश्चितता और आर्थिक तंगी से भरा हुआ था। आज कृष्णा साहू पलायन के उस दर्दनाक दौर को पीछे छोड़कर लखपति दीदी के रूप में एक सफल और आत्मनिर्भर कृषक-उद्यमी बनकर उभरी हैं।
अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कृष्णा ने गांव की 10 महिलाओं को एकजुट किया और राधा रानी महिला स्वयं सहायता समूह का गठन किया। बिहान योजना के तहत समूह को आर्थिक संबल मिला, जिसमें 60 हजार रुपए का समुदाय निवेश कोष (ब्प्थ्), 15, हजार रुपए का रिवॉल्विंग फंड और बैंक क्रेडिट लिंकेज के जरिए वित्तीय मदद प्राप्त हुई। इस सहयोग से महिलाओं में आत्मनिर्भर बनने का नया विश्वास जगा।
समूह से मिले इस आर्थिक आधार और अपनी बचत के बल पर कृष्णा साहू ने शुरुआत में 3 एकड़ जमीन पर बैगन की व्यावसायिक खेती शुरू की। पहली ही बार में मिले शानदार उत्पादन और मुनाफे से उत्साहित होकर उन्होंने बैंक से 3 लाख रूपए का अतिरिक्त ऋण लिया और अपनी खेती का विस्तार 10 एकड़ तक कर दिया। जिस जमीन पर कभी अनिश्चितता का साया था, आज उसी बैगन बाड़ी से वे हर साल लगभग 7 लाख रुपए की शानदार आय अर्जित कर रही हैं।
अपनी इस सफलता से अन्य महिलाओं को प्रेरित करते हुए कृष्णा अब गांव की बहनों को स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए जागरूक कर रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान के तहत वे 17 सितंबर की संध्या अपने घर में “आशीर्वाद का दीया” प्रज्वलित करेंगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में चलाए जा रहे इस अभियान के जरिए विकसित भारत-2047 के निर्माण का संकल्प लिया जा रहा है। लखपति दीदी कृष्णा साहू और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला प्रशासन ने जिले के सभी हितग्राहियों से अपील की है कि वे भी 17 सितंबर की शाम अपने-अपने घरों में “आशीर्वाद का दीया” जलाकर इस ऐतिहासिक जन-अभियान का हिस्सा बनें।









