
अम्बिकापुर 30 अक्टूबर 2026/ सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से सरगुजा जिले में डीडीएचआई (DDHI) प्रोग्राम के तहत जिला स्तरीय बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप 28 अक्टूबर को कलेक्टोरेट अम्बिकापुर स्थित सीजी स्वान स्टूडियो (डीपीसी) में आयोजित प्रशिक्षण में आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों ने सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञ श्री दिनेश शर्मा एवं श्री प्रीतम शर्मा ने जिले में डीडीएचआई प्रोग्राम के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी दी। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों का विश्लेषण करने, दुर्घटनास्थलों की पहचान तथा आवश्यक सुधारात्मक उपायों के संबंध में प्रशिक्षण दिया।
विशेषज्ञों ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं की प्रभावी रोकथाम के लिए दुर्घटनास्थलों का व्यवस्थित निरीक्षण एवं तथ्य आधारित विश्लेषण आवश्यक है। इसके माध्यम से सड़क की स्थिति, दुर्घटना के संभावित कारणों तथा आवश्यक सुधारों की पहचान कर दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की दिशा में कार्य किया जा सकेगा।
प्रशिक्षण में सभी सड़क निर्माण एजेंसियों एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को डीडीएचआई प्रोग्राम के अंतर्गत विभागवार स्थल निरीक्षण प्रतिवेदन ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया समझाई गई। इससे दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर संबंधित स्थलों पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन के परिवहन विभाग के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों की पहचान कर दुर्घटनास्थलों में आवश्यक सुधार करना तथा सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को कम करना है।
समाचार क्रमांक 320/2026/अजीत
अम्बिकापुर 30 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के अंतर्गत संचालित वाहन क्रमांक CG 15 A 6344 को लेकर दैनिक भास्कर समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार का परिवहन विभाग ने खंडन करते हुए वस्तुस्थिति स्पष्ट की है। विभाग ने बताया कि उक्त वाहन का नियमित रखरखाव किया जा रहा है। आवश्यक तकनीकी जांच एवं सुरक्षा मानकों के परीक्षण में वाहन संचालन योग्य पाया गया है। बस का संचालन निर्धारित परिवहन नियमों एवं यात्रियों की सुरक्षा संबंधी मानकों के अनुरूप किया जा रहा है।
परिवहन विभाग द्वारा जारी स्पष्टीकरण के अनुसार वाहन क्रमांक CG 15 A 6344 का फिटनेस प्रमाणपत्र 18 मार्च 2026 से 17 मार्च 2027 तक वैध है। इसी प्रकार प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) 27 अक्टूबर 2026 से 26 अप्रैल 2027 तथा बीमा प्रमाणपत्र 24 फरवरी 2026 से 23 फरवरी 2027 तक वैध है। वाहन में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) भी स्थापित है, जिसकी वैधता 3 मार्च 2025 से 3 मार्च 2027 तक है। इसके माध्यम से वाहन की लोकेशन एवं संचालन की निगरानी की जा सकती है।केवल पुराने मॉडल के आधार पर वाहन को कंडम नहीं माना जा सकता
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी वाहन के पुराने मॉडल अथवा अधिक आयु का होने मात्र से उसे कंडम नहीं माना जा सकता। इस संबंध में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की युगलपीठ द्वारा डॉ. संदीप जैन विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन प्रकरण में पारित निर्णय का उल्लेख करते हुए विभाग ने बताया कि राज्य शासन द्वारा वाहनों की आयु सीमा निर्धारित नहीं की जा सकती। वाहन की संचालन योग्यता का निर्धारण निर्धारित तकनीकी परीक्षण, वैध फिटनेस प्रमाणपत्र तथा लागू मोटरयान अधिनियम एवं परिवहन नियमों के प्रावधानों के आधार पर किया जाता है।
विभाग ने बताया कि वाहन के फिटनेस, प्रदूषण नियंत्रण, बीमा एवं VLTD संबंधी वैध दस्तावेज भी तथ्यों की पुष्टि के लिए संलग्न किए गए हैं। ऐसे में उक्त वाहन को कंडम बताने संबंधी प्रकाशित समाचार का खंडन किया गया है।
परिवहन विभाग ने दोहराया है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के अंतर्गत यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभाग सुरक्षित एवं नियमानुसार बस संचालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।









