
कोरबा, 09 अक्टूबर 2026/प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से कोरबा विकासखंड के ग्राम नरबदा से दलदली पारा तक लगभग एक किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण कराया गया है। लंबे समय से सड़क की सुविधा का इंतजार कर रहे यहां के ग्रामीणों के लिए यह मार्ग रोजमर्रा के जीवन को आसान बनाने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बना है।
सड़क बनने से पहले दलदली पारा के लोगों को बाजार और शहर आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बरसात सहित अन्य मौसमों में कच्चे और असुविधाजनक रास्ते से गुजरना मुश्किल हो जाता था। गांव के विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने के लिए भी दूर और कठिन रास्तों से होकर जाना पड़ता था। किसी के बीमार पड़ने पर एंबुलेंस को गांव तक पहुंचाने में परेशानी होती थी, जिससे मरीज और उनके परिजन चिंता में रहते थे।
पक्की सड़क बनने से अब गांव तक वाहनों की आवाजाही सुगम हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, बाजार और शहर तक पहुंचना पहले की तुलना में आसान हुआ है। विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में सुविधा मिलेगी और आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस भी गांव तक पहुंच पा रही है।
ग्राम निवासी पंसारी बाई ने बताया कि पहले बाजार आने-जाने में बहुत दिक्कत होती थी। बच्चों को स्कूल पहुंचने में परेशानी होती थी और जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस का गांव तक आना भी कठिन था। अब सड़क बन जाने से आवागमन आसान हुआ है और एंबुलेंस गांव तक पहुंच जाती है।
ग्रामीण बल सिंह ने बताया कि सड़क बनने के बाद गांव तक आने-जाने का सफर सुगम हो गया है। अब लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए पहले जैसी परेशानी नहीं उठानी पड़ती।
ग्राम नरबदा से दलदली पारा तक बनी यह सड़क केवल आवागमन का मार्ग नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जरूरतों तक पहुंच को सहज बनाने वाली सुविधा है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण से मिली राहत के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।
पीएम स्वनिधि से सब्जी दुकान को मिला विस्तार, आशीष की बढ़ी आमदनी
15 हजार रुपए के ऋण ने छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भरता की राह मजबूत करने में दी मदद
कोरबा 09 अक्टूबर 2026/जिले के विकासखंड कटघोरा के नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा अंतर्गत ग्राम कुदरीपारा निवासी आशीष जायसवाल वर्षों से छोटी-सी सब्जी दुकान चलाकर अपने परिवार की आजीविका में सहयोग कर रहे थे। सीमित पूंजी के कारण वे दुकान में कम मात्रा में और कुछ ही प्रकार की सब्जियां रख पाते थे। बिक्री से होने वाली आमदनी से घर का खर्च चलाना भी उनके लिए चुनौती बना रहता था।
आशीष चाहते थे कि दुकान में अधिक मात्रा और अलग-अलग प्रकार की सब्जियां रख सकें, ताकि ग्राहकों को ज्यादा विकल्प मिलें और व्यवसाय आगे बढ़े। लेकिन पूंजी की कमी के कारण यह इच्छा पूरी नहीं हो पा रही थी। इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के बारे में जानकारी मिली, जिसके तहत छोटे व्यवसायियों को अपना काम बढ़ाने के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
आशीष ने योजना के अंतर्गत आवेदन किया और उन्हें 15 हजार रुपए का ऋण मिला। इस राशि से उन्होंने दुकान के लिए पर्याप्त मात्रा में विभिन्न प्रकार की सब्जियां खरीदीं। दुकान में सब्जियों की उपलब्धता बढ़ने से ग्राहकों को अधिक विकल्प मिलने लगे और बिक्री में भी सुधार हुआ। अब पहले की तुलना में उनकी आमदनी बढ़ी है और वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा पा रहे हैं।
आशीष जायसवाल बताते हैं कि पीएम स्वनिधि से मिली आर्थिक मदद ने उन्हें अपनी दुकान का विस्तार करने का अवसर दिया। वे प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना और शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि इस योजना ने उन्हें आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने का संबल दिया है।
बेटी के भविष्य के लिए संजोया सपना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से मिली आर्थिक मदद
श्रमिक परिवार की बेटी के विवाह के लिए ₹20 हजार की सहायता बनी भरोसे का सहारा
