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युवा कुंभ आयोजित कराएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

साल में एक बार वरिष्ठ वैज्ञानिकों को बुलाएं, विज्ञान के विद्यार्थियों से कराएं उनका संवाद

उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने भारतीय ज्ञान परम्परा पर आधारित रोजगारपरक शिक्षा पर दिया जोर

भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा शक्ति को मार्गदर्शन देने के लिए प्रदेश के युवाओं का कुंभ कराया जाए। इसे ज्ञान महाकुंभ नाम दिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष में कम से कम एक बार महाविद्यालयों में बड़े वैज्ञानिकों को आमंत्रित किया जाए और विद्यार्थियों के साथ उनका जीवंत संवाद एवं समूह चर्चा आयोजित की जाए। इससे युवाओं के विज्ञान और तकनीक संबंधी ज्ञान में वृद्धि होगी। युवाओं में सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए प्रदेश के हर संभाग में सामान्य ज्ञान की प्रतियोगिता कराएं। इससे हमारे युवा देश-दुनिया में हो रहे नवाचारों और नई जानकारियों से अवगत होते रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी महाविद्यालयों की स्टेट लेवल पर ग्रेडिंग कराई जाए और तीन श्रेणियों में क्रमश: सर्वश्रेष्ठ महाविद्यालय, सर्वश्रेष्ठ प्राचार्य एवं सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के रूप में पुरस्कृत करने की परम्परा भी प्रारंभ करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।

रोजगारपरक शिक्षा और शोध कार्यों को दें प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को भारतीय ज्ञान परम्पराओं पर आधारित रोजगारपरक शिक्षा दिए जाने पर जोर देते हुए कहा कि महाविद्यालयों में शोध केंद्र स्थापित कर शोध कार्यों को भी प्रोत्साहन दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी ऐसे क्षेत्रों में, जहां नए महाविद्यालय खोलने की अत्यंत आवश्यकता है, विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों में, अधिकाधिक महाविद्यालय खोले जाएं। इससे जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को निकट स्थान पर उच्च शिक्षा पाने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा के संदर्भ में वर्ष 2021-22 में हुए अखिल भारतीय सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश का सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) अखिल भारतीय औसत से अधिक आया है। इस क्षेत्र में अखिल भारतीय सकल नामांकन अनुपात 28.4 प्रतिशत है, जबकि मध्यप्रदेश 28.9 प्रतिशत आया है। उन्होंने कहा कि यह हमारे प्रयासों का परिणाम है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के 55 जिलों के 1282 गोद लिए गए गाँवों में शिविर लगाकर विद्यार्थियों को जनजागरूकता गतिविधियों से जोड़ा गया है। प्रदेश में 384 शोध केंद्र संचालित हैं और जारी वित्त वर्ष में 100 नए शोध केंद्रों की स्थापना का लक्ष्य तय किया गया है। प्रदेश के 27 महाविद्यालयों को स्वशासी महाविद्यालय का दर्जा एवं 8 स्वशासी महाविद्यालयों को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा देने का प्रस्ताव है। साथ ही 23 जिला मुख्यालयों में नए विधि महाविद्यालयों की स्थापना का लक्ष्य भी तय किया गया है।

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