
Virat Kohli Fitness Secrets: विराट कोहली 5 नवंबर को अपना 38वां जन्मदिन मना रहे हैं. उनके नाम क्रिकेट के कई बड़े रिकॉर्ड हैं, लेकिन मैदान पर उनकी फुर्ती, शानदार फील्डिंग और फिटनेस भी हमेशा चर्चा में रहती है. आज जिस विराट कोहली को दुनिया फिटनेस के मामले में मिसाल मानती है, वह हमेशा ऐसे नहीं थे.
करीब 14 साल पहले उन्होंने 2012 में खुद को बदलने का फैसला किया था. इसके बाद उनकी जिंदगी से लेकर क्रिकेट खेलने के तरीके तक में बदलाव आया. उन्होंने अपनी डाइट बदली, जिम में समय बढ़ाया और फिटनेस को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना लिया. आइए जानते हैं विराट कोहली की फिटनेस के वे 7 राज, जिन्होंने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया.
2012 में खुद को देखकर बदल लिया था फैसला
के फिटनेस ट्रांसफॉर्मेशन की शुरुआत साल 2012 में हुई. ऑस्ट्रेलिया दौरे से लौटने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि उनकी शारीरिक फिटनेस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के स्तर के मुताबिक नहीं है. एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि आईने में खुद को देखकर वह खुश नहीं थे और उन्हें अपनी हालत पर शर्मिंदगी महसूस हुई थी.
यही वह समय था, जब उन्होंने अपनी जीवनशैली बदलने का फैसला किया. खानपान पर ध्यान देना शुरू किया और जिम में ज्यादा समय बिताने लगे. उसी इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि शुरुआती 8 से 10 महीनों में उनका करीब 6-7 किलो वजन कम हुआ. इसका असर मैदान पर भी दिखने लगा. वह खुद को पहले से हल्का, तेज और ऊर्जावान महसूस करने लगे.
1. स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को बनाया फिटनेस का हिस्सा
कोहली की फिटनेस में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की अहम भूमिका रही है. पूर्व भारतीय ट्रेनर शंकर बसु ने उन्हें व्यवस्थित तरीके से वेट ट्रेनिंग और स्ट्रेंथ वर्क का महत्व समझाया. शुरुआत में कोहली अपनी पीठ को लेकर चिंतित थे और वजन उठाने से हिचकिचाते थे. लेकिन सही ट्रेनिंग प्रोग्राम के बाद उन्होंने इसके फायदे समझे.
स्क्वैट्स, रेजिस्टेंस ट्रेनिंग और दूसरी स्ट्रेंथ एक्सरसाइज से शरीर की ताकत और संतुलन बेहतर करने में मदद मिलती है. क्रिकेट में बल्लेबाजी, दौड़ने और फील्डिंग के दौरान भी इसका फायदा मिलता है.
2. सिर्फ मसल्स नहीं, फुर्ती और स्टैमिना पर भी ध्यान
की फिटनेस का मतलब सिर्फ मजबूत शरीर बनाना नहीं है. उनका जोर मैदान पर तेजी से मूवमेंट करने, विकेटों के बीच दौड़ने और लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने पर भी रहा है.
क्रिकेट में कई बार खिलाड़ी को कुछ ही सेकंड में तेजी से दौड़ना, दिशा बदलना और फिर अगले प्रयास के लिए तैयार होना पड़ता है. इसके लिए स्टैमिना, एजिलिटी और कंडीशनिंग जरूरी होती है. कोहली की ट्रेनिंग में इन पहलुओं को भी महत्व दिया गया है.
3. खाने-पीने में अनुशासन, 90 फीसदी खाना उबला या स्टीम्ड
विराट कोहली ने अपनी फिटनेस के लिए खानपान में भी काफी बदलाव किया. वह मुख्य रूप से शाकाहारी भोजन लेते हैं और खाने को लेकर अनुशासन बनाए रखते हैं. स्टार स्पोर्ट्स को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उनके करीब 90 फीसदी खाने में स्टीम्ड या उबले हुए व्यंजन शामिल होते हैं.
उन्हें दाल, राजमा, लोबिया, सब्जियां और सलाद जैसे खाद्य पदार्थ पसंद हैं. इसके अलावा वह सादा खाना पसंद करते हैं, जिसमें नमक, काली मिर्च और नींबू का इस्तेमाल किया जाता है. उनका मानना है कि फिट रहने के लिए सिर्फ एक्सरसाइज करना काफी नहीं है, बल्कि खाने पर भी उतना ही ध्यान देना पड़ता है.
4. नींद और रिकवरी को भी देते हैं बराबर महत्व
फिटनेस के लिए घंटों जिम में पसीना बहाना ही काफी नहीं होता. शरीर को आराम देना भी उतना ही जरूरी है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार मैच, लंबी यात्राएं और अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने से खिलाड़ियों पर काफी शारीरिक दबाव पड़ता है.
कोहली की फिटनेस फिलॉसफी में अच्छी नींद, सही खानपान और नियमित ट्रेनिंग को अहम माना गया है. पूर्व ट्रेनर शंकर बसु ने भी इन आदतों को फिटनेस बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण बताया है. आराम और रिकवरी से शरीर को अगले अभ्यास या मुकाबले के लिए तैयार होने का मौका मिलता है.
5. हाइड्रेशन और नियमितता पर जोर
कोहली की फिटनेस का एक अहम पहलू उनकी नियमितता है. वह फिटनेस को कुछ दिनों का लक्ष्य नहीं, बल्कि लंबे समय तक अपनाई जाने वाली जीवनशैली मानते हैं.
खासकर क्रिकेट जैसे खेल में पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लेना जरूरी है. गर्मी और उमस में लंबे समय तक खेलने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है. ऐसे में सही हाइड्रेशन प्रदर्शन और शरीर के सामान्य कामकाज के लिए महत्वपूर्ण है.









