
बात वर्ष 2009-10 की है. अमेरिका में पढ़ाई करने वाली एक लड़की छुट्टियों में भारत आयी थी. उसे कॉलेज का प्रोजेक्ट ऑनलाइन सबमिट करना था. इंटरनेट की स्लो स्पीड की वजह से वह अपना असाइनमेंट सबमिट नहीं कर पायी. उसने अपने भाई से पूछा- हमारे देश में अमेरिका जैसा हाई स्पीड इंटरनेट क्यों नहीं है? इसका सॉल्यूशन क्या है? इस पर उसके भाई ने कहा- इस समस्या का समाधान डिजिटल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म कंपनी ही दे सकती है.
करीब 19-20 साल पहले जिन 2 लोगों के बीच यह बातचीत हुई थी, उनके नाम हैं- ईशा अंबानी और आकाश अंबानी. दोनों रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी के बच्चे हैं. इशा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुद बताया कि कैसे उनकी परेशानी ने रिलायंस को भारत में डिजिटल क्रांति की प्रेरणा दी. 5 सितंबर 2016 को Jio का 4G सिम लांच हुआ और लोगों को हाई स्पीड इंटरनेट सेवा मिलने लगी. 4जी सेवा की लांचिंग के 10 साल बाद अब जियो के 53 करोड़ ग्राहक बन गये हैं. आकाश अंबानी उस कंपनी के सर्वेसर्वा हैं.
जिस समय जियो बाजार में आया, उस समय भारती एयरटेल के 26.27 करोड़, वोडाफोन के 20 करोड़, आइडिया सेल्युलर के 18.02 करोड़ और बीएसएनएल के 8.5 से 9 करोड़ ग्राहक थे. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के आंकड़े बताते हैं कि सितंबर 2026 में भारती एयरटेल के ग्राहकों की संख्या बढ़कर 49.42 करोड़ हो गयी, लेकिन वोडाफोन आइडिया (Vi) के 20.01 करोड़ (2016 में वोडाफोन और आइडिया को मिलाकर 38 करोड़ से अधिक ग्राहक थे) ग्राहक ही बचे.
10.3 लाख करोड़ रुपए की कंपनी बनी Jio
कॉलेज असाइनमेंट सबमिट करने में हुई परेशानी की वजह से शुरू हुई टेलीकॉम कंपनी आज 10.3 लाख करोड़ रुपए की कंपनी बन चुकी है. इस कंपनी में देश-दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों ने हजारों करोड़ रुपए का निवेश किया है. इसमें गूगल, फेसबुक (META), इनटेल और क्वालकॉम जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं. देश-दुनिया की और किन कंपनियों ने जियो में निवेश किया है, उसकी पूरी लिस्ट यहां देखें.
Jio में निवेश करने वाली टेक कंपनियां
| निवेश करने वाली कंपनी का नाम | निवेश की रकम |
| फेसबुक | 43,574 करोड़ रुपए |
| गूगल | 33,734 करोड़ रुपए |
| केकेआर | 11,367 करोड़ रुपए |
| विस्टा इक्विटी पार्टनर्स | 11,367 करोड़ रुपए |
| सउदी अरब पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड | 11,367 करोड़ रुपए |
| सिल्वर लेक | 10,203 करोड़ रुपए |
| मुबादला | 9,094 करोड़ रुपए |
| जेनरल अटलांटिक | 6,598 करोड़ रुपए |
| अबु धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी | 5,684 करोड़ रुपए |
| टीपीजी | 4,547 करोड़ रुपए |
| एन कैटरटन | 1,895 करोड़ रुपए |
| पीआईएफ | 11,367 करोड़ रुपए |
| इनटेल | 1,895 करोड़ रुपए |
| क्वालकॉम | 736 करोड़ रुपए |
किराना दुकानदारों तक पहुंचने के उद्देश्य से फेसबुक ने किया निवेश
साल 2020 में जियो में निवेश के समय मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मार्क जुकरबर्ग ने कहा था कि उनका उद्देश्य भारत में हजारों किराना दुकानों और छोटे व्यवसायों को व्हाट्सऐप पर लाना तथा कारोबार करने में मदद करना है. उनकी योजना सफल भी हुई. आज आप अपने राशन की लिस्ट दुकानदार को भेजते हैं और सामान की आपके घर पर डिलीवरी हो जाती है.
