Ro no D15139/23

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ समाजवादी पार्टी को जारी किया गया कारण बताओ नोटिस

अम्बिकापुर 04 जुलाई 2025/  भारत निर्वाचन आयोग द्वारा भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29ए के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए, पंजीकृत दलों की सूची से राजनीतिक पार्टी “छत्तीसगढ़ समाजवादी पार्टी“ को हटाने का प्रस्ताव किया है। प्रस्तावित कार्रवाई करने से पहले, आयोग ने उक्त पार्टी को एक अभ्यावेदन/कारण बताने का अवसर प्रदान करने का निर्णय लिया है, जिसमें प्रस्तावित कार्रवाई क्यों न की जाए। राजनीतिक दल “छत्तीसगढ़ समाजवादी पार्टी“ को पत्र जारी कर कहा गया है कि यदि वह चाहे तो इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी छत्तीसगढ़ को लिखित अभ्यावेदन दे सकते हैं। यदि कोई अभ्यावेदन हो, तो उसके साथ दल के अध्यक्ष या महासचिव का हलफनामा तथा सभी सहायक दस्तावेज संलग्न होने चाहिए, जिन पर दल भरोसा करना चाहता है। यह अभ्यावेदन 11 जुलाई 2025 तक मुख्य निर्वाचन अधिकारी छत्तीसगढ़ तक पहुंच जाने चाहिए। यह भी कहा गया है कि दल के लिए सुनवाई की तारीख 11 जुलाई 2025 निर्धारित की गई है। ऐसी सुनवाई में दल के अध्यक्ष या महासचिव या प्रमुख का उपस्थित होना अनिवार्य है। यदि उक्त तिथि तक दल से कोई उत्तर प्राप्त नहीं होता है, तो यह माना जाएगा कि दल के पास इस मामले में कहने के लिए कुछ नहीं है तथा आयोग दल को किसी अन्य संदर्भ के बिना उचित आदेश पारित करेगा।

बता दें भारत के व्यक्तिगत नागरिकों के किसी संघ, निकाय का राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के प्रावधानों द्वारा शासित होता है। जबकि, उक्त धारा 29ए के तहत चुनाव आयोग के साथ राजनीतिक दल के रूप में किसी संघ के पंजीकरण का उद्देश्य उसी धारा में बताया गया है, आर्थात जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रयोजनों के लिए उस भाग के प्रावधानों का लाभ उठाना, जिसका अर्थ है उक्त अधिनियम के तहत आयोग द्वारा आयोजित चुनावों में भागीदारी। जबकि “छत्तीसगढ़ समाजवादी पार्टी“ उक्त धारा के तहत पार्टी द्वारा किए गए आवेदन पर, उक्त धारा 29ए के तहत एक राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत किया गया था। राजनीतिक दल का वर्तमान पता ज्ञात नहीं है। आयोग के अभिलेखों के अनुसार, उक्त पार्टी ने वर्ष 2019 से पिछले 06 वर्षों में लोक सभा या किसी राज्य विधान सभा या उप-चुनाव में किसी भी चुनाव में कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं किया है। उपरोक्त के मद्देनजर, यह स्वतः स्पष्ट है कि उक्त पार्टी ने उपरोक्त धारा 29ए के प्रयोजनों के लिए एक राजनीतिक पार्टी के रूप में कार्य करना बंद कर दिया है।

  • Related Posts

    राज्योत्सव-2026 के आयोजन की तैयारियों के संबंध में 26 अक्टूबर को होगी बैठक

      अम्बिकापुर 23 अक्टूबर 2026/   प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी  02 नवम्बर 2026 को जिला मुख्यालयों में एक दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम-2026 का आयोजन किया जाना है। जिसकी तैयारी…

    Read more

    शासकीय भूमि को राजस्व अभिलेखों में कूट रचना कर निजी व्यक्ति के नाम पर किए जाने के कारण आजाद इराकी सहित कुल 5 व्यक्तियों के विरुद्ध  प्राथमिकी दर्ज किए जाने हेतु आदेश

      अम्बिकापुर 23 अक्टूबर 2026/   कलेक्टर सरगुजा ने तहसील मैनपाट के ग्राम केसरा में स्थित भूमि खसरा नम्बर 1378 रकबा 3.46 हे. से संबंधित मामले में तहसीलदार मैनपाट के…

    Read more

    NATIONAL

    बिहार-बंगाल सहित इन राज्यों के 22 शहर में पेट्रोल-डीजल निकालने वाले तेल रिफाइनरी प्लांट, अमेरिका को जामनगर ही क्यों भाया?

    बिहार-बंगाल सहित इन राज्यों के 22 शहर में पेट्रोल-डीजल निकालने वाले तेल रिफाइनरी प्लांट, अमेरिका को जामनगर ही क्यों भाया?

    ‘भारत है रिफाइनिंग सुपरपावर’! आखिर रुबियो ने ऐसा क्यों कहा?

    ‘भारत है रिफाइनिंग सुपरपावर’! आखिर रुबियो ने ऐसा क्यों कहा?

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने कहा- हम बेहद करीब, पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगी यह डील

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने कहा- हम बेहद करीब, पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगी यह डील

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी