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रामनवमी के दिन सीबीएसई 12वीं बोर्ड की परीक्षा, बिहार-झारखंड के छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता

CBSE 12th Exam 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 27 मार्च 2026 को 12वीं बोर्ड के तहत समाजशास्त्र विषय की परीक्षा निर्धारित की है. यह दिन रामनवमी का भी है. इस कारण बिहार और झारखंड के छात्रों और अभिभावकों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है. त्योहार के दिन परीक्षा केंद्र तक पहुंचना और वापस घर लौटना बड़ी चुनौती बनता नजर आ रहा है.

जुलूस और ट्रैफिक जाम बनेगी बड़ी बाधा

रामनवमी के दिन बिहार-झारखंड के कई शहरों में भव्य जुलूस निकाले जाते हैं. आमतौर पर ये जुलूस दोपहर बाद शुरू होते हैं, जो देर रात तक जारी रहते हैं. ऐसे में जब छात्र परीक्षा देकर सेंटर से बाहर निकलेंगे, तब सड़कों पर भारी भीड़ और जाम की स्थिति बन सकती है. कई मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो जाएंगे, जिससे छात्रों के घर लौटने में काफी परेशानी होने की आशंका है.

परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ेगा असर

त्योहार के दौरान सुरक्षा कारणों से बस, ऑटो और टेंपो जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं कई जगहों पर बंद या सीमित कर दी जाती हैं. इससे छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने और वापस आने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. खासकर, ग्रामीण इलाकों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है.

झारखंड सरकार ने बदली छुट्टी की तारीख

इस बीच, झारखंड सरकार ने रामनवमी की छुट्टी को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सरकार की ओर से रामनवमी के लिए पहले 26 मार्च को अवकाश घोषित किया गया था, लेकिन 25 मार्च को जारी अधिसूचना के अनुसार अब 27 मार्च को रामनवमी का अवकाश रहेगा. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब राज्य सरकार ने त्योहार को देखते हुए छुट्टी में बदलाव किया, तो क्या सीबीएसई भी परीक्षा की तारीख आगे नहीं बढ़ा सकता था?

विश्वविद्यालय ने परीक्षा स्थगित कर दिया उदाहरण

इतना ही नहीं, रामनवमी के त्योहार को देखते हुए धनबाद स्थित बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) ने छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 27 मार्च को होने वाली यूजी सेमेस्टर-7 की परीक्षा स्थगित कर दी है. यह परीक्षा अब 28 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी. विश्वविद्यालय के इस फैसले से यह सवाल और भी गहरा हो गया है कि सीबीएसई ने ऐसा कदम क्यों नहीं उठाया?

छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता

छात्रों और उनके अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा और त्योहार एक ही दिन होने से मानसिक दबाव बढ़ गया है. एक तरफ परीक्षा की चिंता है, तो दूसरी ओर सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्र तक पहुंचने और घर लौटने की चिंता भी सता रही है. कई अभिभावक प्रशासन से विशेष व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो.

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