
अम्बिकापुर 28 सितम्बर 2026/ ग्राम पंचायत कुदर, विकासखंड धौरपुर निवासी उमेश कुमार यादव पशुपालन को आय का सशक्त माध्यम बनाकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ शासन के पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का लाभ लेकर उन्होंने अपने पशुपालन व्यवसाय को बेहतर बनाया है। उमेश कुमार यादव के पास एचएफ नस्ल की दो गायें हैं, जिन्हें पशु विभाग से अनुदान के माध्यम से प्राप्त किया गया। इन गायों से उन्हें प्रतिदिन लगभग 40 से 45 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। इसके साथ ही उनके पास गिर नस्ल की गाय भी है। पशु विभाग के सहयोग से कृत्रिम गर्भाधान (एआई) एवं नस्ल सुधार की सुविधा का लाभ लेकर उन्होंने अपनी पशुधन संख्या और गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसी प्रक्रिया से प्राप्त एचएफ नस्ल की बछिया भी अब अच्छी तरह तैयार हो रही है। उमेश बताते हैं कि पशुपालन से सभी खर्च निकालने के बाद उन्हें लगभग 25 से 30 हजार रुपये प्रतिमाह की आय हो जाती है। उनका कहना है कि पशु विभाग की ओर से समय-समय पर पशुओं के उपचार, स्वास्थ्य जांच और कृत्रिम गर्भाधान जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। आवश्यकता पड़ने पर विभागीय अमला तत्काल मौके पर पहुंचकर पशुओं की देखभाल और उपचार में सहयोग करता है। उमेश कुमार यादव पशुपालन के क्षेत्र में मिल रहे सहयोग के लिए पशु विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि शासकीय योजनाओं, अनुदान और विभागीय तकनीकी मार्गदर्शन से पशुपालन को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में उन्हें काफी मदद मिली है।
यह कहानी बताती है कि छत्तीसगढ़ शासन के पशुधन विकास विभाग की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ लेकर ग्रामीण पशुपालक आधुनिक पशुपालन, नस्ल सुधार और बेहतर दुग्ध उत्पादन के माध्यम से अपनी आय बढ़ाकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकते हैं।