कोरबा 09 अक्टूबर 2026/जिले के खरमोरा निवासी श्रीमती जमुना बाई यादव एक श्रमिक परिवार से हैं। उनके पति श्री रूपलाल यादव मिस्त्री का काम करते हैं। श्रीमती जमुना बाई का छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में मजदूर रेजा-कुली के रूप में पंजीयन है। उनका पंजीयन क्रमांक 551201034 है, जो 24 सितंबर 2024 को हुआ।
श्रम विभाग से उन्हें मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना की जानकारी मिली। योजना के अंतर्गत उनकी प्रथम संतान बेटी के लिए ₹20 हजार की सहायता राशि प्राप्त हुई। श्रीमती जमुना बाई ने इस राशि को बेटी के विवाह के लिए सहेजकर रखा है। उनके लिए यह मदद सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बेटी के भविष्य को लेकर संजोए सपनों को संबल देने वाली राशि है।
श्रीमती जमुना बाई को महतारी वंदन योजना का लाभ भी मिल रहा है। वे कहती हैं कि शासन की योजनाओं से श्रमिक परिवारों को आर्थिक सहारा मिलता है और बच्चों के भविष्य के लिए कुछ बचत कर पाना संभव होता है। उन्होंने इस सहायता के लिए श्रम विभाग, कोरबा और छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से महादेव पटेल को मिला स्वरोजगार का संबल, बेहतर हुई परिवार की जिंदगी
पत्नी के साथ शुरू किया कारोबार, मेहनत से संवार रहे परिवार का भविष्य
छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने का मिला अवसर, स्वनिधि योजना से बदली जिंदगी
कोरबा 09 अक्टूबर 2026/
छोटे कारोबार से परिवार की जरूरतें पूरी करने और बच्चों को बेहतर भविष्य देने की चाह रखने वाले जरूरतमंद लोगों के लिए अपना व्यवसाय शुरू करने हेतु पूंजी जुटाना एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने नगर पंचायत पाली के महादेव पटेल जैसे छोटे व्यापारियों को आर्थिक सहयोग देकर स्वरोजगार को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान किया है। योजना के तहत मिले ऋण से महादेव पटेल ने अपने काम का विस्तार किया और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए।
लाभार्थी श्री महादेव पटेल, पिता श्री राम सिंह पटेल, पहले सीमित स्तर पर सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। आमदनी सीमित होने के कारण घरेलू जरूरतों को पूरा करने और बच्चों की शिक्षा पर खर्च करने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ती थी। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत उन्हें पहली बार 15 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहायता का उपयोग उन्होंने अपनी पत्नी श्रीमती सुलेखा पटेल के साथ ठेले पर फल की दुकान शुरू करने में किया। नियमित मेहनत और व्यवसाय से होने वाली आमदनी ने उनके परिवार को आर्थिक रूप से संबल दिया। कारोबार से आय बढ़ने के साथ घर की आवश्यकताओं को पूरा करना आसान हुआ और बच्चों की शिक्षा के लिए भी बेहतर अवसर उपलब्ध होने लगे।
श्री पटेल बताते हैं, “पहले छोटी-मोटी बिक्री से परिवार चलाने में काफी मेहनत करनी पड़ती थी। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से 15 हजार रुपये का ऋण मिलने पर पत्नी के साथ फल का व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिला। इस काम से आमदनी बढ़ी और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत हुई। अब हम अपने बच्चों की पढ़ाई पर भी ध्यान दे पा रहे हैं और आत्मविश्वास के साथ अपना काम आगे बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के प्रति आभार व्यक्त करता हूं, जिनके नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से हम जैसे छोटे व्यापारियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।”
नगर पंचायत पाली क्षेत्र में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से छोटे कारोबारियों को अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिल रहा है। श्री प्रमोद पटेल बीज विक्रय का कार्य कर रहे हैं, श्रीमती गौरी प्रजापति सिलाई कार्य के माध्यम से आय अर्जित कर रही हैं और श्री रोशन पटेल पान दुकान का संचालन कर अपनी आजीविका मजबूत बना रहे हैं। स्वरोजगार से जुड़े इन प्रयासों के माध्यम से छोटे व्यापारी अपनी मेहनत को नियमित आमदनी में बदलते हुए परिवार की जरूरतों को पूरा करने और आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ रहे हैं।
सेवा सेतु पोर्टल से आसान हुई शासकीय सेवाओं तक पहुंच, स्नेहलता को तीन दिवस में मिला आय प्रमाण पत्र
