
धान खरीदी से पहले एग्रीस्टैक पंजीयन पूर्ण कराएं, बाद की परेशानी से बचें*
राजनांदगांव 12 सितम्बर 2026। आगामी धान खरीदी के मद्देनजर जिले में एग्रीस्टैक पंजीयन कार्य को गति दी जा रही है। किसानों की भूमि से संबंधित बकेट का एग्रीस्टैक पंजीयन धान खरीदी से पूर्व पूर्ण कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिले में अब तक 1 लाख 59 हजार 212 बकेट का पंजीयन पूर्ण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का 53.62 प्रतिशत है। वहीं 1 लाख 37 हजार 707 बकेट का पंजीयन अभी शेष है। जिले में एग्रीस्टैक पंजीयन के लिए कुल 2 लाख 96 हजार 919 बकेट का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरूद्ध 1 लाख 59 हजार 212 बकेट का पंजीयन पूर्ण हो चुका है। इस प्रकार जिले में 46.38 प्रतिशत बकेट का पंजीयन अभी किया जाना शेष है। किसानों से अपील की गई है कि धान खरीदी शुरू होने से पहले 30 सितंबर तक एग्रीस्टैक पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण करा लें, ताकि खरीदी के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी अथवा प्रक्रियागत असुविधा का सामना न करना पड़े।
*13 जुलाई से चल रहा विशेष अभियान -*
जिले में छूटे हुए खसरों से संबंधित किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से 13 जुलाई 2026 से एग्रीस्टैक पंजीयन के लिए विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है। अभियान के माध्यम से अब तक लगभग 40 हजार बकेट का पंजीयन कार्य किया जा चुका है। पिछले डेढ़ माह में एक लाख से अधिक किसानों को एग्रीस्टैक पंजीयन की प्रक्रिया से जोड़ा गया है। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए ऐसे किसानों से लगातार संपर्क किया जा रहा है, जो वर्तमान में क्षेत्र अथवा गांव से बाहर निवास कर रहे हैं। संबंधित किसानों एवं उनके परिवार के सदस्यों से समन्वय स्थापित कर पंजीयन पूर्ण कराने का प्रयास किया जा रहा है। इस कार्य में कृषि विभाग के मैदानी अमले के साथ पंचायत सचिव, वीएलई/सीएससी सेंटर तथा अन्य संबंधित मैदानी कर्मचारी सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।
*एक बकेट से जुड़े सभी हिस्सेदारों का पंजीयन जरूरी -*
एक बकेट में औसतन दो से तीन हिस्सेदार जुड़े हो सकते हैं। इसलिए बकेट का पंजीयन पूर्ण कराने के साथ उससे जुड़े सभी हिस्सेदारों की जानकारी का सही एवं अद्यतन होना आवश्यक है। विशेष रूप से ऐसे हिस्सेदार जो वर्तमान में गांव से बाहर निवास कर रहे हैं, उनके संबंध में परिवार के सदस्यों को समय रहते जानकारी देकर पंजीयन प्रक्रिया पूर्ण कराने में सहयोग करना चाहिए।
*एग्रीस्टैक से डिजिटल कृषि व्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा -*
एग्रीस्टैक के माध्यम से कृषि भूमि, हिस्सेदारों एवं फसल संबंधी जानकारी को डिजिटल व्यवस्था में एकीकृत किया जा रहा है। इससे कृषि योजनाओं एवं डिजिटल कृषि सेवाओं के संचालन में सुविधा होगी तथा पात्र किसानों तक शासन की योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी।
*30 सितंबर तक पंजीयन पूर्ण कराने की अपील -*
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे 30 सितंबर तक अपने बकेट का एग्रीस्टैक पंजीयन पूर्ण कराएं। किसान अपने परिवार के ऐसे सभी सदस्यों एवं रिश्तेदारों को भी इसकी जानकारी दें, जो वर्तमान में गांव से बाहर रह रहे हैं। साथ ही प्रत्येक बकेट से जुड़े सभी हिस्सेदारों का पंजीयन सुनिश्चित कराने में सहयोग करें। समय रहते एग्रीस्टैक पंजीयन पूर्ण कराने से आगामी धान खरीदी के दौरान संभावित तकनीकी अथवा प्रक्रियागत असुविधा से बचने में मदद मिलेगी। साथ ही किसानों को डिजिटल कृषि व्यवस्था के अंतर्गत उपलब्ध विभिन्न सेवाओं एवं शासन की योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी।









