Ro no D15139/23

बस्तर के वनांचलों में डिजिटल क्रांति

मातृत्व वंदना और पेंशन योजना की राशि घर-घर पहुँचा रही हैं बीसी सखियाँ

जगदलपुर, 17 मार्च 2026/ वह मंजर आज भी बस्तर के वनांचलों की यादों में एक कसक पैदा कर देता है, जब एक लाचार बुजुर्ग को अपनी चंद रुपयों की पेंशन के लिए तपती धूप में मीलों पैदल चलना पड़ता था। कभी शारीरिक अक्षमता तो कभी तंगहाली के कारण बैंक तक न पहुँच पाने का वह दर्द और थक-हारकर सूनी आँखों से लौट आने की वह बेबसी ग्रामीण जीवन का एक कड़वा सच थी। लेकिन वक्त बदला और बस्तर की इन पथरीली राहों पर ममता और सेवा का हाथ बढ़ाते हुए बीसी सखियों ने उस करुणा को शक्ति में बदल दिया है। आज वही बुजुर्ग अपनी देहरी पर बैठी बैंक सखी को देख मुस्करा उठता है, क्योंकि अब बैंक चलकर उसके घर तक आता है।

ग्रामीण बैंकिंग के इस मानवीय चेहरे का सबसे जीवंत उदाहरण छिदगांव में देखने को मिलता है, जहाँ के वृद्ध हितग्राही रतन राम बघेल वृद्धावस्था के कारण चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं। ऐसे में बीसी सखी दशोमती कश्यप हर माह उनके घर जाकर पेंशन की राशि उनके हाथों में सौंपती हैं। अपनी इस सुविधा पर खुशी जाहिर करते हुए रतन राम बघेल कहते हैं कि बढ़ती उम्र और शारीरिक कमजोरी के कारण मेरे लिए बैंक तक जाना अब संभव नहीं रह गया था, पेंशन के पैसों के लिए हमेशा दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब दशोमती बेटी हर महीने घर आकर पैसे दे जाती है, जिससे मुझे बहुत सहारा मिला है। बैंक और ग्रामीणों के बीच एक मजबूत कड़ी बनकर उभरीं जिले की इन 144 बीसी सखियों ने फरवरी महीने में 4 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन कर यह साबित कर दिया है कि यदि महिलाओं को अवसर और तकनीक मिले, तो वे पूरी अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकती हैं। इन बैंक सखियों ने न केवल बैंकिंग सेवाओं को सुलभ बनाया है, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई है। विशेष रूप से मातृत्व वंदना योजना के तहत 67 लाख रुपये से अधिक की राशि गर्भवती और धात्री माताओं तक पहुँचाकर इन सखियों ने स्वास्थ्य और पोषण की दिशा में भी बड़ा योगदान दिया है। इसके साथ ही बुजुर्गों की पेंशन और नरेगा मजदूरों की मजदूरी का भुगतान भी अब इन्हीं बैंक सखियों के माध्यम से गाँव में ही सुरक्षित तरीके से हो रहा है।

महिला सशक्तिकरण का सबसे सुंदर उदाहरण दरभा और बस्तर जैसे ब्लॉकों में देखने को मिला, जहाँ इन बैंक सखियों ने दिन-रात मेहनत कर हजारों ट्रांजैक्शन किए। लोहंडीगुड़ा और तोकापाल जैसे क्षेत्रों में भी सखियों ने बड़ी कुशलता के साथ लाखों रुपयों का प्रबंधन किया। यह केवल आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि उन 144 महिला शक्तियों के आत्मविश्वास की कहानी है जो अब खुद आत्मनिर्भर हैं और अपने गाँव के विकास का नेतृत्व कर रही हैं। बस्तर की इन बेटियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल इंडिया का असली चेहरा गाँवों की ये सशक्त बीसी सखियाँ ही हैं।

  • Related Posts

    सीएम हेल्पलाइन 1076 : आमजन की समस्याओं के समाधान का भरोसेमंद सेतु

    *शिकायत से समाधान तक नागरिकों को मिल रहा मार्गदर्शन और सहायता, शासन तक अपनी बात पहुंचाना हुआ आसान*   *सरगुजा की आराधना के आधार कार्ड में जन्मतिथि की त्रुटि हुई…

    Read more

    बेहरचुवां में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम आयोजित गोद भराई, अन्नप्राशन और पोषण प्रदर्शनी के माध्यम से दिया स्वास्थ्य का संदेश

    कोरबा, 30 सितंबर 2026/सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग ने 28 सितंबर को करतला विकासखंड के ग्राम बेहरचुवां में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम आयोजित किया। परियोजना…

    Read more

    NATIONAL

    ट्रंप का दावा- अमेरिका ने की होर्मुज स्ट्रेट से तेल की रिकॉर्डतोड़ निकासी

    ट्रंप का दावा- अमेरिका ने की होर्मुज स्ट्रेट से तेल की रिकॉर्डतोड़ निकासी

    डोनाल्ड ट्रंप ने सुंदर पिचाई को कहा- ‘मॉन्स्टर’, गूगल सीईओ ने ऐसे किया रिएक्ट

    डोनाल्ड ट्रंप ने सुंदर पिचाई को कहा- ‘मॉन्स्टर’, गूगल सीईओ ने ऐसे किया रिएक्ट

    उपचुनाव के लिए वोटिंग से पहले बोले शुभेंदु अधिकारी- मैं नंदीग्राम का वोटर, मुख्यमंत्री के साथ रहेगी जनता

    उपचुनाव के लिए वोटिंग से पहले बोले शुभेंदु अधिकारी- मैं नंदीग्राम का वोटर, मुख्यमंत्री के साथ रहेगी जनता

    नीतीश कुमार के INDIA ब्लॉक छोड़ने पर CWC में मतभेद, सोनिया गांधी और दिग्विजय सिंह की राय अलग

    नीतीश कुमार के INDIA ब्लॉक छोड़ने पर CWC में मतभेद, सोनिया गांधी और दिग्विजय सिंह की राय अलग

    POK में आर-पार की लड़ाई का ऐलान, LOC के पास जुटे 25 हजार लोगों ने कहा- हम भारत में…

    POK में आर-पार की लड़ाई का ऐलान, LOC के पास जुटे 25 हजार लोगों ने कहा- हम भारत में…

    डाक विभाग ने बदले नियम: पासबुक से लेकर पासपोर्ट तक, जानें अब आपकी कौन सी चीज किस श्रेणी में होगी डिलीवर

    डाक विभाग ने बदले नियम: पासबुक से लेकर पासपोर्ट तक, जानें अब आपकी कौन सी चीज किस श्रेणी में होगी डिलीवर