
JPSC Scam : झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ी और अवैध लेनदेन के मामले में सीआइडी ने विशेष अदालत में दूसरी पूरक चार्जशीट दाखिल की है. जांच एजेंसी ने जेपीएससी परीक्षा में पास कराने के लिए 11 अभ्यर्थियों से एक करोड़ रुपये लेने के आरोपी बुद्धेश्वर भगत समेत 10 आरोपियों को नामजद करते हुए उनके विरुद्ध डिजिटल साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और बैंक खातों में हुए वित्तीय लेनदेन की रिपोर्ट सौंपी है.
24 अभ्यर्थियों की सूची मिली, 11 से वसूले एक करोड़
मामले में अब तक कुल 34 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष एल ख्यांग्ते सहित 12 आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है. बुद्धेश्वर भगत मुख्य सरगना से सीधे जुड़ा हुआ था और परीक्षा व्यवस्था के तकनीकी तंत्र का जानकार था. उस पर 11 अभ्यर्थियों से एक करोड़ रुपये लेने का आरोप है. सीआइडी ने बताया है कि उसके लैपटॉप से रिजल्ट जारी होने से पहले 24 अभ्यर्थियों की सूची मिली थी, जिनमें से 11 अभ्यर्थी 14वीं पीटी परीक्षा में पास हुए थे. अभ्यर्थियों से पैसे लेने और बकाया राशि की वसूली के लिए उनके मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र और नकद राशि सिंडिकेट तक पहुंचाने का काम उसी के जिम्मे था.
किस पर क्या है आरोप? सीआइडी ने कोर्ट में डिजिटल और वित्तीय साक्ष्य सौंप
धर्मेंद्र कुमार : तत्कालीन अध्यक्ष के साथ 73 बार बातचीत के रिकॉर्ड मिले. धर्मेंद्र कुमार अयोग्य अभ्यर्थियों को मेरिट लिस्ट में शामिल कराने के लिए सौदेबाजी करता था. वह तत्कालीन अध्यक्ष के सीधे संपर्क में था. अध्यक्ष के साथ उसकी 73 बार बातचीत के रिकॉर्ड मिले हैं. उसने टीडीपीएल और बिसिं स को इंपैनल कराने में अहम भूमिका निभायी.
अरुण कुमार : सफलता की गारंटी देकर एडवांस राशि की वसूली करता था. अरुण कुमार अभ्यर्थियों से मिलकर उन्हें परीक्षा में निश्चित सफलता की गारंटी देता था. अभ्यर्थियों से बड़ी रकम तय कर अग्रिम भुगतान वसूलता था. उसने सिंडिकेट को आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराने और नए अभ्यर्थियों को फंसाने में मदद की.
रमेश कुमार : परीक्षा माफिया और अभ्यर्थियों के बीच तालमेल बैठाता था. रमेश कुमार परीक्षा माफिया और अभ्यर्थियों के बीच सीधे तालमेल बैठाने का काम करता था. उस पर ओएमआर शीट में हेरफेर कराने और अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ दिलाने का आरोप है. उसने पास कराने के बदले कई अभ्यर्थियों से भारी नकद राशि वसूली थी.
उमेश कुमार : लेनदेन के महत्वपूर्ण साक्ष्य मिटाने की साजिश रची. उमेश कुमार पूरे सिंडिकेट के लिए धन के लेनदेन और गोपनीय कागजात के प्रबंधन का जिम्मा संभालता था. उसने महत्वपूर्ण साक्ष्य मिटाने की साजिश रची थी. उसने कई अभ्यर्थियों से लिए गए मूल दस्तावेज वापस छिपाने और सबूत नष्ट करने का प्रयास किया.
उमाकांत उरांव : अभ्यर्थियों का संपर्क परीक्षा माफिया से कराता था. उमाकांत उरांव 14वीं जेपीएससी परीक्षा की मेरिट सूची में सफल घोषित हुआ था. वह अन्य अभ्यर्थियों को परीक्षा माफिया के सिंडिकेट से जोड़ने का काम करता था. उसने अपने संपर्कों का इस्तेमाल कर कई अभ्यर्थियों से पैसे जुटाये और बिचौलियों तक पहुंचाये.
ब्रज कुमार राम : डॉ अजिता भट्टाचार्य के नाम पर वसूली की. ब्रज कुमार राम जेपीएससी की पूर्व सदस्य डॉ अजिता भट्टाचार्य का पीए था. आरोप है कि वह डॉ अजिता भट्टाचार्य के नाम पर अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का आश्वासन देकर वसूली करता था. उसने कई अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के नाम पर नकद सौदेबाजी की.






