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प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से बदली जिंदगी श्रीमती कुंती के सपनों को मिला अपना आशियाना,अब भयमुक्त और सम्मानजनक जीवन जर्जर कच्चे मकान और जंगली हाथियों के खतरे से मिली मुक्ति, पक्के आवास ने दिया सुरक्षा और आत्मविश्वास का नया आधार

रायपुर, 04 जुलाई 2026/ प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) गरीब और वंचित परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की नई इबारत लिख रही है। योजना के माध्यम से न केवल जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और पक्के आवास उपलब्ध हो रहे हैं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद भी मिल रही है। सूरजपुर जिले के दूरस्थ वनांचल ग्राम घुई की निवासी श्रीमती कुंती की कहानी इस बदलाव का प्रेरक उदाहरण है।

जनपद पंचायत प्रतापपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत घुई की 32 वर्षीय श्रीमती कुंती का परिवार लंबे समय तक जर्जर कच्चे मकान में रहने को विवश था। बरसात के दिनों में छत टपकना, घर में पानी भर जाना और आसपास के वन क्षेत्र से जंगली हाथियों के आने का लगातार खतरा परिवार के लिए चिंता और असुरक्षा का कारण बना रहता था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार होने के कारण वे अपने पति के साथ दिहाड़ी मजदूरी कर किसी प्रकार परिवार का पालन-पोषण करती थीं।

वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत उनका आवास स्वीकृत हुआ। शासन द्वारा समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई, वहीं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से आवास निर्माण में मजदूरी का लाभ मिलने से निर्माण कार्य का आर्थिक बोझ भी काफी हद तक कम हुआ। ग्राम पंचायत के सचिव, रोजगार सहायक और तकनीकी सहायक के सतत मार्गदर्शन तथा प्रशासन की सक्रिय निगरानी से निर्धारित समयावधि में आवास का निर्माण पूर्ण हो सका।

आज श्रीमती कुंती का परिवार एक मजबूत, सुरक्षित और पक्के घर में निवास कर रहा है। अब उन्हें बरसात, प्राकृतिक आपदाओं अथवा जंगली जानवरों के भय से मुक्त होकर जीवन जीने का आत्मविश्वास मिला है। पक्के आवास ने उनके परिवार के जीवन स्तर में सुधार लाने के साथ-साथ सामाजिक सम्मान और भविष्य के प्रति विश्वास को भी मजबूत किया है।

भावुक होकर श्रीमती कुंती कहती हैं कि पहले हर बारिश का मौसम चिंता लेकर आता था, लेकिन अब उनका परिवार अपने सुरक्षित घर में निश्चिंत और सम्मानपूर्वक जीवन बिता रहा है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान निर्माण की योजना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम है।

श्रीमती कुंती ने भारत सरकार, छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन सूरजपुर और ग्राम पंचायत के अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की संवेदनशील पहल और सुशासन आधारित कार्यप्रणाली ने उनके वर्षों पुराने पक्के घर के सपने को साकार कर दिया है।

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