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बस्तर संभाग के अतिवृष्टि प्रभावित जिलों में मकान क्षति के 1694 प्रकरणों में प्रभावितों को मिली 08 करोड़ 81 लाख रुपए से अधिक मुआवजा

पशुधन एवं फसल क्षति का भी मुआवजा राशि वितरित

जगदलपुर, 04 सितम्बर 2025/ बस्तर संभाग के बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर एवं सुकमा जिले में बीते सप्ताह हुई अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों के राहत एवं पुनर्वास के लिए राज्य सरकार संवेदनशील पहल कर रही है। इस दिशा में जहां प्रभावितों को राहत शिविरों में भोजन, चिकित्सा सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किया जा रहा है। वहीं मकान क्षति, पशुधन हानि एवं फसल क्षति का सर्वेक्षण कर आरबीसी 6-4 के तहत स्वीकृत मुआवजा राशि प्रभावितों को प्रदान किया जा रहा है। कमिश्नर बस्तर संभाग श्री डोमन सिंह के द्वारा अतिवृष्टि प्रभावितों को हरसंभव मदद देने के निर्देश के परिपालन में राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत अब तक इन सभी जिलों में मकान क्षति के 1694 प्रकरणों में प्रभावितों को 08 करोड़ 81 लाख 49 हजार रुपए मुआवजा राशि प्रदान किया गया है। वहीं पशुधन क्षति एवं फसल क्षति का आंकलन कर अब तक स्वीकृत 48 प्रकरणों में 04 लाख 80 हजार रुपए मुआवजा राशि वितरित किया गया है।
राज्य शासन की राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के अनुसार अतिवृष्टि प्रभावित बस्तर जिले के अंतर्गत पूर्ण मकान क्षति के 103 प्रकरणों में एक करोड़ 29 लाख 63 हजार रुपए एवं आंशिक मकान क्षति के 356 प्रकरणों में 18 लाख 10 हजार रुपए, दंतेवाड़ा जिले के अंतर्गत पूर्ण मकान क्षति के 420 प्रकरणों में 05 करोड़ एक लाख 76 हजार रुपए तथा आंशिक मकान क्षति के 562 प्रकरणों में एक करोड़ 96 लाख 20 हजार रुपए, बीजापुर जिले के अंतर्गत पूर्ण मकान क्षति के 26 प्रकरणों में 18 लाख 45 हजार रुपए एवं आंशिक मकान क्षति के 35 प्रकरणों में एक लाख 17 हजार रुपए और सुकमा जिले के अंतर्गत पूर्ण मकान क्षति के 10 प्रकरणों में 11 लाख 05 हजार रुपए एवं आंशिक मकान क्षति के 182 प्रकरणों में 05 लाख 13 हजार रुपए मुआवजा राशि सम्बंधित प्रभावित परिवारों को आवास निर्माण एवं मरम्मत कार्य के लिए प्रदान किया जा चुका है। साथ ही इन प्रभावितों को बांस-बल्ली भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा आवश्यकता के अनुरूप प्रभावित परिवारों को सूखा राशन, बर्तन, कपड़े एवं अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराया जा रहा है। ज्ञात हो कि उक्त जिलों में सर्वेक्षण के अनुसार प्रारंभिक तौर पर कुल 688 मकान पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं और 1449 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पाए गए हैं। वहीं 176 पशुधन की क्षति हुई है, साथ ही करीब 590 हेक्टेयर ज्यादा फसल की क्षति हुई है। इन सभी क्षति का प्रकरण तैयार कर स्वीकृति के अनुरूप मुआवजा राशि प्रभावितों को प्रदान किया जा रहा है। वर्तमान में इन जिलों के 15 राहत शिविरों में 800 से ज्यादा प्रभावितों को भोजन, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराया जा रहा है।

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