ऑनलाइन आवेदन से समय और धन की बचत, बिना अनावश्यक भागदौड़ के मिली समयबद्ध सेवा
कोरबा, 09 अक्टूबर 2026/शासकीय सेवाओं का लाभ सहजता और निर्धारित समय-सीमा में मिलना आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत है। इसी उद्देश्य से संचालित सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से नागरिक घर के नजदीक लोक सेवा केंद्र से आवेदन कर आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त कर रहे हैं। डिजिटल व्यवस्था से आवेदन प्रक्रिया सरल होने के साथ समय और आर्थिक व्यय की बचत भी हो रही है।
कोरबा जिले की पाली तहसील अंतर्गत ग्राम नांनबाका निवासी कुमारी स्नेहलता, पिता श्री सूरजभान, को सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से महज तीन दिवस के भीतर आय प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। उन्होंने ग्राम सुतर्रा स्थित लोक सेवा केंद्र में आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। आवश्यक दस्तावेजों एवं पटवारी प्रतिवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका आवेदन नियमानुसार निराकृत किया गया और उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत तीन दिनों में प्रमाण पत्र मिल गया।
स्नेहलता ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आय प्रमाण पत्र बनवाने की पूरी प्रक्रिया सहज रही। उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा और न ही शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने पड़े। कम समय में प्रमाण पत्र मिलने से उनका समय और आने-जाने में होने वाला खर्च बचा। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से जरूरी शासकीय सेवाएं प्राप्त करना पहले की अपेक्षा आसान हुआ है।
स्नेहलता ने इस सुविधाजनक व्यवस्था के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की ऐसी जनहितैषी पहल से आम नागरिकों को समय पर सेवाएं मिल रही हैं। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से सरल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवा उपलब्ध होने से ग्रामीण नागरिकों के लिए शासकीय प्रक्रियाएं अधिक सुविधाजनक बन रही हैं।
शासन की योजनाओं से ग्रामीण महिलाओं को मिल रहा आत्मनिर्भरता का नया अवसर
बिहान योजना से बदली गायत्री की राह, बुटीक सेंटर से बढ़ी आमदनी, मिला आर्थिक संबल
कोरबा 09 अक्टूबर 2026/ग्रामीण विकास को नई गति देने में शासन की योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। बिहान योजना के माध्यम से गांव की महिलाओं को स्व सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों, वित्तीय सहयोग और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे महिलाओं की आय के साधन मजबूत हो रहे हैं और परिवारों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम कटोरीनगोई की श्रीमती गायत्री राज ने भी बिहान योजना से जुड़कर अपने हुनर को आजीविका का साधन बनाया है।
श्रीमती गायत्री राज बिहान योजना के अंतर्गत सत्या स्व सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें सीआईएफ फंड का लाभ मिला। अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने बैंक से 1 लाख रुपये का ऋण लिया और बुटीक सेंटर शुरू किया। आज वह स्वयं बुटीक सेंटर का संचालन कर रही हैं और नियमित रूप से आय अर्जित कर रही हैं।
बुटीक सेंटर से उन्हें प्रतिमाह 15 हजार रुपये से अधिक की आमदनी हो रही है। इस आय से वह परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग कर रही हैं। अपने काम से मिली आर्थिक मजबूती ने उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है। स्वरोजगार के माध्यम से वह अपने परिवार की जिम्मेदारियों में सहभागी बनते हुए आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रही हैं।
लाभार्थी श्रीमती गायत्री कहती हैं, “बिहान योजना से जुड़ने के बाद मुझे अपने काम को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। स्व सहायता समूह के माध्यम से मिले सहयोग और बैंक ऋण से मैंने बुटीक सेंटर शुरू किया। आज इससे हर महीने 15 हजार रुपये से अधिक की आय हो रही है। इस आमदनी से परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सहयोग कर पा रही हूं। अपने काम से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला, इसके लिए मैं शासन और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करती हूं।”
