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कठुआ को मिला पहला नगर निगम पार्किंग कॉम्प्लेक्स, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने किया परियोजना का उद्घाटन

तीन कारों से पार्किंग संकट तक’: डॉ. जितेंद्र सिंह ने कठुआ के बदलाव को दर्शाया
नई दिल्ली । जम्मू कश्मीर में शहरी बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान और प्रधानमंत्री कार्यालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और मुख्यमंत्री श्री उमर अब्दुल्ला ने आज संयुक्त रूप से कठुआ शहर में पहली बार नगरपालिका पार्किंग कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। यह इस क्षेत्र के एक सुस्त शहर से आधुनिक शहरी केंद्र में परिवर्तन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
चिलचिलाती धूप में खचाखच भरे जनसमूह को संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने उद्घाटन को कठुआ के तेजी से बढ़ते शहरी विकास का प्रतीक बताया और इस बात पर जोर दिया कि कैसे एक ऐसा शहर जो कभी निजी वाहनों से अपरिचित था, अब व्यवस्थित कार पार्किंग समाधान की मांग कर रहा है। उन्होंने याद करते हुए कहा, “एक समय था जब पूरे शहर में केवल तीन कारें दिखाई देती थीं – डीसी, एसपी और कार्यकारी अभियंता की एक-एक कार। आज, निजी वाहनों की भारी संख्या के कारण एक सभी सुविदाओं से युक्त पार्किंग सुविधा का उद्घाटन कर रहे हैं। इससे एक समय उपेक्षित रहे इस शहर के महत्वाकांक्षी उत्थान का पता चलता है।”
दिल्ली में अपनी महत्वपूर्ण प्रतिबद्धताओं के बावजूद मुख्यमंत्री श्री उमर अब्दुल्ला की उपस्थिति को डॉ. जितेन्द्र सिंह ने केंद्र-राज्य सहयोग का संकेत बताया। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा, “यहां उनकी उपस्थिति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के तहत जम्मू-कश्मीर के संयुक्त विकास के लिए राज्य और केंद्र की साझा प्रतिबद्धता का पता चलता है।”
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नई पार्किंग सुविधा उन कई परिवर्तनकारी परियोजनाओं में से एक है, जिसने पिछले दशक में कठुआ के परिदृश्य को बदल दिया है। वंदे भारत ट्रेन चलाने से लेकर कठुआ रेलवे स्टेशन को उन्नत करने, निर्वाचन क्षेत्र में तीन मेडिकल कॉलेज स्थापित करने, बायोटेक पार्क शुरू करने और इंजीनियरिंग एवं होम्योपैथी कॉलेज बनाने तक, इस क्षेत्र में सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में व्यापक बदलाव देखने को मिला है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि एक्सप्रेस कॉरिडोर जैसी संपर्क परियोजनाएं, जो जल्द ही पांच घंटे में दिल्ली तक सीधी यात्रा को सक्षम करेंगी, इस क्षेत्र के लिए गतिशीलता और आर्थिक संभावनाओं को और बढ़ावा देंगी। उन्होंने कहा, “जब ऐसा होगा, तो आपको एहसास होगा कि तस्वीर कितनी नाटकीय रूप से बदल गई है।”
बुनियादी ढांचे से परे, डॉ. जितेंद्र सिंह ने अवैध खनन और नशीली दवाओं के दुरुपयोग जैसी सामाजिक चुनौतियों पर बात की और कहा कि अब इनका दृढ़ता से समाधान किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं को नशीली दवाओं के अभिशाप से बचाने के लिए नागरिक समाज, प्रशासन और माता-पिता को शामिल करते हुए एक संयुक्त लड़ाई का आह्वान करते हुए कहा, “कठुआ का नाम अब इन मुद्दों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। आइए इसे एक आदर्श शहर का उदाहरण बनाएं।”

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