
Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच ने अब रफ्तार पकड़ ली है. दूसरी तरफ भरत की मां ने आज से भूख पड़ताल करने का फैसला लिया था. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान परिजनों ने दोषी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करने की मांग की थी. साथ ही मांग पूरी नहीं होने पर मां आशा देवी ने भूख हड़ताल करने का फैसला लिया था. ऐसे में 11 बजे से वह भूख हड़ताल कर सकतीं हैं.
दोषी पुलिसकर्मियों को सजा देने की मांग
मिली जानकारी के मुताबिक, भरत तिवारी के घर के सामने एक पेड़ के नीचे आमरण अनशन होगा. मां ने बताया कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों को सजा नहीं मिलती, उनकी गिरफ्तारी नहीं होती है, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी. इसमें भरत की बहन रूबी कुमारी, भाई चंदन तिवारी, बसंत तिवारी और भाभी भी शामिल रहेंगी. बुधवार को एनकाउंटर मामले में परिजनों ने कोर्ट में बयान भी दर्ज कराया है.
रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा ने जांच की दी जानकारी
दूसरी तरफ, एनकाउंटर की न्यायिक जांच को लेकर रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा ने जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आरा स्थित जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय परिसर में न्यायिक जांच आयोग का कार्यालय स्थापित किया गया है. मामले में आगे की जांच अधिकारियों के साथ बैठक कर की जाएगी. पूरे मामले की जांच रिपोर्ट सरकार को 6 महीने के अंदर सौंपना है.
क्या-कुछ किया जाएगा जांच?
रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, जांच का पहला उद्देश्य घटना की पूरी पृष्ठभूमि, घटनाक्रम और उन प्रत्यक्ष और परोक्ष परिस्थितियों की पड़ताल करना है जिसकी वजह से यह घटना घटित हुई. साथ ही 17 जून को बिलौटी में हुए पुलिस की कार्रवाई की जांच और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय करना है.
गवाहों के बयान जल्द होंगे दर्ज
इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि गवाहों को समन जारी किया जाना शुरू कर दिया गया है. जल्द ही उनके बयान भी दर्ज किए जायेंगे. विनोद कुमार सिन्हा ने बताया कि उन्होंने पीड़ित परिजनों से उनके घर जाकर मुलाकात की थी. मामले को लेकर पूरी जानकारी ली थी. ऐसे में अब कोशिश है कि समय के अंदर पूरी जांच कर रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाए.








