
धमतरी, 30 अक्टूबर 2026/ दीपावली पर्व के दौरान निर्मित स्थायी एवं अस्थायी संरचनाओं तथा पंडालों में संचालित पटाखा दुकानों में अग्नि सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य किया गया है। जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी नगर सेना धमतरी ने बताया कि दुकान संचालकों को अग्निशमन यंत्र सहित सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने होंगे। नियमों की अनदेखी से होने वाली किसी भी घटना के लिए संबंधित दुकान संचालक स्वयं जिम्मेदार होंगे।
जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, पटाखा दुकानें किसी भी ज्वलनशील पदार्थ जैसे-कपड़े, बांस, रस्सी और टेंट इत्यादि का न होकर अज्वलनशील सामग्री से बने टिन शेड द्वारा निर्मित होना चाहिए। पटाखा दुकान एक दूसरे से कम से कम तीन मीटर की दूरी रखना अनिवार्य होगा। साथ ही दुकानों को एक-दूसरे के ठीक सामने भी नहीं बनाया जा सकेगा।
बिजली और आग से बचाव के लिए विशेष सावधानी
पटाखा दुकानों में रोशनी के लिए तेल के लैंप, गैस लैंप और खुली बिजली बत्ती का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। विद्युत तारों के जोड़ खुले नहीं होने चाहिए तथा प्रत्येक मास्टर स्विच में फ्यूज या सर्किट ब्रेकर लगाना अनिवार्य होगा, ताकि शॉर्ट सर्किट की स्थिति में बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो सके। दुकानों को ट्रांसफार्मर के पास नहीं बनाया जाएगा और न ही उनके ऊपर से हाईटेंशन बिजली लाइन गुजरनी चाहिए। प्रत्येक पटाखा दुकान में पांच किलोग्राम क्षमता का डीसीपी (ड्राई केमिकल पाउडर) अग्निशामक यंत्र रखना होगा। इसके अलावा दुकानों के सामने निर्धारित अंतराल पर 200 लीटर क्षमता के पानी से भरे ड्रम और बाल्टियों की व्यवस्था भी करनी होगी।
50 मीटर के दायरे में आतिशबाजी प्रदर्शन पर रोक
सुरक्षा के मद्देनजर किसी भी पटाखा दुकान से 50 मीटर के भीतर आतिशबाजी का प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। दुकानों के सामने बाइक और कार की पार्किंग भी प्रतिबंधित रहेगी, ताकि आपात स्थिति में अग्निशमन वाहनों की आवाजाही बाधित न हो। अग्निशमन विभाग और एम्बुलेंस के संपर्क नंबर दुकान परिसर में प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि अग्निशमन वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध रखी जाए। आवश्यकता एवं उपलब्धता के अनुसार शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक अग्निशमन वाहनों को स्टैंडबाय ड्यूटी पर तैनात किया जा सकता है।
प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य दीपावली के दौरान पटाखों की बिक्री के साथ-साथ आम नागरिकों, दुकानदारों और आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ऐसे में पटाखा दुकान संचालकों से सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों का गंभीरता से पालन करने की अपेक्षा की गई है।








