जशपुरनगर 22 सितंबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (WDC-PMKSY 2.0) विकासखंड पत्थलगांव के ग्राम गोढ़ीकला निवासी किसान श्री मुकेश यादव के लिए खेती में बदलाव और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बन रही है।
जलग्रहण परियोजना के तहत मिले ड्रिप सिंचाई प्रणाली एवं तकनीकी मार्गदर्शन से उन्होंने आधुनिक तरीके से खीरे की खेती कर बेहतर आय अर्जित की है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की किसानों की आय बढ़ाने की संकल्पना तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिले में कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पारंपरिक खेती से आधुनिक तकनीक की ओर बढ़े मुकेश यादव
ग्राम गोढ़ीकला निवासी श्री मुकेश यादव, पिता श्री कर्णधर यादव, पहले पारंपरिक तरीके से खेती करते थे और मुख्य रूप से वर्षा पर निर्भर रहते थे।
आधुनिक सिंचाई सुविधाओं एवं उन्नत कृषि तकनीकों के अभाव में उत्पादन सीमित था। खेती में अधिक लागत और अपेक्षाकृत कम लाभ के कारण परिवार की आय में खेती का योगदान भी सीमित था।
कृषि विभाग द्वारा जलग्रहण परियोजना के अंतर्गत उन्हें ड्रिप सिंचाई प्रणाली एवं तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इसके बाद उन्होंने एक एकड़ भूमि में ड्रिप एवं मल्चिंग तकनीक से उन्नत खीरे की खेती शुरू की। नियंत्रित सिंचाई और उर्वरक प्रबंधन के माध्यम से उन्होंने बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन प्राप्त किया तथा लगभग 2.25 लाख रुपये की आय अर्जित की।
4 एकड़ में ग्राफ्टेड टमाटर की खेती की तैयारी
ड्रिप एवं मल्चिंग तकनीक से खेती में मिले अनुभव और बेहतर परिणामों से उत्साहित किसान मुकेश यादव अब व्यावसायिक खेती की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने 4 एकड़ भूमि में ड्रिप तकनीक से ग्राफ्टेड टमाटर की साहो किस्म की खेती शुरू की है।
आधुनिक सिंचाई तकनीक से पानी के बेहतर प्रबंधन, फसल उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार की संभावनाएं बढ़ी हैं। इससे किसान को खेती को आय के स्थायी साधन के रूप में विकसित करने का भरोसा मिला है।
किसान ने जताया प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार
हितग्राही श्री मुकेश यादव ने बताया कि पहले पारंपरिक खेती में मेहनत अधिक और आमदनी कम होती थी। जलग्रहण परियोजना से ड्रिप सिंचाई प्रणाली मिलने के बाद उन्होंने आधुनिक तरीके से खीरे की खेती शुरू की। कम पानी में बेहतर उत्पादन और बाजार में अच्छी कीमत मिलने से उनकी आय में वृद्धि हुई तथा लगभग 2.25 लाख रुपये का लाभ प्राप्त हुआ।
उन्होंने कहा कि अब उन्हें भरोसा हो गया है कि खेती भी एक लाभदायक व्यवसाय बन सकती है।
मुकेश ने ड्रिप से खीरे की खेती कर कमाए 2 लाख 25 हजार रूपए
अब 4 एकड़ में करेंगे टमाटर की खेती
खेती में आया बदलाव, ड्रिप तकनीक से आत्मनिर्भर बने किसान मुकेश यादव