इस रणनीतिक साझेदारी का मुख्य मकसद भारत के छोटे व्यापारियों, किराना स्टोरों और आम लोगों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना था. इसमें के जियोमार्ट (JioMart) को फेसबुक के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप (WhatsApp) के साथ जोड़कर ई-कॉमर्स को बढ़ावा देना शामिल था. यह उस समय भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र (Tech Sector) में किसी विदेशी कंपनी द्वारा किया गया सबसे बड़ा प्रत्यक्ष निवेश (Foreign Direct Investment) था.
गूगल के निवेश के उद्देश्य की बात करें, तो कंपनी के प्रमुख सुंदर पिचाई ने कहा था- इससे कंपनी को भारत में स्थानीय भाषाओं में लोगों जानकारी उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य, शिक्षा व कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी तथा कृत्रिम मेधा (AI) के क्षेत्र में काम करेंगे. गूगल ने जियो को चुना, क्योंकि उसके पास करोड़ों स्मार्टफोन यूजर थे.
- गूगल के साथ साझेदारी की घोषणा के बाद 24 जून 2021 को रिलायंस ने भारत में एंड्रॉयड स्मार्टफोन जियो नेक्स्ट (JioPhone Next Android Smartphone) की लांचिंग की घोषणा की. 4 नवंबर 2021 को इसे बाजार में उतार दिया गया.
- 7 जुलाई 2023 को कंपनी ने बाजार में सस्ते 4जी फोन उतारे. इसको नाम दिया जियो भारत (JioBharat).
- डिजिटल क्रांति से पहले मोबाइल की दुनिया में भी रिलायंस ने एक बार तहलका मचाया था. महंगे फोन के जमाने में धीरूभाई अंबानी के जन्मदिन (28 दिसंबर 2002) पर कंपनी ने 501 रुपए में ओरिजिनल रिलायंस मोबाईल सेवाओं (सीडीएमए) की शुरुआत की थी.
अपने दम पर पैसे कूट रही Jio
कंपनियां बनती हैं. बुलंदियों पर जाती हैं. कई कंपनियों का सफर बीच में ही खत्म हो जाता है और वे बंद हो जातीं हैं. वर्ष 2009-2010 के दौरान कई बड़ी टेलीकॉम कंपनियां मार्केट में थीं. इसमें टाटा जैसी दिग्गज कंपनी भी शामिल थी. लेकिन टाटा डोकोमो अब बाजार से बाहर है. जियो ने एयरटेल और हच (Hutch) समेत तमाम बड़ी कंपनियों को पछाड़ दिया. आईडिया और वोडाफोन जैसी कंपनियों को मर्जर के लिए मजबूर होना पड़ा. मर्जर के बाद नयी कंपनी वोडाफोन आइडिया Vi बनी. जून 2027 में यह कंपनी 3,754 करोड़ रुपए के घाटे में थी. दूसरी ओर, Jio ने जून 2026 में 7,765 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया था.
2016 में कितने महंगे थे एयरटेल के प्लान?
वर्ष 2016 में एयरटेल के डेटा प्लान काफी महंगे थे. रिलायंस जियो (Reliance Jio) के बाजार में आने के बाद एयरटेल ने अपने प्लान में बड़े बदलाव किये. आइए, आपको बताते हैं कि जियो के आने से पहले एयरटेल के प्लान की कीमत क्या थी और कितना डेटा मिलता था.
एयरटेल मुख्य प्रीपेड मासिक (Monthly) डेटा प्लान
साल 2016 के जुलाई महीने में दरों में कटौती के बाद मुख्य मासिक 3G/4G प्लान इस प्रकार थे:
- 455 रुपए का प्लान: इसमें 3 GB डेटा (पहले 2 GB मिलता था) मिलता था. इसकी वैधता 28 दिन होती थी.
