Ro no D15139/23

वो जिंदा थी…’ Pratyusha Banerjee के सुसाइड के 9 साल बाद एक्स राहुल राज सिंह ने खोला राज

साल 2016 में अभिनेत्री प्रत्यूषा बनर्जी (Pratyusha Banerjee) ने आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद उनके बॉयफ्रेंड राहुल राज सिंह पर हत्या का आरोप लगा था। हाल ही में राहुल ने उस घटना पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने प्रत्यूषा को फंदे से लटका हुआ पाया था तब वो जिंदा थीं।

बालिका वधू की आनंदी उर्फ प्रत्यूषा बनर्जी ने साल 2016 में दुखद रूप से आत्महत्या कर ली थी। उन्हें उनके उस समय के ब्वॉयफ्रेंड रहे राहुल राज सिंह ने मुंबई स्थित उनके अपार्टमेंट में फंदे से लटका हुआ पाया था। प्रत्यूषा की अचानक मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया था। राहुल राज सिंह पर प्रत्यूषा की हत्या का आरोप लगा था।

 सालों बाद राहुल ने खोला राज

हाल ही में एक बातचीत में, राहुल राज सिंह ने उस दर्दनाक पल को याद किया जब उन्होंने प्रत्यूषा को उनके घर में फंदे से लटका हुआ पाया था। उन्होंने यह भी बताया कि उनके अपने पिता के साथ रिश्ते खराब थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्यूषा बनर्जी की मौत दम घुटने से हुई थी। फिर भी, उनके माता-पिता ने राहुल राज सिंह पर उनकी हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। अब उस पूरे वाक्या के दौरान क्या हुआ था इस पर राहुल राज सिंह ने अपनी बात रखी है।

घर के पीछे से की एंट्री

फ्री प्रेस जर्नल को दिए एक इंटव्यू में राहुल राज सिंह ने खुलासा किया कि 1 अप्रैल, 2016 को जब उन्होंने प्रत्यूषा बनर्जी को मुंबई स्थित उनके घर में फंदे से लटका हुआ पाया, तब वह जिंदा थीं। उन्होंने कहा, “मैं सबसे पहले पहुंचा और एक ताला बनाने वाले की मदद से हमने दरवाजा खोलने की कोशिश की। हमारे अपार्टमेंट में एक बालकनी थी जो जुड़ी हुई थी। हम गेट खोलने की कोशिश कर रहे थे क्योंकि घंटी बजाने के बाद भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

राहुल ने आगे कहा, ‘मैंने ताला तोड़ने की कोशिश की। मुझे बहुत बुरा लग रहा था। मुझे लगा कि शायद वह नशे में हैं या सो गई हैं। ताला बनाने वाला पीछे से आया और डर गया। उसके हाथ कांप रहे थे। ताला खुल नहीं रहा था क्योंकि उसने प्रत्यूषा को लटके हुए देख लिया था। जब उसने आखिरकार दरवाजा खोला और मैंने ऊपर देखा, तो वह एक काले साटिन के कपड़े में लटकी हुई थीं। यह भयावह था। मैंने हिम्मत जुटाई और उसे अस्पताल पहुंचाया। ले जाते समय भी वह जिंदा थीं। मैंने सीपीआर देने की भी कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बच पाई।’

मानसिक रूप से परेशान थीं प्रत्यूषा

राहुल राज सिंह ने यह भी बताया कि जब वह प्रत्यूषा बनर्जी से मिले थे, वो तब भी मेंटली परेशान थीं। दोनों इस वजह से इमोशनली कनेक्ट हुए और दोनों ने 10 महीने तक डेट किया। उन्होंने आगे कहा कि प्रत्यूषा के पिता बहुत ही गंदे इंसान थे। वह उसके साथ बुरा व्यवहार करते थे, जिसका उसके दिमाग पर गहरा असर पड़ा। इस वजह से वो बुरी तरह टूट चुकी थी।

  • Related Posts

    ‘सुहागन की तरह हो अंतिम संस्कार…’ मौत से पहले ही स्मिता पाटिल को हो गया था अहसास, रह गईं कई अधूरी इच्छाएं

    ये वो शब्द थे जो स्मिता पाटिल अक्सर अपने मेकअप आर्टिस्ट और करीबियों से कहा करती थीं. उनकी ये अजीब सी लगने वाली बात तब सच साबित हुई जब उनके…

    Read more

    विराट कोहली ने 37 की उम्र में किया LinkedIn पर डेब्यू, महज 10 घंटे के अंदर ही 100K लोगों ने किया फॉलो

    Virat Kohli On Linkedin: भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने 37 साल की उम्र में LinkedIn पर डेब्यू कर एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं. इस प्रोफेशनल…

    Read more

    NATIONAL

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    रूस से तेल खरीदने पर भारत पर कोई टैरिफ नहीं, ट्रंप ने 100% टैरिफ लगाने वाले कानून पर लगाई रोक

    रूस से तेल खरीदने पर भारत पर कोई टैरिफ नहीं, ट्रंप ने 100% टैरिफ लगाने वाले कानून पर लगाई रोक

    भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाना क्या कानूनी था?

    भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाना क्या कानूनी था?

    प्रोटेस्ट के सबसे अचूक हथियार अनशन से क्यों बच रहे हैं राहुल गांधी और अभिजीत दीपके? बदलते दौर में इसका कितना रहा महत्व

    प्रोटेस्ट के सबसे अचूक हथियार अनशन से क्यों बच रहे हैं राहुल गांधी और अभिजीत दीपके? बदलते दौर में इसका कितना रहा महत्व

    अंकिता भंडारी के माता-पिता को पुलिस ने सुबह 5 बजे छोड़ा, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम

    अंकिता भंडारी के माता-पिता को पुलिस ने सुबह 5 बजे छोड़ा, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम