Ro no D15139/23

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 1 जून को भोंगापाल में बौद्ध महोत्सव का होगा गरिमामय आयोजन

*केशकाल विधायक ने ली थी बैठक*
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*भोंगापाल में बनेगा छत्तीसगढ़ का प्रथम विशाल बुद्ध शांति पार्क*
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*युद्ध नहीं बुद्ध की थीम पर बौद्ध शांति पार्क निर्माण हेतु अंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी से राज्य शासन और आर्कियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया को प्रस्ताव भेजने का* *निर्णय*
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रायपुर 17 मई 2025। छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में आगामी 1 जून 2025 को बस्तर संभाग के कोंडागांव नारायणपुर जिले अंतर्गत आने वाले भोंगापाल में राज्य स्तरीय
*बौद्ध महोत्सव* का गरिमामय आयोजन होने जा रहा है। छत्तीसगढ़ बस्तर में *युद्ध नहीं बुद्ध* की शांति के ऐतिहासिक, पुरातात्विक, सांस्कृतिक और
आध्यात्मिक विरासत को दृष्टिगत रखते हुए *बौद्ध महोत्सव* के इस राज्य स्तरीय आयोजन में भोंगापाल और इसके आसपास के विशाल चिन्हांकित परिक्षेत्र में अद्भुत, अद्वितीय और अनुपम *बौद्ध* *शांति पार्क* निर्माण करने की भी पहल की जाएगी।

ज्ञात हो कि इस संदर्भ में केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम की उपस्थिति में गत दिनों रायपुर में डॉ.अंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक भी हुई थी। मुख्यमंत्री द्वारा भोंगापाल बौद्ध महोत्सव में शामिल होने की मिली सहमति के पश्चात आगामी 1 जून 2025 को भोंगापाल में यह आयोजन गरिमापूर्ण ढंग से आयोजित करने आज अंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी के प्रबंधकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि भोंगापाल बौद्ध महोत्सव के आयोजन में अंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी शासन प्रशासन को हर संभव सहयोग देगा। ए.डब्लू.एस. प्रबंधकारिणी की आज शनिवार को हुई बैठक मे लिए गए फैसले के अनुरूप भोंगापाल बौद्ध महोत्सव के आयोजन की रूपरेखा और कार्ययोजना पर भी गंभीरता से विचार किया गया। बताया गया कि इस महत्वपूर्ण आयोजन में छत्तीसगढ़ राज्य के प्रत्येक संभाग और जिलों के सभी समाज के लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सर्व समाज के लोगों और संगठनों के समन्वय से आयोजित किए जाने वाले इस राज्य स्तरीय बौद्ध महोत्सव हेतु व्यापक तैयारियां की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में महासमुंद जिले के सिरपुर में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध स्थल अपनी पूरी ऐतिहासिकता और समृद्ध पुरातात्विक विरासत के साथ मौजूद है। इसी प्रकार बस्तर अंचल में पुरातात्विक ऐतिहासिक महत्व का स्थल कोंडागांव जिले के भोंगापाल और इसके आसपास भी प्रचुरता के साथ है। यहां बौद्ध कालीन अनेक मूर्तियां और अवशेष क्षेत्र में बिखरे हुए हैं। इसे संरक्षित और संवर्धित करने के लिए तथा श्रेष्ठ श्रेणी का पुरातत्व स्थल घोषित करने के लिए अंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी द्वारा केंद्रीय पुरातत्व विभाग सहित छत्तीसगढ़ शासन व पुरातत्व विभाग को प्रस्ताव भेजे जाने का निर्णय लिया गया।

डॉ अंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष दिलीप वासनिकर,
रायपुर संभाग के कमिश्नर महादेव कावरे और उपाध्यक्ष सुनील रामटेके , कमल नारायण कांडे की मौजूदगी में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में डाॅ. कृष्णमूर्ति कांबले, अनिल खोबरागड़े , संजय बागड़े , अशोक धवले, कमलेश बंसोड़, संजीव खुदशाह के साथ अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित थे।

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