
हे प्रभु! हे देव! रक्षा करना बांग्ला देश की। माना के हमारे दुश्मन हैं। बांग्लादेश के नेता घाघ हैं,अमानवीय है। नीचता की पराकाष्ठा हैं…. मगर जनता का क्या कसूर है ? और फिर माल होगा चाईना का और सिखाएंगे पाकिस्तानी पायलट तो बेचारे मासूम जहाजों को क्या हाल होगा और उस जनता का क्या होगा जिन पर ये गिरेगा ? हा… हा… हा… हा… । हंसी तो स्वाभाविक है मगर डर तो है न। वे हिन्दू कितने सुरक्षित रह पाएंगे जिन्हें वहां के मुसलमान खदेड़ रहे थे… प्रताड़ित कर रहे थे… जिन्दा जला रहे थे। ले-देकर अब थोड़ी राहत की सांस ले रहे हैं अभी वे… उन पर न गिर जाए जहाज। पता नहीं कितने और किस स्तर के बेदिमागी हैं बांग्लादेशी चीन से जहाज ले रहे हैं और पाकिस्तान से ट्रेनिंग। ज्यादा वक्त नहीं हुआ जब भारत ने चाईना के माल को लपेट-लपेट के धोया था पाकिस्तान में।
जब भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के धुएं निकल गये थे।
बेवकू फ बांग्लादेशियों
पहलगाम हमला और भारत का पाक को डण्डा
पता है कि नहीं
याद दिला देते हैं। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए एक दर्दनाक आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी गई थी। आतंकियों ने धर्म पूछकर विशेष रूप से हिंदू पुरुषों को निशाना बनाया था, जिससे कई महिलाओं का सिंदूर उजड़ गया था। सब जानते हैं कि ये पाकिस्तान की कारस्तानी थी।
अब ये कोई पुराना भारत तो है नहीं कि शब्दों के बाण चलाए और मुंह छिपाकर बैठ जाए। हम लोगों ने बदला लेने के लिए आॅपरेशन सिंदूर कर दिया।
यह संयुक्त सैन्य अभियान 6 और 7 मई 2025 की मध्यरात्रि को चलाया गया था। भ् ाारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर जोरदार हमला किया। जिसमे पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहदीन के 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों व ट्रेनिंग कैंपों को तबाह कर दिया और पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों सहित 90 आतंकी मारे गये।

पाक के 10 एयरबेस नेस्तनाबूत
चीनी माल की टांय-टांय फि स्स
चूंकि पहलगाम में पुरूषों को मारा गया था और महिलाओं को सिंदूर पोंछने पर विवश किया गया था लिहाजा इस अटैक को ‘आॅपरेशन सिंदूर’ का नाम दिया गया। इस हमले मे भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के 11 प्रमुख सैन्य और हवाई ठिकानों को सटीक हमलों से निशाना बनाया था। भारत ने ब्रह्मोस मिसाइलों, राफेल लड़ाकू विमानों से दागी जाने वाली मिसाइलों और हैमर बमों से सिर्फ 90 मिनट में पाकिस्तान के 10 एयरबेस और रडार सिस्टम तहस-नहस कर दिये। यानि पाकिस्तानी सेना को पूरी तरह विकलांग कर दिया। लूला भी, लंगेड़ा भी, अंधा भी, बहरा भी। पूरी तरह हेल्पलेस।
इस हमले की सबसे आनंददायक बात ये रही कि पिटा पाकिस्तान पर चोट चीन को लगी। घाव चीन को हुए वो भी छोटे-मोटे नहीं, गहरे घाव। क्यों जिस चीन निर्मित एयर डिफेंस के बल पर पाकिस्तान खुद को सुरक्षित मानकर चल रहा था वो डिफेंस सिस्टम और उसके रडार सिस्टम इन हमलों को रोकने में पूरी तरह विफल। पूरी तरह विफल यानि हण्डेÑड परसेन्ट नाकाम।
पाकिस्तान की जग हंसाई
आया था जवाब देने,मुंह की खाई
इस मामले में पाकिस्तान तिलमिला क र रह गया। उसने जवाब देने की ठानी। यदि पाकिस्तान जवाब नहीं देता तो पर्दा पड़ा रहता। जवाब देने के प्रयास में उसकी रही-सही इज्जत भी खत्म हो गयी। दरअसल 8 मई की सुबह पाकिस्तान ने भारत के कई सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले कर बदला लेने की कोशिश की जिसमें भारत का बाल भी बांका नहीं हुआ और भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया। पूरी तरह नाकाम यानि हण्ड्रेड परसेन्ट विफ ल।
भारत को दो फ ायदे
चीन का दो नुकसान
पहलगांव की इस दुर्भाग्य पूर्ण घटना का असर तो हमेशा पीेिड़तो पर रहेगा मगर उन्हें सुकून मिला कि उनका बदला भरपूर लिया गया। उनके जलते दिलों पर जल छिेड़का सरकार और सेना ने। जो बदला लिया गया उससे भारत को ये जबर्दस्त फ ायदा हुआ कि बदला तो लिया ही गया, सारे विश्व मे भारत की साख एक बेहद दमदार देश के रूप में कायम हो गयी और चीन को जबर्दस्त नुकसान हुआ कि एक तो भारत की स्थिति देखकर उसका मनोबल गिरा और विश्व मे उसकी, उसके हथियारो की किरकिरी हो गयी। पाकिस्तान को तो धुआ-धुंआ कर ही दिया, भारतीय सेना ने चीन के डिफ ेन्स सिस्टम को भी तार-तार कर दिया।
बस इसीलिये ये जानकर हंसी छूट गयी कि बांग्लादेश चीन से जहाज लेगा और पाकिस्तान से उड़ाना सीखेगा।
राम मिलाई जोेड़ी, इक अंधा, इक कोढ़ी।







