
*मिठाई दुकानों से लेकर ब्रेड फैक्ट्री तक छापेमारी, 3 फर्मों के खाद्य लाइसेंस निलंबित*
रायपुर, 31 अक्टूबर 2026/
त्योहारों के दौरान आम जनता को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के संबंध में दिए गए कड़े निर्देशों के परिपालन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शनिवार को व्यापक जांच अभियान चलाया। नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन दीपक अग्रवाल ने टीम के साथ खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई प्रतिष्ठानों में खाद्य सामग्री के निर्माण एवं भंडारण में गंभीर स्वच्छता संबंधी कमियां सामने आईं।
जांच में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर खत्री स्वीट्स बिरगांव, लक्ष्मी फूड प्रोडक्ट्स (ब्रेड बास्केट) समता कॉलोनी तथा अग्रवाल मिठाई वाला के खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। तीनों प्रतिष्ठानों को संपूर्ण स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित होने तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विभिन्न प्रकार की मिठाइयों और ब्रेड सहित बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री को नष्ट कराने तथा जब्ती की कार्रवाई की गई। कई खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच के लिए लिए गए हैं।
*ब्रेड बास्केट में चूहों की मौजूदगी, 80 किलो ब्रेड नष्ट*
समता कॉलोनी स्थित लक्ष्मी फूड प्रोडक्ट्स (ब्रेड बास्केट) में निरीक्षण के दौरान ब्रेड निर्माण की परिस्थितियां अस्वच्छ पाई गईं। परिसर के अंदर अनेक चूहे घूमते हुए दिखाई दिए, जबकि स्टोर रूम में भी अत्यधिक गंदगी मिली। खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं भंडारण में स्वच्छता के निर्धारित मानकों का पालन नहीं किए जाने के मद्देनजर विभागीय टीम ने विभिन्न प्रकार के लगभग 80 किलोग्राम ब्रेड को नष्ट कराने की कार्रवाई की।
*बिना खाद्य अनुज्ञप्ति संचालित मिला कृष्णा स्वीट्स*
कमल विहार स्थित कृष्णा स्वीट्स में निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान बिना खाद्य अनुज्ञप्ति के संचालित पाया गया। यह प्रतिष्ठान विभिन्न प्रकार की पैक्ड मिठाइयों की ट्रेडिंग का कार्य करता है। विभागीय टीम ने यहां से कुन्दा एवं मैसूर पाक के नमूने लिए। इसके अतिरिक्त डिलिशियस स्वीट्स 720 किलोग्राम, मैसूर पाक 112 किलोग्राम तथा कुन्दा 3960 किलोग्राम जब्त किया गया।
*खाद्य सुरक्षा को लेकर विभाग सख्त*
नियंत्रक श्री दीपक अग्रवाल ने कहावतें कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन न करना कार्रवाई के दायरे में आता है। इसी कड़ी में तीनों निलंबित प्रतिष्ठान का संपूर्ण हाइजीन नॉर्म्स को पूरा करने तक उनका संचालन बंद रहेगा। नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।









