
बढ़ी आमदनी से परिवार को मिला आर्थिक संबल
राजनांदगांव 16 सितम्बर 2026। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ उन्हें स्वरोजगार से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। श्रम विभाग की ई-रिक्शा सहायता योजना का लाभ मिलने से राजनांदगांव शहर के बसंतपुर वार्ड निवासी 32 वर्षीय श्रीमती गिरजा साहू आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रही हैं। श्रीमती गिरजा साहू ने श्रम विभाग की योजना के माध्यम से ई-रिक्शा प्राप्त कर स्वरोजगार को अपनाया है। ई-रिक्शा मिलने के बाद उनकी आमदनी में वृद्धि हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है। उन्हें प्रतिमाह लगभग 12 से 18 हजार रूपए तक की आय प्राप्त हो रही है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया को धन्यवाद ज्ञापित किया है। श्रीमती गिरजा साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सेवाकाल में देश निरंतर विकास और जनकल्याण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने उनके राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित सेवा संकल्प को हार्दिक शुभकामनाएं दी है।
श्रीमती गिरजा साहू ने बताया कि ई-रिक्शा मिलने से पहले वह गांव में मजदूरी का कार्य करती थी। उन्हें प्रतिदिन लगभग 150 से 200 रूपए की मजदूरी मिलती थी, लेकिन पूरे माह नियमित रूप से काम नहीं मिल पाता था। इसके कारण उनकी मासिक आमदनी केवल 2 से 3 हजार रूपए के आसपास ही हो पाती थी। सीमित आय में परिवार का खर्च चलाना उनके लिए कठिन था और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत श्रीमती गिरजा साहू ने 10 हजार रूपए मार्जिन मनी जमा की। श्रम विभाग द्वारा उन्हें 1 लाख रूपए का अनुदान प्रदान किया गया तथा बैंक द्वारा 80 हजार रूपए का ऋण स्वीकृत किया गया। योजना का लाभ मिलने के बाद उन्होंने ई-रिक्शा चलाकर स्वरोजगार शुरू किया। श्रीमती गिरजा साहू ने बताया कि वर्तमान में ई-रिक्शा चलाकर उन्हें प्रतिदिन 400 से 600 रूपए तक की आमदनी हो रही है। इस तरह उन्हें प्रतिमाह लगभग 12 से 18 हजार रूपए तक की आय प्राप्त हो रही है। इससे अब वे परिवार के खर्च के साथ बैंक की ऋण किस्त भी आसानी से जमा कर पा रही हैं। नियमित आमदनी होने से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है। श्रीमती गिरजा साहू ने कहा कि ई-रिक्शा उनके लिए केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का माध्यम बना है। योजना से मिली सहायता के कारण आज वे स्वयं रोजगार कर अपने परिवार को आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही हैं। उन्होंने दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना का लाभ दिलाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें रोजगार का बेहतर अवसर मिला है। इससे उनकी आर्थिक और पारिवारिक स्थिति में सुधार हुआ है।









