
25 किसानों की बदली खेती की तस्वीर
समेकित खेती से समृद्धि की ओर
धमतरी, 23 सितंबर 2026।सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्रामीण किसानों की आजीविका को सुदृढ़ करने और कृषि को अधिक विविध एवं टिकाऊ बनाने की दिशा में मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम पंचायत केकराखोली में उल्लेखनीय पहल की गई है। वीबी-जी रामजी एवं उद्यानिकी विभाग के अभिसरण से संचालित समेकित फल उद्यान योजना के तहत गांव के 25 किसानों ने लगभग 35 एकड़ भूमि को फलोद्यान एवं बहुफसली कृषि गतिविधियों से जोड़ा है।
इस पहल के तहत खेतों में आम एवं कटहल जैसे फलदार पौधों के साथ हल्दी, उड़द, करेला, बरबटी और करोंदा जैसी फसलों तथा सतावर एवं सिंदूरी जैसे औषधीय पौधों को शामिल किया गया है। फलदार पौधों के बीच अंतरवर्ती फसलों की खेती से भूमि का बेहतर उपयोग हो रहा है तथा फलदार पौधों से उत्पादन शुरू होने तक अल्प अवधि की फसलों से आय के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
सुविधाओं के अभिसरण से मजबूत हुआ कृषि आधार
योजना के अंतर्गत किसानों को फलदार पौधों के साथ फेंसिंग, बोरवेल और ग्रीन शेड हाउस जैसी सुविधाओं से जोड़ा गया है। इससे उद्यान क्षेत्र की सुरक्षा, सिंचाई तथा संरक्षित खेती की संभावनाओं को मजबूती मिली है। विभिन्न विभागीय संसाधनों के समन्वित उपयोग से किसानों को कृषि एवं उद्यानिकी गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।
07 आजीविका डबरी बनी अतिरिक्त आजीविका का आधार
ग्राम पंचायत में 07 आजीविका डबरियों का विकास भी किया गया है। ये जल संरक्षण के साथ कृषि कार्यों और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप मछली पालन जैसी गतिविधियों के लिए उपयोगी आधार उपलब्ध करा रही हैं। इससे खेती के साथ जल आधारित अतिरिक्त आजीविका के विकल्प विकसित करने की संभावना बनी है।
एकीकृत खेती से आत्मनिर्भरता की ओरकेकराखोली में विकसित यह मॉडल फलोद्यान, बहुफसली खेती, संरक्षित कृषि, सिंचाई और जल संरक्षण को एक साथ जोड़ता है। इससे किसानों को अल्प अवधि की फसलों से वर्तमान आय के अवसरों के साथ फलदार पौधों से भविष्य की दीर्घकालिक आय की संभावनाएं प्राप्त हो रही हैं।
25 किसानों द्वारा 35 एकड़ क्षेत्र में अपनाई गई यह पहल सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से योजनाओं के प्रभावी अभिसरण और ग्रामीण आजीविका के सुदृढ़ीकरण का प्रेरक उदाहरण है। यह प्रयास किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर अपनी भूमि और उपलब्ध संसाधनों को विविध एवं टिकाऊ आजीविका के साधन के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से समेकित प्रयासों का यही उद्देश्य है—किसान की मेहनत, उपलब्ध संसाधनों और शासकीय योजनाओं को एक साथ जोड़कर ग्रामीण समृद्धि की मजबूत नींव तैयार करना।









