
जशपुरनगर 19 सितंबर 2026/ जशपुर शहर के हृदय स्थल में स्थित ऐतिहासिक सती उद्यान पार्क एवं तालाब के जीर्णाेद्धार और सौंदर्यीकरण का रास्ता साफ हो गया है। शहरवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव ने सती उद्यान तालाब के जीर्णाेद्धार के लिए 4 करोड़ 17 लाख 15 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृति मिलने के बाद नगर पालिका परिषद जशपुर द्वारा निर्माण कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
तालाब की होगी सफाई, गहरीकरण से बढ़ेगी जलधारण क्षमता
महाराजा चौक के समीप स्थित सती उद्यान तालाब को स्थानीय लोग डोंगा तालाब के नाम से भी जानते हैं। तालाब शहरवासियों की धार्मिक एवं सांस्कृतिक आस्था से जुड़ा होने के साथ-साथ पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। शहर के जलस्तर को बनाए रखने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। वर्तमान में तालाब जलीय खरपतवार से भर गया है तथा लंबे समय से समुचित सफाई और रखरखाव नहीं होने के कारण इसकी जलधारण क्षमता प्रभावित हुई है। प्रस्तावित कार्य के तहत तालाब का पानी खाली कर जलीय खरपतवार एवं सिल्ट की सफाई की जाएगी। इसके बाद तालाब का गहरीकरण किया जाएगा। जलीय खरपतवार की समस्या को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक उपचार एवं व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। इससे तालाब की जलधारण क्षमता बढ़ने के साथ ही इसका स्वरूप और उपयोगिता बेहतर होगी।
वर्षों पुरानी मांग को मिली स्वीकृति
नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत ने बताया कि सती उद्यान तालाब राज परिवार की निजी संपत्ति के अधीन है। प्रस्तावित विकास कार्य के लिए राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती प्रियवंदा सिंह जूदेव द्वारा नगर पालिका परिषद को पूर्व में अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया जा चुका है। इसके बाद नगर पालिका परिषद द्वारा तालाब के जीर्णाेद्धार एवं विकास का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। उन्होंने बताया कि विधायक श्रीमती रायमुनी भगत एवं उनके द्वारा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के समक्ष शहरवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को रखते हुए आवश्यक बजट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। जिस पर 4 करोड़ 17 लाख 15 हजार रुपए की स्वीकृति मिली है।
पार्क में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
सती उद्यान तालाब के साथ पार्क का भी व्यापक जीर्णाेद्धार एवं सौंदर्यीकरण किया जाएगा। प्रस्तावित कार्यों में तालाब का गहरीकरण, सिल्ट एवं जलीय खरपतवार की सफाई एवं उपचार, बाउंड्रीवाल एवं फेसिंग, टो वॉल एवं पिचिंग कार्य, पचरी घाट तथा पक्की सीढ़ियों का निर्माण एवं मरम्मत शामिल है। पार्क परिसर में पेवर ब्लॉक पाथवे, बैठने के लिए चेयर, पौधरोपण एवं हरित क्षेत्र विकसित किया जाएगा। साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग, वाटर फिल्टर, हाई मास्ट लाइट एवं सोलर स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। तालाब के चारों ओर व्यवस्थित पाथवे एवं घाट विकसित होने से लोगों को भ्रमण और बैठने के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होगा। सती उद्यान के जीर्णाेद्धार के बाद पार्क परिसर में जशपुर राज परिवार के सदस्य एवं नगर पालिका जशपुर के पूर्व उपाध्यक्ष स्वर्गीय शत्रुंजय प्रताप सिंह जूदेव की आदमकद प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। विकास कार्य पूर्ण होने के बाद सती उद्यान शहरवासियों के लिए बेहतर मनोरंजन, भ्रमण एवं सामाजिक गतिविधियों का सुविधायुक्त स्थल बन सकेगा।
धार्मिक एवं सांस्कृतिक आस्था का प्रमुख केंद्र
सती उद्यान एवं तालाब शहरवासियों की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था से गहराई से जुड़ा हुआ है। यहां शत्रुंजय प्रताप सिंह जूदेव स्मृति छठ घाट के साथ शक्ति पूजा स्थल भी स्थित है। शारदेय नवरात्र के दौरान यहां राजपुरोहितों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। तालाब के किनारे वृक्ष गंगा भी स्थित है, जबकि पार्क परिसर में समाधि स्थल है। गम्हरिया स्थित अघोरपीठ के स्थापना दिवस के अवसर पर भी यहां विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस प्रकार सती उद्यान एवं तालाब शहरवासियों के लिए धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र है। जीर्णाेद्धार एवं सौंदर्यीकरण के बाद यह स्थल अपनी ऐतिहासिक एवं धार्मिक पहचान को बनाए रखते हुए अधिक सुविधायुक्त और आकर्षक स्वरूप में विकसित होगा।









