Ro no D15139/23

मनुस्मृति में बिना भेदभाव के सबका धर्म बताया गया है ,अम्बेडकरवादी बाबा साहेब के उद्देश्यों को पूरा करने हेतु आगे आएंजगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंद

 

 

वाराणसी / रायपुर।(IMNB) ‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ‘1008’ ने गंगा के तट पर स्थित श्रीविद्यामठ में मनुस्मृति पर व्याख्यान करते हुए बताया कि लोग कहते है कि बाबा साहेब अंबेडकर ने मनुस्मृति को जलाया, लेकिन हम स्पष्ट कर दें कि उन्होंने मनुस्मृति को नहीं जलाया, वो तो संविधान जलाना चाहते थे। शंकराचार्य जी ने आगे स्पष्ट करते हुए बताया कि बाबा साहेब ने मनुस्मृति को नहीं जलाया। वह एक ब्राह्मण गंगाधर सहस्रबुद्धे ने जलाई थी, लेकिन उस वक्त वो भी वहाँ मौजूद थे इसलिए उनका नाम आ गया।
शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंद महाराज जी ने बताया कि अम्बेडकर संविधान जलाना चाहते थे। जब उनसे पूछा गया कि संविधान बनाने में तो आपकी विशेष भूमिका रही है फिर आप उसे क्यों जलाना चाहते हैं तो इस पर उन्होंने जवाब दिया कि मैंने एक मन्दिर बनाया लेकिन उसमें यदि शैतान आकर रहने लगे तो फिर मुझे क्या करना चाहिए? बाबा साहब बाद में खुद संविधान से सन्तुष्ट नहीं थे। मनुस्मृति में तो बिना भेदभाव के सबका धर्म बताया गया है। सनातन ही एकमात्र धर्म है जिसमें यदि बेटा भी कुछ गलत करता है तो उसे भी वही सजा दी जाती है जो किसी अन्य को दी जाती। शंकराचार्य जी ने कहा कि अम्बेडकरवादी लोगों को बाबा साहेब के उद्देश्यों को पूरा करने को आगे आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर धर्म का एक ग्रन्थ होता है। जैसे इसाईयों का धर्मग्रन्थ बाइबिल है, मुसलमानों का कुरान है, इसी प्रकार हमारा भी एक ग्रन्थ वेद है, लेकिन वेद को यदि पढ़ा जाए तो 4524 पुस्तकें मिलाकर 4 वेद बनते हैं और इन्हें समझने के लिए वेदांग की आवश्यकता होती है। और ज्यादा भी नहीं एक वेदांग की यदि 500 भी पुस्तकें मानी जाए तो करीब 3000 पुस्तकें वेदांग की हो गई। इस तरीके से कुल मिलाकर 7524 पुस्तकें हो गईं। यदि वेद को भी पढ़ा जाए तो पूरा जीवन भी कम पड़ जाता है। इसलिए इसका सार जानने की आवश्यकता होती है और वेदों का जो सार है उसी को मनुस्मृति कहा जाता है।
शंकराचार्य महाराज जी ने कहा कि बुद्ध ब्राह्मण कुल में पैदा हुए फिर भी हम उनको पूजते नहीं हैं। राम व कृष्ण को क्षत्रिय कुल में पैदा होने के बाद भी हम पूजते हैं। यदि धर्म का पालन करते वक्त मौत भी आ जाए तो भी उसमें हमारा कल्याण है। इसलिए धर्म कभी नहीं छोड़ना चाहिए। धर्म से ही प्रतिष्ठा मिलती है। यदि स्वर्ग में भी जाएंगे तो वहाँ भी प्रतिष्ठा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि श्रुति व स्मृति वचन में श्रुति का ज्यादा महत्व होता है। पशु धार्मिक नहीं होता, इसलिए उसके लिए कोई धर्मशास्त्र नहीं होता। जो जैसा है उसकी प्रतिभा को समझकर उसके हिसाब से काम करवाना भी एक कला है। हमारा भारत का संविधान मनुस्मृति को पूरा सम्मान देता है। परम धर्म संसद १००८ के संगठन मंत्री साईं जलकुमार मसन्द साहिब के माध्यम उक्त जानकारी देते हुए शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि श्रीविद्यामठ काशी में शङ्कराचार्य जी महाराज का प्रवचन प्रतिदिन सायंकाल 5 बजे से हो रहा है।

 

  • Related Posts

    निर्माण श्रमिकों के जीवन में आर्थिक सुरक्षा का संबल, 54 हजार से अधिक परिवारों को मिली सहायता

    राज्योत्सव पर प्रदेश के 54 हजार 84 हितग्राहियों के खातों में 16.94 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित   *गरियाबंद जिले के 928 श्रमिक हितग्राहियों को मिले 24.78 लाख…

    Read more

    आधुनिक तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर तेजी से बढ़ रहा भारत-केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी

    *एनआईटी रायपुर में सात अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का केंद्रीय मंत्री श्री रेड्डी ने किया उद्घाटन*   *आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लेकर अंतरिक्ष अनुसंधान, महत्वपूर्ण खनिज और जनजातीय स्वास्थ्य तक अनुसंधान…

    Read more

    NATIONAL

      बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ EOU की बड़ी कार्रवाई, किशनगंज की महिला शिक्षा पदाधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी आय से 87.49 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप, 2.45 करोड़ रुपये की संपत्ति का प्रथम दृष्टया खुलासा

      बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ EOU की बड़ी कार्रवाई, किशनगंज की महिला शिक्षा पदाधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी  आय से 87.49 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप, 2.45 करोड़ रुपये की संपत्ति का प्रथम दृष्टया खुलासा

    दिवाली-छठ पर ‘मुरासु’ का साया: 2022 की तरह फीका पड़ सकता है त्योहार? बिहार-झारखंड के 35 हजार करोड़ के कारोबार पर संकट

    दिवाली-छठ पर ‘मुरासु’ का साया: 2022 की तरह फीका पड़ सकता है त्योहार? बिहार-झारखंड के 35 हजार करोड़ के कारोबार पर संकट

    Cyclone Murasu Live: आंध्र के तट से टकराया चक्रवात ‘मुरासु’, 6 जिलों में रेड अलर्ट, 120 किमी की रफ्तार से चल रहीं हवाएं

    Cyclone Murasu Live: आंध्र के तट से टकराया चक्रवात ‘मुरासु’, 6 जिलों में रेड अलर्ट, 120 किमी की रफ्तार से चल रहीं हवाएं

    11 अभ्यर्थियों से एडवांस में वसूले एक करोड़, लैपटॉप मे मिली थी 24 अभ्यर्थियों की सूची, जिनमें से 11 हुए सफल

    11 अभ्यर्थियों से एडवांस में वसूले एक करोड़, लैपटॉप मे मिली थी 24 अभ्यर्थियों की सूची, जिनमें से 11 हुए सफल

    भागलपुर से भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा की शुरुआत, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

    भागलपुर से भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा की शुरुआत, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

    अकेलेपन से परेशान हैं? सद्गुरु के ये विचार देंगे नई दिशा

    अकेलेपन से परेशान हैं? सद्गुरु के ये विचार देंगे नई दिशा