Ro no D15139/23

महतारी वंदन योजना से संवर रहा बेटियों का भविष्य नीतू साहू बनी महिला सशक्तिकरण की मिसाल

 

धमतरी, 10 मार्च 2026/ छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को न केवल आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि वे इस राशि का उपयोग अपने परिवार और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को संवारने में भी कर रही हैं। धमतरी जिले के ग्राम श्यामतराई की निवासी श्रीमती नीतू साहू की कहानी इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि किस प्रकार एक छोटी आर्थिक सहायता भी परिवार की सोच और भविष्य की दिशा बदल सकती है।

श्रीमती नीतू साहू का जीवन मजदूरी पर आधारित है। सीमित आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उनकी सबसे बड़ी चिंता अपनी दोनों बेटियों—नित्या और जागृति—के भविष्य को सुरक्षित करना था। एक माँ होने के नाते उन्हें हमेशा इस बात की चिंता रहती थी कि बेटियों की पढ़ाई और आगे चलकर विवाह के लिए आर्थिक व्यवस्था कैसे होगी।

इसी बीच छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई महतारी वंदन योजना उनके जीवन में उम्मीद की नई किरण बनकर आई। योजना के अंतर्गत हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया। नीतू साहू ने इस राशि का समझदारी से उपयोग करते हुए अपनी दोनों बेटियों के नाम से सुकन्या समृद्धि योजना के तहत पोस्ट ऑफिस भटगांव में खाते खुलवाए।

पहले आर्थिक तंगी के कारण वे साल भर में मुश्किल से एक हजार रुपये ही जमा कर पाती थीं, लेकिन अब योजना से मिलने वाली राशि की बदौलत वे हर महीने अपनी दोनों बेटियों के खातों में 500-500 रुपये नियमित रूप से जमा कर रही हैं। इस प्रकार हर वर्ष 6000 रुपये की बचत बेटियों के भविष्य के लिए सुरक्षित हो रही है।

नीतू साहू का कहना है कि इस योजना ने उन्हें न केवल आर्थिक सहारा दिया है, बल्कि भविष्य के प्रति भरोसा भी जगाया है। उन्हें विश्वास है कि जब उनकी बेटियाँ बड़ी होंगी, तब यह बचत उनकी शिक्षा और विवाह में महत्वपूर्ण सहारा बनेगी।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नीतू साहू से वर्चुअल संवाद भी किया। इस दौरान नीतू साहू ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस योजना ने उनके जैसे हजारों परिवारों को नई उम्मीद दी है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है।
नीतू साहू की यह कहानी दर्शाती है कि यदि महिलाओं को अवसर और सहयोग मिले तो वे सीमित संसाधनों में भी अपने परिवार और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रख सकती हैं। महतारी वंदन योजना आज प्रदेश की लाखों महिलाओं के जीवन में बदलाव लाकर उन्हें आत्मसम्मान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है।

  • Related Posts

    असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का शाश्वत संदेश देता है विजयादशमी का पर्व : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    *मुख्यमंत्री श्री साय ऐतिहासिक रावणभाठा मैदान में आयोजित विजयादशमी उत्सव में हुए शामिल, प्रदेशवासियों को दी दशहरा पर्व की शुभकामनाएं*   *प्रभु श्रीराम से छत्तीसगढ़ का गहरा आत्मीय नाता, माता…

    Read more

    रायपुर–कुरूद यात्री रेल सेवा शुरू, धमतरी जिले में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार को मिली नई गति

    केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिखाई हरी झंडी, जिले के सिर्री, चटौद और कुरूद स्टेशन होंगे लाभान्वित   अब क्षेत्रवासियों की निगाहें कुरूद से…

    Read more

    NATIONAL

    ‘भारत है रिफाइनिंग सुपरपावर’! आखिर रुबियो ने ऐसा क्यों कहा?

    ‘भारत है रिफाइनिंग सुपरपावर’! आखिर रुबियो ने ऐसा क्यों कहा?

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने कहा- हम बेहद करीब, पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगी यह डील

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने कहा- हम बेहद करीब, पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगी यह डील

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?