
अम्बिकापुर 03 अक्टूबर 2026/ मुहिम फाउंडेशन और यूथ एक्शन क्लब के संयुक्त सहयोग से शुक्रवार को ’यंग थिंकर मीट 2026’ का आयोजन किया गया। इसमें सरगुजा जिले के 8 शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों के 65 युवा शामिल हुए। इस मीट का उद्देश्य युवाओं को ऐसा मंच देना था, जहां वे खुलकर अपनी बात रख सकें, दूसरों के भिन्न विचारों को सुन सकें और सार्थक संवाद कर सकें।
दिनभर चले सत्रों में प्रतिभागियों ने गांधी और वर्तमान समय से जुड़े कई विषयों पर चर्चा की। उन्होंने ष्गांधी, युवा और वह दुनिया जो हम बनाना चाहते हैंष्, ष्अगर गांधी आज एक युवा होते, तो वे कौन-से सवाल पूछते? “तथा गांधी के गाँव की परिकल्पना और आज के ग्रामीण भारत की सच्चाई” जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का समापन एक बहस के साथ हुआ, जिसका विषय था, “21वीं सदी में गांधीः क्या उनके सिद्धांत और तरीके आज भी युवाओं और सामाजिक परिवर्तन के लिए मायने रखते हैं?”
सत्रों के बीच आयोजित क्विज ने माहौल में उत्साह बनाए रखा, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। स्पीच प्रतियोगिता में 37 युवाओं ने और डिबेट प्रतियोगिता में 23 युवाओं ने भाग लिया। इसके साथ ही यूथ के लिए गांधी पर आधारित गैलरी वॉक भी आयोजित की गई, जिसमें लोगों ने प्रदर्शित पोस्टरों और सामग्री के माध्यम से गांधी जी के जीवन, विचारों और उनके संदेशों को समझने का अवसर पाया।
यूथ एक्शन क्लब, अंबिकापुर, समान सोच रखने वाले युवाओं का एक सामूहिक प्रयास है। इसका उद्देश्य संवाद के लिए एक मंच तैयार करना और समाज के साथ-साथ स्वयं में भी सकारात्मक बदलाव लाना है। यह आयोजन इसी सोच की झलक रहा, क्योंकि पूरे कार्यक्रम की योजना और संचालन युवा स्वयंसेवकों ने स्वयं संभाला।
कार्यक्रम में राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय डॉ. दीपक सिंह, डॉ. कामिनी, सुश्री पूनम तथा मुहिम फाउंडेशन और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की टीम के सदस्य उपस्थित रहे। अतिथियों ने युवाओं के साथ अपने विचार साझा किए और चर्चाओं में भी भाग लिया।
आयोजन के बारे में मुहिम फाउंडेशन की आकृति ने कहा, “हमारी कोशिश है कि हर युवा को अपनी पसंद का जीवन गढ़ने की ताकत मिले और साथ ही एक सशक्त समुदाय भी बने।”
मुहिम फाउंडेशन का राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबिकापुर और शासकीय विज्ञान महाविद्यालय, अंबिकापुर के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) है। इन संस्थानों के साथ मिलकर युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकास, 21वीं सदी के कौशल, सामुदायिक सहभागिता और शोध के क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमों का संयुक्त रूप से संचालन किया जा रहा है।
अम्बिकापुर 03 अक्टूबर 2026 / किसी जरूरतमंद के लिए समय पर उपलब्ध रक्त जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी मानवीय भावना को जनसहभागिता से जोड़ते हुए भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, जिला शाखा सरगुजा द्वारा पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (पीटीएस), मैनपाट में स्वैच्छिक रक्तदान एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित एक माह अवधि के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के दौरान आयोजित इस शिविर में प्रशिक्षणार्थियों एवं अन्य प्रतिभागियों द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान के लिए उत्साहपूर्वक सहभागिता की गई। शिविर में 110 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान के लिए पंजीयन कराया।
रक्तदान के प्रति प्रशिक्षणार्थियों की सहभागिता यह संदेश देती है कि समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं की पहल किसी जरूरतमंद के लिए महत्वपूर्ण सहायता बन सकती है। स्वैच्छिक रक्तदान केवल रक्त देने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि आवश्यकता के समय किसी अन्य व्यक्ति के जीवन के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का माध्यम भी है।
कार्यक्रम को पुलिस महानिरीक्षक, सरगुजा रेंज, श्री दीपक कुमार झा का मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त हुआ। वहीं कलेक्टर एवं अध्यक्ष, भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, जिला शाखा सरगुजा, श्री अजित वसंत के मार्गदर्शन में जिला शाखा द्वारा शिविर के आयोजन एवं समन्वय की कार्यवाही की गई।
