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स्वरोजगार की दिशा में लटोरी की स्व सहायता समूह महिलाओं के बढ़ते कदम ’बिहान’ योजना से हस्तशिल्प में निपुण होकर संवार रहीं आजीविका इको-फ्रेंडलीः डलिया, टोकरी, सजावटी गुलदस्ते, पूजा की ट्रे और फ्रूट बास्केट

 

अम्बिकापुर 05 जून 2026/   स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरगुजा जिले आकांक्षी विकासखंड लखनपुर के ग्राम पंचायत लटोरी की स्व सहायता समूह दीदीयां एक नई मिसाल पेश कर रही है। यहां की महिलाओं ने प्लास्टिक और रेडीमेड उत्पादों का एक बेहतरीन और इको-फ्रेंडली विकल्प तैयार किया है। श्बिहानश् योजना (एनआरएलएम) के सहयोग से गांव की 20 महिलाओं ने अपने हाथों से हस्तशिल्प उत्पादों का निर्माण कर एक छोटे कुटीर उद्योग की नींव रखी है।

तीन महीने के प्रशिक्षण ने निखारा हुनर
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महामाया और रेखा स्व-सहायता समूह की 20 महिलाओं को दिसंबर से फरवरी माह तक हस्तशिल्प बोर्ड द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। इस तीन महीने की ट्रेनिंग का ही नतीजा है कि आज ये महिलाएं बेहद खूबसूरत खस की कलात्मक डलिया, टोकरी, सजावटी गुलदस्ते, पूजा की ट्रे और फ्रूट बास्केट तैयार कर रही हैं। बाजार में इन हस्तनिर्मित और पर्यावरण अनुकूल उत्पादों की मांग भी बढ़ रही है। अपने इस हुनर से तैयार इन उत्पादों के जरिए वे अब न केवल आर्थिक लाभ कमा रही हैं, बल्कि अपनी आजीविका को भी सुदृढ़ कर रही हैं।

पहले रोजगार नहीं था, अब हम आत्मनिर्भर हैं

रेखा महिला स्व-सहायता समूह की सदस्या श्रीमती कौशल्या राजवाड़े अपने अनुभव साझा करते हुए बताती हैं, यह हमारा पहला अवसर है जब हमने इस तरह का कोई काम शुरू किया है। पहले हमारे पास रोजगार का कोई साधन नहीं था, लेकिन बिहान योजना से जुड़कर और हस्तशिल्प का प्रशिक्षण लेकर अब हमारे पास अपना खुद का रोजगार है और हम अपनी आजीविका बहुत अच्छे से चला रहे हैं।

श्रीमती राजवाड़े ने उत्साहपूर्वक बताया कि वे सभी महिलाएं मिलकर इस डलिया-टोकरी के व्यवसाय को बड़े स्तर पर ले जाना चाहती हैं ताकि उनके गांव का नाम रोशन हो सके। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार का अवसर प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

शासन और जिला प्रशासन की इस सकारात्मक पहल से ग्रामीण महिलाएं अब घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर, कुटीर उद्योगों के माध्यम से समाज में अपनी एक नई और सशक्त पहचान बना रही हैं।

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