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संस्कृति विभाग ने अर्थाभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों के लिए छात्रवृत्ति योजना 2026-27 के तहत प्रविष्टियां की आमंत्रित आर्थिक अभाव अब प्रतिभा की राह में नहीं बनेगा बाधा, कला-संस्कृति को मिलेगा नया आयाम

रायपुर, 17 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक एवं सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और प्रतिभाशाली युवाओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ ने अर्थाभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों एवं विद्यार्थियों के लिए वर्ष 2026-27 की छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत प्रविष्टियां आमंत्रित की हैं। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को कला के क्षेत्र में प्रशिक्षण एवं उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। प्रविष्टियां निर्धारित प्रारूप में पूर्ण दस्तावेजों सहित पंजीकृत डाक के माध्यम से 20 मार्च 2026 तक आमंत्रित की गई हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली युवा की प्रगति में बाधा न बने। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक एवं जनजातीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने की दिशा में यह छात्रवृत्ति योजना एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल न केवल युवा कलाकारों को आर्थिक संबल प्रदान करेगी, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भी सहायक सिद्ध होगी।
विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार छात्रवृत्ति प्रोत्साहन हेतु विभिन्न विद्याएं एवं उपविद्याएं निर्धारित की गई हैं। लोक एवं पारंपरिक जनजातीय कलाओं के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की समस्त पारंपरिक जनजातीय एवं लोक नृत्य, नृत्य-गीत, लोकसंगीत, पारंपरिक खेल, वाद्य, पंडवानी, ददरिया, करमा, सुवा, राउत नाचा, गोंडी सहित अन्य जनजातीय गायन-वादन एवं लोक परंपराएं सम्मिलित हैं। शास्त्रीय संगीत में हिंदुस्तानी एवं कर्नाटक (गायन/वादन) मान्य हैं। शास्त्रीय नृत्य में भरतनाट्यम, कथक, कुचिपुड़ी, मोहिनीअट्टम, ओडिसी, मणिपुरी, कथकली आदि विधाएं शामिल हैं। रंगमंच के अंतर्गत हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी नाटक तथा अन्य लोक-जनजातीय नाट्य विधाएं सम्मिलित की गई हैं। दृश्य कला में ग्राफिक्स, मूर्तिकला, पेंटिंग, फोटोग्राफी, मृद्भांड (सेरामिक्स) एवं लोक-जनजातीय चित्रांकन परंपराएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सुगम शास्त्रीय संगीत की विधाएं जैसे ठुमरी, दादरा, टप्पा, भजन, ग़ज़ल एवं कव्वाली भी मान्य हैं।
योजना के लिए पात्रता एवं सामान्य शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। आवेदक छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए तथा चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य है। आवेदक की आयु 15 वर्ष से कम और 30 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदक अथवा उसके माता-पिता/अभिभावक की वार्षिक आय 72,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदन केवल निर्धारित प्रारूप में ही स्वीकार किए जाएंगे। चयनित विद्यार्थियों को नियमानुसार मासिक छात्रवृत्ति प्रोत्साहन राशि 5,000 रुपये से 10,000 रुपये तक प्रदान की जाएगी, जो डीबीटी/ई-पेमेंट के माध्यम से सीधे खाते में अंतरित होगी। आवेदन स्वीकार करने की अंतिम तिथि 20 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। लिफाफे पर स्पष्ट रूप से “अर्थाभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों/छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना 2026-27” अंकित करना अनिवार्य होगा। विलंब से प्राप्त अथवा अपूर्ण आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाइट www.cgculture.in पर उपलब्ध है।

राज्य सरकार का मानना है कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की आत्मा है। लोक और जनजातीय परंपराओं से समृद्ध छत्तीसगढ़ में युवाओं को प्रोत्साहन देना सांस्कृतिक संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की आत्मा है। छत्तीसगढ़ की लोक परंपराएं, जनजातीय संस्कृति, लोकनृत्य, पंथी, राउत नाचा, भरथरी, करमा जैसे लोक रूप प्रदेश की पहचान हैं। ऐसे में युवा कलाकारों को प्रोत्साहन देना सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के माध्यम से न केवल कलाकारों को आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि प्रदेश में सांस्कृतिक गतिविधियों को भी नया आयाम प्राप्त होगा। राज्य सरकार की यह पहल ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना को साकार करते हुए यह संदेश देती है कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती अपितु उसे केवल अवसर और प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लगातार कला, संस्कृति और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की कड़ी में यह छात्रवृत्ति योजना एक और महत्वपूर्ण कदम है, जो प्रदेश को सांस्कृतिक रूप से और अधिक समृद्ध एवं सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होगी। यह छात्रवृत्ति योजना आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाओं को संबल प्रदान करते हुए प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त और समृद्ध बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।

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