- 655 रुपए का प्लान: इसमें 5 GB डेटा (पहले 3 GB मिलता था) मिलता था. इसकी वैधता 28 दिन थी.
- 989 रुपए का प्लान: इसमें 10 GB डेटा (पहले 6.5 GB मिलता था) मिलता था. इसकी वैधता 28 दिन थी.
सैशे और छोटे पैक्स (Sachet / Short-term Packs)
- 5 रुपए का पैक: ग्रामीण बाजारों के लिए 1 दिन की वैधता के साथ 30 MB (2G) डेटा.
- 25 रुपए का पैक: 145 MB (2G) डेटा मिलता था.
- 145 रुपए का पैक: 580 MB (3G/4G) डेटा मिलता था.
मेगा सेवर और विशेष प्लान
सितंबर 2016 में जियो की कॉमर्शियल लॉन्चिंग के बाद एयरटेल ने कुछ नये और अनोखे प्लान पेश किये. इसमें 1,495 रुपए का अनलिमिटेड पैक शामिल था. इसमें 90 दिनों के लिए अनलिमिटेड डेटा मिलता था, जिसमें फेयर यूसेज पॉलिसी (FUP) के तहत 30 GB डेटा हाई-स्पीड (4G) पर मिलता था. इसके बाद स्पीड कम हो जाती थी. इससे प्रभावी रूप से 4G डेटा की कीमत लगभग 50 रुपए प्रति GB पड़ती थी. इसी तरह कई और पैक की भी एयरटेल ने शुरुआत की थी.
वोडाफोन के इंटरनेट डेटा प्लान (2G / 3G / 4G)
जियो की लांचिंग से पहले वोडाफोन के ग्राहकों को 1GB डेटा के लिए 250-255 रुपए खर्च करने पड़ते थे. बाद में कीमतों में कटौती की गयी. दिसंबर 2016 में वोडाफोन ने 2 बड़े कॉम्बो प्लान लांच किये. अनलिमिटेड कॉलिंग प्लान भी लांच किया.
- 144 रुपए का प्लान: वोडाफोन से वोडाफोन नेटवर्क पर अनलिमिटेड लोकल और एसटीडी कॉलिंग + 50 MB डेटा (वैधता 28 दिन).
- 344 रुपए का प्लान: किसी भी नेटवर्क पर ट्रूली अनलिमिटेड लोकल और एसटीडी कॉलिंग + 50 MB डेटा (वैधता 28 दिन). 4G हैंडसेट वाले यूजर्स को इसमें 1GB डेटा मिलता था.
Jio की सफलता का राज- Give, Give, Give and Ask
रिलायंस समूह का यूनिक बिजनेस आइडिया Jio की सबसे बड़ी सफलता रही. सितंबर 2016 से मार्च 2017 तक जियो ने अपने ग्राहकों को वेलकम ऑफर और हैप्पी न्यू ईयर ऑफर के तहत पूरी तरह से मुफ्त (Free) 4G इंटरनेट, वॉयस कॉलिंग और एसएमएस की सुविधा दी. भारत में पहली बार रोमिंग पर कोई चार्ज नहीं लिया जाता था. हर रीचार्ज के साथ JioTV, JioCinema, और JioMusic का सब्सक्रिप्शन मुफ्त मिलता था. इसी के दम पर Jio ने भारत के टेलीकॉम मार्केट पर कब्जा करना शुरू कर दिया. टेलीकॉम कंपनियों का आरोप है कि जब एयरटेल और वोडाफोन लोगों से रीचार्ज के लिए मोटी रकम ले रही थीं, तब जियो ने फ्री सर्विसेज जारी रखी. सरकार ने उसे ऐसा करने से रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया. इसका नुकसान जियो की प्रतिद्वंद्वी कंपनियों को हुआ.
