
इस अवसर पर मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि माँ दुर्गा शक्ति, साहस, करुणा और कल्याण की अधिष्ठात्री देवी हैं। उनकी आराधना हमें जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और लोककल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। हमारी सनातन संस्कृति में देवी आराधना का विशेष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। माँ जगदंबा के प्रति अटूट आस्था हमारी समृद्ध धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि सरगुजा अंचल की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराएँ प्रदेश की गौरवशाली विरासत को समृद्ध बनाती हैं। यहाँ के देवी-देवताओं के प्रति जनमानस की श्रद्धा और आस्था हमारी सांस्कृतिक एकता तथा सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करती है। श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण एवं संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। हमारी आस्था के केंद्र न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, संस्कारों और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं। धार्मिक पर्यटन के माध्यम से स्थानीय संस्कृति को नई पहचान मिलने के साथ ही क्षेत्र में रोजगार और आजीविका के अवसरों को भी बढ़ावा मिलता है। मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि मेरी यही प्रार्थना है कि छत्तीसगढ़ में विकास की गति निरंतर तेज हो, समाज के सभी वर्गों का कल्याण हो तथा प्रदेश खुशहाली, समृद्धि और सांस्कृतिक गौरव के नए शिखर को प्राप्त करे।