सेवा संकल्प अभियान के तहत बालको जोन में लगेगा सेवा सेतु शिविर आज
उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन होंगे शामिल
कोरबा, 09 अक्टूबर 2026/सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा 10 अक्टूबर को बालको जोन में सेवा सेतु शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगा। इसका उद्देश्य नागरिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ उनकी समस्याओं एवं आवेदनों के निराकरण में सहायता करना है। सेवा सेतु शिविर में उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन शामिल होंगे।
शिविर में राजस्व, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, खाद्य, महिला एवं बाल विकास, श्रम, समाज कल्याण, विद्युत, सहकारिता, कौशल विकास, उद्योग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, परिवहन सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। नागरिक संबंधित सेवाओं की जानकारी ले सकेंगे और अपनी आवश्यकता के अनुसार आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।
नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपनी समस्या या आवेदन से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में उपस्थित होकर इसका लाभ उठाएं।
खरीफ 2026 में कृषक उन्नति योजना का लाभ लेने हेतु पात्र कृषक 31 अक्टूबर तक एकीकृत किसान पोर्टल एवं एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन करायें
कोरबा 09 अक्टूबर 2026/छत्तीसगढ़ शासन, कृषि एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, नवा रायपुर, अटल नगर द्वारा प्रदेश में फसल क्षेत्राच्छादन, उत्पादन, उत्पादकता में वृद्धि करने, फसल कास्त लागत में कमी कर आय में वृद्धि करने, नवीन कृषि तकनीकी में निवेश को प्रोत्साहन, एवं बाजारोन्मुखी फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना के क्रियान्वयन हेतु दिशा-निर्देश जारी किया गया है।
शासन द्वारा जारी दिशा निर्देश में कृषक उन्नति योजना का लाभ लेने हेतु कृषकों को एकीकृत किसान पोर्टल एवं एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराना आवश्यक है। एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत ऐसे समस्त कृषक, जिन्होने विगत खरीफ में धान की फसल लेने वाले ऐसे कृषक, जिन्होने आगामी खरीफ में धान के बदलें अन्य खरीफ फसल लेने हेतु एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन कराया हो, खरीफ में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की फसल लेने हेतु पंजीयन कराया हो, योजनांतर्गत पात्र होंगे। विधिक व्यक्तियों यथा ट्रस्ट/मण्डल/प्राईवेट लिमि. कंपनी/शाला विकास समिति/केन्द्र एवं राज्य शासन के संस्थान/महाविद्यालय आदि संस्थाओं को योजना से लाभ लेने की पात्रता नही होगी।
योजनांतर्गत आदान सहायता राशि कृषकों के बैंक खातें में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डी.बी.टी.) के माध्यम से की जाएगी। विगत खरीफ में धान की फसल लेने वाले ऐसे कृषक, जिन्होने आगामी खरीफ में धान के बदलें अन्य खरीफ फसल लेने हेतु एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन कराया हो, उन्हे एग्रीस्टेक पर पंजीयन तथा डिजिटल क्रॉप सर्वे में रकबें की पुष्टि उपरांत मान्य रकबें पर राशि रूपये 15 हजार प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। विगत वर्ष के फसल एवं रकबें की पुष्टि डिजिटल क्रॅाप सर्वे के डेटा से तथा जहां यह डेटा उपलब्ध नही हो, वहां जिला कलेक्टर की अनुमति से गिरदावरी के डेटा से पुष्टि की जाएगी। पूर्व से ही खरीफ में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की फसल लेने वाले कृषकों को एकीकृत किसान पोर्टल तथा एग्रीस्टेक पर पंजीयन एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे में रकबें की पुष्टि उपरांत मान्य रकबें पर पूर्ववत् राशि रूपये 10 हजार प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। जिन क्षेत्रों में रकबें की पुष्टि हेतु डिजिटल क्रॉप सर्वे का डेटा उपलब्ध नही है, वहां जिला कलेक्टर की अनुमति पर गिरदावरी से सत्यापित रकबें पर आदान सहायता राशि दी जाएगी। कलेक्टर के निर्देशानुसार खरीफ वर्ष 2026 में फसलवार, रकबावार, खसरावार शत्-प्रतिशत् एवं त्रुटिरहित गिरदावरी/ई-गिरदावरी करने राजस्व एवं कृषि विभाग के मैदानी अमलें को भू-अभिलेख कोरबा द्वारा आदेश जारी किया गया है। भू-अभिलेख द्वारा डिजिटल क्रॉप सर्वे करने हेतु सर्वेयरों की नियुक्ति किया जाकर तहसील स्तर पर प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