शिविर में प्रशिक्षणार्थियों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने में पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, मैनपाट के पुलिस अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रसाद भैया, मुख्य ड्रिल प्रशिक्षक श्री रोशन दहल एवं श्री कन्हैया यादव की सक्रिय भूमिका रही। उनके द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को रक्तदान के महत्व की जानकारी देते हुए स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रोत्साहित किया गया। उनके मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन से प्रशिक्षणार्थियों में रक्तदान के प्रति सकारात्मक सहभागिता देखने को मिली।
भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा रक्तदान, नेत्रदान, अंगदान, देहदान एवं मानवीय सेवा से संबंधित गतिविधियां निरंतर संचालित की जाती हैं। सेवा संकल्प अभियान की अवधि में आयोजित यह शिविर इसी निरंतर सेवा-कार्य का एक हिस्सा रहा, जिसके माध्यम से रक्तदान के प्रति जागरूकता एवं सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया। इस अवसर पर “रक्तदान महादान दृ अंगदान जीवनदान” का संदेश भी दिया गया।
रक्त संग्रहण संबंधी कार्यवाही राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, अंबिकापुर से संबद्ध ब्लड सेंटर की चिकित्सा एवं तकनीकी टीम द्वारा की गई। टीम में डॉ. रवि कमल (पी.जी. चिकित्सक), श्रीमती संध्या सिंह (मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट), श्री राजकुमार मराबी (मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट), श्रीमती अंजुला मिश्रा (काउंसलर), श्रीमती रीता थॉमस (स्टाफ नर्स), श्री मो. अजहर अंसारी (एम्बुलेंस चालक) एवं श्री ओमप्रकाश साहू (वाहन चालक) ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं।
शिविर के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मैनपाट की टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण की सेवाएं भी प्रदान की गईं। स्वास्थ्य दल में श्री अमित तिवारी, आरएमए (दल प्रभारी), सुश्री सोनम लकड़ा, सीएचओ, श्रीमती जेसिंटा खलखो, एएनएम, श्री के.पी. नेताम, श्री भानु प्रताप सिंह, श्री संकेत यादव एवं श्री मुनेश्वर शामिल रहे।
कार्यक्रम में पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, मैनपाट के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे तथा आयोजन के सफल संचालन में सहयोग प्रदान किया। पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी के समन्वित प्रयास से आयोजित इस शिविर के माध्यम से स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता, सामाजिक जिम्मेदारी एवं जनसहभागिता का संदेश दिया गया।
भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, जिला शाखा सरगुजा द्वारा नागरिकों, युवाओं एवं विभिन्न संस्थाओं से अपील की जाती है कि वे अपनी स्वास्थ्य स्थिति एवं चिकित्सकीय पात्रता के अनुरूप स्वैच्छिक रक्तदान से जुड़ें और इस मानवीय सेवा को जनभागीदारी का स्थायी हिस्सा बनाने में अपना योगदान दें।
अम्बिकापुर 03 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल, रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य पात्रता परीक्षा (SET 2026) का आयोजन 4 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। जिले में परीक्षा के लिए कुल 75 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 19 हजार 255 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। प्रथम पाली की परीक्षा प्रातः 10 बजे से 11.15 बजे तक तथा द्वितीय पाली की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 4.15 बजे तक होगी।
परीक्षा को सुचारू, व्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी परीक्षा केन्द्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। परीक्षा केन्द्रों में अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग (सुरक्षा जांच) के लिए एक पुरुष एवं एक महिला पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाई जाएगी। महिला अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग केवल महिला पुलिसकर्मी द्वारा की जाएगी।
दो घंटे पहले परीक्षा केन्द्र पहुंचने की सलाह-
परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने के निर्धारित समय से कम से कम दो घंटे पहले अपने परीक्षा केन्द्र पहुंचने की सलाह दी गई है, ताकि फ्रिस्किंग एवं पहचान पत्र के सत्यापन की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके। साथ ही परीक्षार्थियों से कहा गया है कि वे परीक्षा से एक दिन पूर्व अपने परीक्षा केन्द्र का अवलोकन अवश्य कर लें, ताकि परीक्षा दिवस पर केन्द्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। परीक्षा प्रारंभ होने के 30 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसलिए अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से पहले केन्द्र में उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
परीक्षा केन्द्र में इन वस्तुओं पर रहेगा प्रतिबंध-
परीक्षार्थियों को परीक्षा में हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर आने के निर्देश दिए गए हैं। काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैंगनी एवं गहरे चॉकलेटी रंग के कपड़े पहनकर परीक्षा केन्द्र आने की अनुमति नहीं होगी। फुटवियर के रूप में केवल चप्पल पहनने की अनुमति होगी। कान में किसी भी प्रकार के आभूषण पहनना भी वर्जित रहेगा। परीक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार के संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी सहित अन्य प्रतिबंधित सामग्री ले जाना पूर्णतः वर्जित रहेगा। अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र पर अनावश्यक सामान लेकर नहीं आने की सलाह दी गई है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक पोशाक पहनकर परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को सामान्य समय से पहले परीक्षा केन्द्र पर रिपोर्ट करना होगा। ऐसे अभ्यर्थियों को अतिरिक्त सुरक्षा जांच की प्रक्रिया से गुजरना होगा। जांच पूरी होने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
प्रवेश पत्र और मूल पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य-
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र के सभी पेज का प्रिंट आउट निकालकर लाना होगा। प्रवेश पत्र के प्रत्येक पेज को केवल एक तरफ प्रिंट करने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि प्रत्येक परीक्षा के लिए व्यापम की प्रति परीक्षा केन्द्र में जमा की जाएगी। प्रवेश पत्र के साथ अभ्यर्थी को फोटोयुक्त मूल पहचान पत्र भी अनिवार्य रूप से लाना होगा। पहचान के लिए मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड अथवा आधार कार्ड में से कोई एक मूल दस्तावेज मान्य होगा। मूल पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर अभ्यर्थी को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं अभ्यर्थी की होगी। यदि इंटरनेट से प्राप्त प्रवेश पत्र में अभ्यर्थी का फोटो प्रदर्शित नहीं हो रहा है, तो अभ्यर्थी को अपने साथ दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो लेकर परीक्षा केन्द्र पहुंचना होगा।
उत्तर लिखने के लिए केवल नीले या काले बॉल पॉइंट पेन का उपयोग-
अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में उत्तर अंकित करने के लिए केवल काले या नीले बॉल पॉइंट पेन का उपयोग करना होगा। परीक्षा प्रारंभ होने के पहले आधे घंटे तथा परीक्षा समाप्ति के अंतिम आधे घंटे में किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा कक्ष से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी।
निर्देशों का पालन नहीं करने पर परीक्षा से किया जा सकता है वंचित-
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को सभी निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। निर्देशों का उल्लंघन करने पर अभ्यर्थी को परीक्षा में शामिल होने से वंचित किया जा सकता है। परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों का प्रयोग पाए जाने पर संबंधित अभ्यर्थी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा उसकी अभ्यर्थिता समाप्त की जा सकती है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा दिवस से पहले अपने प्रवेश पत्र में दर्ज परीक्षा केन्द्र, परीक्षा समय एवं अन्य आवश्यक विवरणों की अच्छी तरह जांच कर लें तथा परीक्षा दिवस पर निर्धारित समय से पर्याप्त पहले केन्द्र में पहुंचकर परीक्षा संबंधी सभी प्रक्रियाएं पूरी कर लें।









