
UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनाव की तैयारी में जुटने का संदेश दिया. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कामकाज की तारीफ की और उनके नेतृत्व में प्रदेश में हुए बदलावों को गिनाया. बैठक से यह संकेत मिला कि भाजपा आगामी चुनाव में योगी सरकार के कामकाज को प्रमुखता से जनता के बीच रखेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता भी पार्टी के चुनाव प्रचार का अहम हिस्सा होगी.
हिंदुत्व और विकास के मुद्दों पर रहेगा जोर
अमित शाह ने अपने संबोधन में साफ किया कि भाजपा चुनाव में हिंदुत्व के साथ विकास और कानून-व्यवस्था को भी बड़ा मुद्दा बनाएगी. उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का वादा भी दोहराया. पार्टी की कोशिश होगी कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाया जाए. इसके साथ ही भाजपा राम मंदिर निर्माण को भी अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में जनता के सामने रखेगी.
राम मंदिर और कारसेवकों पर गोलीबारी का उठेगा मुद्दा
अमित शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे जनता को भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच का अंतर बताएं. उन्होंने राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए 30 अक्टूबर 1990 को अयोध्या में कारसेवकों पर हुई गोलीबारी की घटना को भी चुनावी मुद्दा बनाने का संकेत दिया. भाजपा इस मुद्दे के जरिए सपा को घेरने की तैयारी में है. इससे आगामी विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच राजनीतिक मुकाबला और तेज हो सकता है.
योगी सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने की तैयारी
गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में हुए सुधार का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों और अराजक तत्वों पर कार्रवाई हुई है और कानून का राज स्थापित करने की दिशा में काम किया गया है. शाह ने कार्यकर्ताओं से सरकार के इन कामों को लोगों तक पहुंचाने को कहा. बैठक से यह संदेश मिला कि भाजपा योगी सरकार के कामकाज को चुनाव में अपनी बड़ी ताकत बनाएगी.
बूथ मजबूत करने और कार्यकर्ताओं से जुड़ने पर जोर
अमित शाह ने पार्टी नेताओं को हर बूथ पर संगठन मजबूत करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि पदाधिकारी, सांसद, विधायक और मंत्री केवल अपने कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि जनता और कार्यकर्ताओं के बीच जाएं. लोगों की समस्याएं सुनें और उनका समाधान कराने का प्रयास करें. उन्होंने कार्यकर्ताओं की नाराजगी और उनकी अपेक्षाओं को भी समझने की जरूरत बताई. शाह ने भरोसा दिलाया कि वह समय-समय पर उत्तर प्रदेश आकर संगठन के कामकाज की समीक्षा करेंगे.
मोदी-योगी सरकार के विकास कार्यों का होगा प्रचार
शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यों का जिक्र किया. उन्होंने प्रदेश में एक्सप्रेसवे के विस्तार और उद्योगों को बढ़ावा मिलने जैसी उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की बात कही. साथ ही कार्यकर्ताओं को समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाने को कहा. भाजपा की रणनीति है कि विकास के मुद्दे पर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाने के साथ विपक्ष को भी घेरा जाए.
नाराज कार्यकर्ताओं को साथ लाने की कोशिश
अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को संगठन की सबसे बड़ी ताकत बताया. उन्होंने कहा कि पद और प्रतिष्ठा से ज्यादा जरूरी राष्ट्र, समाज और लोगों के कल्याण के लिए काम करना है. उनके इस संदेश को पार्टी के भीतर नाराज और खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे कार्यकर्ताओं को साथ लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. बैठक के जरिए भाजपा ने 2027 के चुनाव के लिए संगठन को सक्रिय करने, सरकार की उपलब्धियां गिनाने और विपक्ष को घेरने की रणनीति का संकेत दिया है.