उप संचालक कृषि श्री डी.पी.एस. कंवर, द्वारा जिलें के समस्त इच्छुक एवं पात्र कृषकों से अपील की गई है कि शासन द्वारा जारी दिशा निर्देश में कृषक उन्नति योजना का लाभ लेने हेतु कृषकों को एकीकृत किसान पोर्टल एवं एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराना सुनिश्चित करें। एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन हेतु पात्र एवं इच्छुक कृषक आवश्यक दस्तावेज सहित नजदीकी सहकारी समिति से संपर्क करे। एग्रीस्टेक छ.ग. फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल में पंजीयन कराने के लिए किसानों को अपने साथ आधार कार्ड, भूमि का अद्यतन ऋण पुस्तिका/ब-1, खसरा तथा विशेष रूप से आधार कार्ड से लिंक मोबाईल नंबर लेकर नजदीकी लोक सेवा केन्द्र अथवा सेवा सहकारी समिति पहुंचना होगा। पंजीयन के दौरान आधार कार्ड लिंक मोबाईल नंबर पर ओ.टी.पी. प्राप्त होगी, जिसके जरिये ही सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण की जा सकेगी। तदोपरांत सत्यापन का कार्यवाही संबंधित क्षेत्र के पटवारी के लॉगिन से तथा अनुमोदन की कार्यवाही तहसीलदार लॉगिन से की जायेगी। एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पोर्टल में किसान पंजीयन तथा समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन, कृषक उन्नति योजना, प्राईस सपोर्ट स्कीम, अंतर्गत पंजीकृत रकबें का समयावधि में गिरदावरी/ई-गिरदावरी/डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्य के संबंध में अधिक जानकारी हेतु किसान अपने क्षेत्र के पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, सेवा सहकारी समिति अथवा लोक सेवा केन्द्र से संपर्क कर सकते है।
दिशा प्रोजेक्ट के अंतर्गत अतिथि शिक्षकों की भर्ती के लिए वॉक-इन इंटरव्यू आज
कोरबा, 09 अक्टूबर 2026/जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोरबा द्वारा दिशा प्रोजेक्ट के अंतर्गत अतिथि शिक्षकों के अस्थायी नियोजन के लिए 10 अक्टूबर 2026 को वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान, गणित, हिंदी और अंग्रेजी विषयों में एक-एक अतिथि शिक्षक का चयन किया जाएगा।
इंटरव्यू के लिए पंजीयन सुबह 10.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा। दोपहर 12 बजे के बाद साक्षात्कार लिया जाएगा। आयोजन स्थल एसईसीबी, कोरबा स्थित हिंदी माध्यम विद्यालय निर्धारित है।
संबंधित विषय में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर, बी.एड. तथा विद्यालय में पीजीटी के रूप में कम से कम 7 वर्ष का अनुभव रखने वाले अभ्यर्थी पात्र होंगे। चयन दस्तावेज सत्यापन, शैक्षणिक एवं अनुभव के अंकों, डेमो अध्यापन और संरचित साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। चयनित अतिथि शिक्षक को शर्तों के अधीन अधिकतम 10 माह तक ₹35,000 प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा।
अभ्यर्थियों को मूल प्रमाण-पत्र, स्वप्रमाणित प्रतियां, फोटो, पहचान-पत्र और निर्धारित आवेदन प्रारूप साथ लाना होगा। विस्तृत दिशा-निर्देश और आवेदन प्रारूप korba.gov.in वेबसाइट तथा कार्यालय के सूचना पटल पर उपलब्ध हैं। किसी भी स्तर पर अपात्रता या गलत जानकारी मिलने पर अभ्यर्थिता निरस्त की जा सकती है।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर रंगोली, पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिताओं से दिया जागरूकता का संदेश
कोरबा, 09 अक्टूबर 2026/विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए रंगोली, पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से आमजन को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, मानसिक समस्याओं की पहचान तथा समय पर परामर्श और उपचार लेने के प्रति जागरूक किया गया।
सेमिनार को संबोधित करते हुए सीएमएचओ ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य स्वस्थ जीवन का अभिन्न अंग है। शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी आमजन तक पहुंचाने तथा मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर अधिष्ठाता डॉ. के. के. सहारे, सहित अधिकारी-कर्मचारी तथा मेडिकल एवं नर्सिंग के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
