
राजनांदगांव 30 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशन तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के मागदर्शन में सुरक्षित बचपन अभियान ए पैन इंडिया स्कूल अवेयरनेस कैंपेन ऑन द प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फाम सेक्सुअल ऑफेन्स एक्ट 2012 का प्रारंभ किया गया है। प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश श्री विजय कुमार होता के निर्देशन में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत प्रथम चरण अंतर्गत 26 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विद्यालयों में विशेष विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
इसी अनुक्रम में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत पीएमश्री नगरपालिक निगम शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला राजनांदगांव में शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी राजनांदगांव श्री निलेश जगदल्ला, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रीति नागवंशी, प्रशिक्षु न्यायाधीश, श्री शुभम सिंह राठौर, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी अंग्रेजी माध्यम स्कूल राजनांदगांव, विधि सारथी श्री पुष्करराज बख्शी, देवकानंद जैन उच्चतर माध्यमिक शाला राजनांदगांव एवं श्री प्रवीण मल्ल वक्ता के रूप में उपस्थित रहें।
व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी राजनांदगांव श्री निलेश जगदल्ला एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रीति नागवंशी ने अपने वक्तव्य में नालसा द्वारा संचालित सुरक्षित बचपन अभियान के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम 2012 के प्रावधानों को बताया। उन्होंने ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थियों को अपनी व्यक्तिगत सीमाओं एवं सुरक्षित व असुरक्षित व्यवहार की समझ होनी चाहिए। किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में बिना डर के अपने अभिभावकों या शिक्षकों को तुरंत सुचित करना चाहिए। आज के युग में ऑनलाईन खतरों एवं साइबर अपराधों से खुद को सुरक्षित रखें। किसी भी गलत आचरण एवं उत्पीडऩ के खिलाफ तुरंत आवाज उठाएं, चुप नहीं बैठे। आपातकालीन स्थितियों में तुरंत विधिक सहायता नालसा हेल्प लाइन 15100 एवं चाईल्ड हेल्प लाइन 1098 में सम्पर्क करें। शिविर में बच्चों को यह भी बताया गया कि अगर ऐसा कोई अनुचित व्यवहार आपके साथ किया जाता है तो तत्काल ही अपने माता-पिता को जानकारी दें, ताकि तात्कालिक रूप से उचित कार्यवाही की जा सके। अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मन से इस डर को निकालना एवं विश्वास दिलाना है कि कोई भी ऐसा सिक्रेट बातें, जो आपको डराती हो उसे छिपाना नहीं है। माता-पिता एवं शिक्षक हमेशा उनके साथ है।
सुरक्षित बचपन अभियान के इसी अनुक्रम में जिले के साथ-साथ तालुक विधिक सेवा समिति छुईखदान में शासकीय प्राथमिक शाला कोर्राय छुईखदान, खैरागढ़ में शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, बढ़ईटोला एवं अम्बागढ़ चौकी में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गौलीटोला में न्याय मित्रों द्वारा व्यापक स्तर पर विद्यालयीन छात्र-छात्राओं के मध्य पॉक्सो अधिनियम की जानकारी प्रदान करते हुए गुड टच व बैड टच के बीच के अंतर को स्पष्टकर बच्चों को जागरूक किया गया।









