
अम्बिकापुर 09 अक्टूबर 2026/ पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के हाथी प्रभावित ग्राम मरडीह, फुंगी और कुरमंतपारा का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने हाथियों की गतिविधियों से प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा क्षेत्र में हुए नुकसान की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने वन विभाग के अधिकारियों, एसडीएम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंत्री श्री अग्रवाल ने प्रभावित गांवों के भ्रमण के दौरान ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और हाथियों के कारण उत्पन्न परिस्थितियों तथा उन्हें हो रही परेशानियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान और राहत संबंधी कार्रवाई की जानकारी प्राप्त की। मंत्री श्री अग्रवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि हाथियों से प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो तथा उनके नुकसान का नियमानुसार आकलन कर मुआवजा प्रदान करने की प्रक्रिया प्राथमिकता के साथ पूरी की जाए।
प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने में न हो अनावश्यक विलंब
मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि हाथियों के कारण हुए नुकसान का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ आकलन किया जाए। प्रभावित परिवारों के प्रकरणों में आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को समय पर राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में विभागीय समन्वय बनाए रखते हुए त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए।
मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि हाथियों की गतिविधियों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पन्न परिस्थितियों को लेकर शासन पूरी तरह संवेदनशील है। ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को आवश्यक राहत दिलाने के लिए सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करना होगा।
जनता की सुरक्षा और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहना हमारी प्राथमिकतारू मंत्री श्री अग्रवाल
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हाथी प्रभावित क्षेत्र में हुए नुकसान की जानकारी मिलते ही आज मैं स्वयं ग्रामीणों के बीच पहुंचा हूं। प्रभावित परिवारों की समस्याओं को समझना और उन्हें समय पर राहत दिलाना हमारी जिम्मेदारी है। मैंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नुकसान का शीघ्र आकलन कर प्रभावित परिवारों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। जनता की सुरक्षा, प्रभावित परिवारों को राहत और हर परिस्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़े रहना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के साथ वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को आपसी समन्वय से कार्य करना चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
ग्रामीणों से सतर्क रहने और वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील
मंत्री श्री अग्रवाल ने ग्रामीणों से अपील की कि हाथियों की मौजूदगी के दौरान पूरी सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा वन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। हाथियों की गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की जागरूकता, सतर्कता और प्रशासन के साथ समन्वय से संभावित खतरों को कम किया जा सकता है।
मंत्री श्री अग्रवाल ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शासन और प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान तथा प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित गांवों की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा ग्रामीणों की सुरक्षा और राहत संबंधी कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी, एसडीएम, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
अम्बिकापुर 09 अक्टूबर 2026/ संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा, अम्बिकापुर के कुलपति प्रो. राजेन्द्र लाकपाले ने छात्रहित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ऑनलाइन परीक्षा आवेदन के दौरान असाइनमेंट शुल्क नहीं लेने का निर्णय लिया है। इससे विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम एवं प्रश्नपत्रों की संख्या के अनुसार लगभग 400 से 500 रुपये तक की आर्थिक राहत मिलेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार विभिन्न विद्यार्थियों एवं छात्र संगठनों द्वारा असाइनमेंट शुल्क में राहत प्रदान करने की मांग की गई थी। इस पर सकारात्मक विचार करते हुए प्रति प्रश्नपत्र 100 रुपये की दर से निर्धारित असाइनमेंट शुल्क की राशि ऑनलाइन परीक्षा आवेदन पोर्टल के माध्यम से नहीं लेने का निर्णय लिया गया है। इससे परीक्षा आवेदन के समय विद्यार्थियों पर आर्थिक भार कम होगा।
विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 की दिसम्बर 2026 सेमेस्टर परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया संचालित की जा रही है। अधिसूचना क्रमांक 1269/परीक्षा/पूरक परीक्षा/2026, दिनांक 24 सितम्बर 2026 के अनुसार विद्यार्थी 01 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2026 तक विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.sggcg.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि परीक्षा शुल्क एवं प्रायोगिक परीक्षा शुल्क विश्वविद्यालय की 29 मई 2026 तथा संशोधित अधिसूचना 29 जुलाई 2026 के प्रावधानों के अनुसार देय होंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संबंधित विद्यार्थियों से निर्धारित समय-सीमा में ऑनलाइन परीक्षा आवेदन पूर्ण करने तथा पोर्टल पर दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।