10 अक्टूबर को स्वच्छता कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक
कोरबा, 09 अक्टूबर 2026/
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग, भारत सरकार के उपाध्यक्ष श्री कैशब बिहारी की अध्यक्षता में 10 अक्टूबर 2026 को प्रातः 11 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष, कोरबा में बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में स्वच्छता कर्मचारी एवं सफाई कर्मचारी एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
जिले के सहकारी समितियों में एग्रीस्टेक पंजीयन एवं खसरा अद्यतन हेतु 21 अक्टूबर
तक विशेष अभियान
कोरबा 09 अक्टूबर 2026/खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 अंतर्गत पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का कार्य 15 अक्टूबर से संभावित हैै। शासन के निर्देशानुसार खरीफ वर्ष 2026-27 हेतु 31 अक्टूबर तक किसान पंजीयन का कार्य सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा रहा हैै। किसान पंजीयन से पूर्व किसानों को एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराना आवश्यक है। एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन उपरांत की नवीन किसान पंजीयन की कार्यवाही की जा सकेगी। इसी प्रकार खरीफ वर्ष 2025-26 में पंजीकृत किसानों को पुनः पंजीयन कराने की आवश्यकता नही होगी। पूर्व में पंजीकृत किसानों द्वारा सहकारी समितियों में जाकर पंजीकृत रकबा एवं खसरा का मिलान करा लिया जावे। किसान पंजीयन में पंजीकृत रकबा एंव खसरा मिलान नहीं होने की स्थिति में एग्रीस्टेक पंजीयन में खसरा अद्यतन कराने की कार्यवाही एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से किया जावे।
जिले के सभी 60 सहकारी समितियों में किसान पंजीयन हेतु दिनांक 21 अक्टूबर तक विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिस हेतु किसानों से अपील किया गया है कि खरीफ वर्ष 2026-27 अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान विक्रय हेतु एग्रीस्टेक पंजीयन कराते हुए 21 अक्टूबर 2026 तक आयोजित विशेष शिविर में जाकर अपना किसान पंजीयन की कार्यवाही की जावे।
विशेष लोक अदालत के अंतर्गत धारा 138 एन.आई. एक्ट प्रकरणों के निराकरण हेतु फाइनेंस कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित
कोरबा 09 अक्टूबर 2026/आगामी विशेष लोक अदालत में परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 (एन.आई.एक्ट) से संबंधित प्रकरणों के अधिकाधिक निराकरण के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोरबा द्वारा श्रीराम फाईनेंस कंपनी, चोलामण्डलम फाईनेंस कंपनी एवं जिला अन्तव्य साई अधिकारी समिति के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में न्यायाधीशगण की कमेटी द्वारा फाइनेंस कंपनियों के प्रतिनिधियों को विशेष लोक अदालत के माध्यम से लंबित धारा 138 एन.आई. एक्ट के प्रकरणों का आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के आधार पर निराकरण किए जाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में फाइनेंस कंपनियों से संबंधित लंबित प्रकरणों की जानकारी प्राप्त की गई तथा प्रकरणों में पक्षकारों के मध्य समझौते की संभावनाओं पर चर्चा की गई कि 21 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत में धारा 138 एन.आई. एक्ट से संबंधित सूची यथाशीध्र प्रस्तुत करें जिससे प्रकरणों का आपसी सहमति एवं समझौते के माध्यम से निराकरण करने का प्रयास किया जा सके। न्यायाधीशगण द्वारा उपस्थित अधिकारियों से अपील किया गया कि 21 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत में धारा 138 एन.आई. एक्ट से संबंधित सूची यथाशीध्र प्रस्तुत करें जिससे प्रकरणों का आपसी सहमति एवं समझौते के माध्यम से निराकरण करने का प्रयास किया जा सके एवं प्री-लिटिगेशन संबंधित प्रकरण इस माह की अंतिम तारीख तक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा में प्रस्तुत करें। इस अवसर पर न्यायाधीशगण, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा तथा विभिन्न फाइनेंस कंपनियों के अधिकारी/अधिवक्तागण उपस्थित रहे। विशेष लोक अदालत के माध्यम से अधिकाधिक प्रकरणों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।









