
बिहान स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को बकरी पालन, ई-रिक्शा एवं मछली पालन से जोड़ने की पहल; सीईओ जिला पंचायत जयंत नाहटा ने ग्राम पंचायत राजपुर का किया भ्रमण
धमतरी, 30 अक्टूबर 2026। ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर विकसित करने, महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने तथा गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने के उद्देश्य से जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा ने मगरलोड विकासखंड की ग्राम पंचायत राजपुर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने बिहान स्व-सहायता समूह की महिलाओं से सीधा संवाद कर उनकी आजीविका गतिविधियों, उपलब्ध संसाधनों और स्वरोजगार की संभावनाओं की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं को पारंपरिक गतिविधियों के साथ नए व्यवसायों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने तथा समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए योजनाबद्ध ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए।
सीईओ जिला पंचायत श्री नाहटा ने बकरी पालन को ग्रामीण महिलाओं के लिए आय संवर्धन की उपयोगी गतिविधि बताते हुए इच्छुक स्व-सहायता समूहों की पहचान करने, उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने तथा विभागीय योजनाओं से जोड़ने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने प्रोजेक्ट आंगन लक्ष्मी के माध्यम से भी महिलाओं के लिए आजीविका के बेहतर अवसर विकसित करने पर जोर दिया। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए पात्र महिलाओं को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में उन्होंने गौण खनिज मद से सखी-सहेली स्व-सहायता समूह को ई-रिक्शा उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने समूह की आवश्यकता एवं उपयोगिता का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा महिलाओं के लिए स्वरोजगार का प्रभावी माध्यम बन सकता है। इससे समूह की आय में वृद्धि के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन एवं अन्य सेवाओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
भ्रमण के दौरान उन्होंने ‘हमर गांव हमर स्कूल’ पहल के अंतर्गत बुनियादी शिक्षा को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर पर बच्चों की पढ़ने, लिखने और गणितीय समझ का विकास शिक्षा की मजबूत नींव है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर प्रभावी व्यवस्था विकसित करने तथा बिहान कैडर के माध्यम से शिक्षकों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों की शैक्षणिक दक्षता में सुधार के लिए समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा नियमित अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर बल दिया।
ग्राम पंचायत में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए सीईओ जिला पंचायत ने नया तालाब, मुक्तिधाम, बालिका शौचालय एवं सेंट फिल्टर से संबंधित विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्वीकृत कार्यों की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराने तथा गुणवत्ता, उपयोगिता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का लाभ ग्रामीणों को समय पर मिले, इसके लिए पंचायत स्तर पर नियमित निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।
इसके साथ ही उन्होंने नए तालाब को आजीविका संवर्धन के संसाधन के रूप में विकसित करने पर जोर देते हुए उसमें मछली पालन की गतिविधियां शुरू करने की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने मछली पालन के इच्छुक ग्रामीणों एवं स्व-सहायता समूहों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और विभागीय योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। इससे ग्रामीणों को अतिरिक्त आय का स्रोत उपलब्ध होने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी विकसित होंगे।
श्री नाहटा ने कहा कि गांवों का समग्र विकास तभी संभव है, जब आजीविका, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को एक साथ प्राथमिकता दी जाए। महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी, स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग और सामुदायिक सहयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इस दौरान सीईओ जनपद पंचायत मगरलोड श्री रोहित बोर्झा सहित जिला पंचायत के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।