टेलीकॉम मार्केट में Jio ने अचानक नहीं मारी एंट्री
ऐसा नहीं है कि वर्ष 2016 में टेलीकॉम मार्केट में Jio ने अचानक एंट्री मारी. रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 6 साल तक तैयारी की. वर्ष 2010 में मुकेश अंबानी ने इन्फोटेल में 96 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी. इसके बाद ही रिलायंस को पूरे भारत में 4G स्पेक्ट्रम मिला. साल 2013 में रिलायंस ने इन्फोटेल ब्रॉडबैंड सर्विसेज (Infotel Broadband Services Limited) का नाम बदलकर Jio कर दिया. इस तरह कंपनी को न स्पेक्ट्रम के लिए बोली लगानी पड़ी न उस पर कोई सरचार्ज का बोझ पड़ा. कंपनी के फाइबर केबल पहले से बिछे थे, इसलिए जियो को नये सिरे से इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी बहुत ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ा.
अब बात Jio IPO की : 22 गुना अधिक आवेदन
इसके लिए Jio ने आइपीओ के जरिये 30,213 करोड़ रुपए बाजार से उठाये हैं. कंपनी के प्रति लोगों का भरोसा ऐसा है कि IPO के लिए 3 दिन में 1.38 करोड़ आवेदन आ गये, जो मांगे गये आवेदन से 22 गुना अधिक है. Jio IPO ने वारी एनर्जीज के आइपीओ (97 लाख आवेदन) को पछाड़कर नया रिकॉर्ड बना दिया. इसके साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह की कंपनियों में 10.3 लाख करोड़ रुपए की हिस्सेदारी के साथ Jio सबसे बड़ी कंपनी बन गयी.
अंबानी फैमिली और Jio से जुड़े इमोशंस
Jio IPO की लिस्टिंग के लिए आयोजित कार्यक्रम में पूरा अंबानी परिवार मौजूद था. यहां पूरे परिवार का इमोशनल कनेक्ट देखने को मिला. रिलायंस के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने Jio के बारे में कहा- जियो शायद दुनिया का पहला ऐसा नाम, जो खुद एक आशीर्वाद है. उन्होंने कहा- एक्सचेंज में बजने वाली घंटी मेरे लिए मंदिर की घंटी जैसी है, क्योंकि कारोबार मेरे लिए पूजा है. वह यहीं नहीं रुके. कहा- ईशा, आकाश और मैं ‘तीन शरीर, एक आत्मा’ हैं. हमारा एकमात्र संकल्प परिवार के सपनों को पूरा करना है. अनंत ने अपने दादा के सपनों, दादी के आशीर्वाद, पिता के मार्गदर्शन और मां के संस्कारों को अपनी सफलता की नींव बताया. कार्यक्रम में मुकेश अंबानी अपने छोटे बेटे की स्पीच सुनकर भावुक हो गये.
अमेरिका के कुल इंटरनेट यूजर से ज्यादा ग्राहक Jio के पास
डेटा सॉल्यूशन फर्म एसजी एनालिटिक्स के वर्ष 2025 के आंकड़े बताते हैं कि दुनिया में 5.52 अरब लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं. चीन में 110 करोड़ और भारत में 88.13 करोड़ लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं. अमेरिका में कुल जितने लोग (31.13 करोड़) इंटरनेट यूज करते हैं, भारत में उससे ज्यादा ग्राहक (53 करोड़) Jio के पास हैं.
अब सैटेलाइट और 6G की तैयारी
5 सितंबर 2016 को कंपनी ने Jio 4G को लांच किया. वह भी फ्री में. 6 महीने से भी कम समय में Jio ने 10 करोड़ ग्राहक बना लिये. आज कंपनी के 53 करोड़ ग्राहक हैं, जो हर दिन 100 करोड़ गीगाबाइट से अधिक डाटा कंज्यूम करते हैं. कंपनी अब सैटेलाइट और 6G लांच करने की तैयारी में है.






