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Javed Akhtar Birthday Special: 81 साल के हुए जावेद अख्तर, जानिए उनकी लिखी वो यादगार फिल्में जो आज भी दिलों में हैं

Javed Akhtar Birthday Special: जावेद अख्तर आज 81 साल के हो गए हैं. अपनी शानदार कहानियों और यादगार संवादों से उन्होंने भारतीय सिनेमा को नई पहचान दी. उनके जन्मदिन पर जानिए वे मशहूर फिल्में, जिनकी कहानी उन्होंने लिखी, लेकिन यह बात बहुत कम लोग जानते हैं.

Javed Akhtar Birthday Special: बॉलीवुड के प्रसिद्ध स्क्रीनराइटर, गीतकार और कवि जावेद अख्तर आज 81 साल के हो गए हैं. अपनी बेहतरीन कहानियों और दिल को छू लेने वाले संवादों के लिए जाने जाने वाले जावेद अख्तर ने भारतीय सिनेमा में हमेशा के लिए अपनी पहचान बनाई है. उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और पांच राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जैसे बड़े सम्मान भी मिल चुके हैं. ऐसे में आज उनके जन्मदिन पर हम आपको कुछ ऐसी मशहूर फिल्मों के बारे में बताएंगे जिनके बारे में आप शायद ही ये जानते होंगे कि इनकी कहानी जावेद अख्तर ने लिखी है.

Zanjeer

1973 में रिलीज हुई Zanjeer के जरिए जावेद अख्तर ने सलिम खान के साथ मिलकर अपने करियर की पहली बड़ी सफलता हासिल की. प्रकाश मेहरा निर्देशित इस फिल्म ने अमिताभ बच्चन को सुपरस्टार बनाया और उनके “एंग्री यंग मैन” अवतार को जन्म दिया। इसके दमदार संवाद आज भी दर्शकों के जहन में ताजा हैं.

Sholay और Deewar

1975 में Sholay और Deewar जैसी फिल्मों ने बॉलीवुड में एक नया स्टैंडर्ड सेट कर दिया. रमेश सिप्पी की Sholay में अमिताभ के साथ धर्मेंद्र, हेमा मालिनी और जया भादुरी की एक्टिंग ने दर्शकों को रोमांचित किया. वहीं यश चोपड़ा की Deewar ने अमिताभ के विजय वर्मा के किरदार को अमर बना दिया. इन फिल्मों के संवाद और कहानी ने भारतीय सिनेमा में क्लासिक की पहचान बनाई.

Don और Main Azaad Hoon

1978 की Don और 1989 की Main Azaad Hoon में जावेद अख्तर ने अपनी अलग हुनर का परिचय दिया. Don में अमिताभ के शानदार किरदार और एक्शन सीन आज भी दर्शकों की यादों में ताजा हैं, जबकि Main Azaad Hoon ने सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सवाल उठाए.

Lakshya

2004 में फरहान अख्तर निर्देशित Lakshya में  की भूमिका और जावेद अख्तर की लिखी कहानी ने दर्शकों को प्रेरित किया. एक युवा की आत्म-खोज की कहानी में उनकी रचनात्मकता झलकती है.

जावेद अख्तर ने अपनी लेखनी से भारतीय सिनेमा को बहुत कुछ दिया है. अमिताभ बच्चन के साथ उनका काम और उनके दमदार संवाद आज भी लोगों को याद हैं. उनकी कहानियां आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी.

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