
कोरबा 18 सितम्बर 2026/सूरज की ऊर्जा अब आदिवासी छात्राओं की पढ़ाई को नई रोशनी और नई सुविधा दे रही है। स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा के उपयोग से छात्रावासों में अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण तैयार हो रहा है और विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक गतिविधियों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिल रहा है। इसी सकारात्मक पहल के तहत क्रेडा विभाग द्वारा कटघोरा स्थित 100 सीटर कन्या छात्रावास में 2.4 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया है। सौर ऊर्जा आधारित विद्युत व्यवस्था से छात्राओं को पढ़ाई, गृहकार्य और दैनिक गतिविधियों के लिए बेहतर प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध हो रही है। इससे छात्रावास में सुविधा, ऊर्जा संरक्षण और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण को बढ़ावा मिल रहा है तथा स्वच्छ ऊर्जा के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता भी विकसित हो रही है।
पहले बिजली आपूर्ति बाधित होने पर विशेषकर शाम और रात के समय विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती थी। अब सौर ऊर्जा आधारित विद्युत व्यवस्था ऐसे समय में वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में सहायक बन रही है। पर्याप्त प्रकाश उपलब्ध होने से छात्राएं नियमित रूप से पढ़ाई, गृहकार्य और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां कर पा रही हैं। इससे उन्हें अपनी पढ़ाई पर बेहतर ढंग से ध्यान केंद्रित करने और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण में अध्ययन करने का अवसर मिल रहा है।
सोलर पावर प्लांट का लाभ केवल अध्ययन तक सीमित नहीं है। छात्रावास की प्रकाश व्यवस्था और आवश्यक विद्युत उपकरणों के उपयोग में भी इससे सुविधा मिल रही है, जिससे विद्यार्थियों और छात्रावास प्रबंधन की दैनिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। साथ ही, स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा के उपयोग के माध्यम से विद्यार्थियों को ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूक होने का व्यावहारिक अवसर भी मिल रहा है। आदिवासी विद्यार्थियों के लिए संचालित आश्रम- छात्रावासों में सौर ऊर्जा की यह पहल शिक्षा के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ आत्मनिर्भर और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा व्यवस्था की दिशा में भी सार्थक कदम है। कटघोरा का 100 सीटर कन्या छात्रावास इसका उदाहरण है, जहां सौर ऊर्जा की रोशनी विद्यार्थियों की पढ़ाई को संबल देने के साथ उनके लिए अधिक सुविधाजनक और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में सहायक बन रही है।
छात्रावास की छात्राओं के साथ अधीक्षिका एवं अन्य स्टॉफ भी सोलर पावर प्लांट की सुविधा को उपयोगी और लाभप्रद बता रहे हैं। उनका कहना है कि सौर ऊर्जा आधारित विद्युत व्यवस्था से बिजली बाधित होने की स्थिति में भी आवश्यक प्रकाश व्यवस्था बनाए रखने में सुविधा मिलती है। इससे छात्राओं की पढ़ाई और गृहकार्य सुचारू रूप से जारी रहता है तथा छात्रावास की दैनिक गतिविधियों के संचालन में भी सहूलियत होती है। सौर ऊर्जा की यह सुविधा छात्राओं के लिए बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने के साथ अधीक्षिका एवं स्टॉफ के लिए छात्रावास की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में सहायक साबित हो रही है।
सभी ने सौर ऊर्जा की इस उपयोगी सुविधा के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से छात्रावास में बिजली की उपलब्धता बेहतर हुई है और छात्राओं को पढ़ाई के लिए सुविधाजनक एवं गुणवत्तापूर्ण वातावरण मिल रहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली यह पहल विद्यार्थियों की शिक्षा, सुविधा और उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।








