
*सेवा की कहानी
*रायपुर, 12 अक्टूबर 2026/* प्रधानमंत्री आवास योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए सुरक्षित और पक्का आवास उपलब्ध कराने के साथ उनके जीवन में खुशहाली लाने का माध्यम बन रही है। इस योजना से लाभान्वित बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड के ग्राम कुरन्दी निवासी श्रीमती रतना नाग आज अपने परिवार के साथ पक्के मकान में सुकून का जीवन व्यतीत कर रही हैं। कभी झोपड़ीनुमा खपरैल मकान में रहने वाली रतना के लिए पक्का घर किसी सपने के सच होने जैसा है। वह अपने परिवार को सुरक्षित आवास की सौगात देने के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।
रतना नाग एक निर्धन किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनका चार सदस्यीय परिवार पहले झोपड़ीनुमा खपरैल मकान में रहता था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने और मकान में सीलन होने के कारण परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। वहीं सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के घर में प्रवेश करने का भय भी हमेशा बना रहता था। ऐसे में परिवार के लिए सुरक्षित आवास की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
इसी दौरान वर्ष 2024-25 में ग्राम पंचायत की बैठक के माध्यम से रतना को जानकारी मिली कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों की सूची में उनका नाम भी शामिल है। इसके बाद उन्हें योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन भरने और आवश्यक दस्तावेज जमा करने के लिए कहा गया। ग्राम पंचायत सचिव ने भी आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में सहयोग किया। इसके फलस्वरूप वर्ष 2024-25 में उनके आवास निर्माण को स्वीकृति मिली।
योजना के अंतर्गत रतना नाग को तीन किस्तों में कुल एक लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई। इसमें पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये, दूसरी किस्त में 60 हजार रुपये और तीसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये मिले। रतना ने अपनी बचत के करीब 20 हजार रुपये भी इस निर्माण में लगाए और अपने परिवार के लिए दो कमरों का पक्का मकान तैयार कराया।
*आवास निर्माण के साथ मनरेगा से मिला रोजगार*
रतना नाग के लिए इस योजना का लाभ केवल पक्का मकान मिलने तक सीमित नहीं रहा। आवास निर्माण के दौरान उन्होंने और उनके पति पाकलू ने मनरेगा के तहत मजदूरी कर रोजगार भी प्राप्त किया। इससे परिवार को अतिरिक्त आमदनी हुई और घर बनाने के प्रयास में आर्थिक सहयोग मिला। इस तरह पक्के आवास के साथ परिवार को रोजगार का अवसर भी प्राप्त हुआ।
*अब बारिश की चिंता नहीं, परिवार के साथ सुरक्षित जीवन*
आज रतना नाग अपने दो कमरों के पक्के मकान में परिवार के साथ खुशहाल जीवन बिता रही हैं। अब उन्हें बारिश में छत टपकने, सीलन और जहरीले जीव-जंतुओं के भय जैसी परेशानियों से राहत मिल गई है। उनका घर परिवार के लिए सुरक्षा, सुकून और बेहतर भविष्य की उम्मीद का प्रतीक बन गया है।
रतना नाग कहती हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके परिवार को सुरक्षित छत उपलब्ध कराकर जीवन की बड़ी चिंता दूर कर दी है। वह सरकार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए इसे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में एक संवेदनशील पहल बताती हैं। उनके लिए यह पक्का मकान केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, खुशहाली और आत्मविश्वास का नया आधार है।









