
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता नहीं, विलंबित परियोजनाओं में सुधारात्मक कार्ययोजना के साथ तय होगी जवाबदेही*
रायपुर, 11 अगस्त 2026/ मंत्रालय महानदी भवन में आज पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने राज्य में भारत सरकार द्वारा स्वीकृत केंद्रीय पर्यटन परियोजनाओं के निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में स्वदेश दर्शन योजना 2.0, चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट (सीबीडीडी), स्पेशल असिस्टेंस स्कीम फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (एसएएससीआई) तथा प्रसाद योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न परियोजनाओं की कार्य प्रगति, पूर्णता की समय-सीमा, लंबित तकनीकी प्रक्रियाओं तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की विस्तार से समीक्षा की गई।
सचिव पर्यटन डॉ. एस. भारतीदासन ने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि पर्यटन परियोजनाओं के निर्माण में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने परियोजनावार कार्य प्रगति की नियमित निगरानी, प्रत्येक कार्य की पूर्णता की समय-सीमा निर्धारित करने तथा लंबित कार्यों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं में कार्य निर्धारित समय-सीमा से पीछे चल रहे हैं, उनके विलंब के कारणों की स्पष्ट समीक्षा की जाए तथा सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार कर प्रत्येक कार्य घटक के लिए स्पष्ट समय-सारणी निर्धारित की जाए। निर्माण एजेंसियों द्वारा कार्य में अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय करते हुए अनुबंधीय प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
*तकनीकी स्वीकृति और लंबित प्रक्रियाओं का शीघ्र निराकरण*
बैठक में तकनीकी स्वीकृति, स्ट्रक्चर वेटिंग सहित अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं से संबंधित लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। सचिव पर्यटन ने संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर इन प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण कराने के निर्देश दिए, ताकि तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण निर्माण कार्य प्रभावित न हों।
*डोंगरगढ़ प्रसाद योजना के शेष कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश*
प्रसाद योजना के अंतर्गत डोंगरगढ़ में चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए डॉ. भारतीदासन ने परियोजना को पूर्णता के निकट देखते हुए शेष कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित क्रियान्वयन एजेंसियों को शेष कार्यों के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण करने को कहा।
*मयाली और भोरमदेव कॉरिडोर परियोजनाओं की भी हुई समीक्षा*
बैठक में जशपुर जिले के बगीचा स्थित मयाली पर्यटन परियोजना तथा भोरमदेव कॉरिडोर पर्यटन परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सचिव पर्यटन ने इन परियोजनाओं में स्ट्रक्चर वेटिंग एवं तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्थल पर किए गए प्रारंभिक कार्यों का तकनीकी परीक्षण कर उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा, ताकि आगे के निर्माण कार्यों को निर्धारित तकनीकी मानकों एवं स्वीकृत कार्ययोजना के अनुरूप तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
*निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और वास्तविक प्रगति के अनुरूप भुगतान पर जोर*
डॉ. भारतीदासन ने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यों का मापन, मूल्यांकन तथा भुगतान की प्रक्रिया वास्तविक भौतिक प्रगति के अनुरूप और नियमानुसार सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित तकनीकी निगरानी तथा गुणवत्ता परीक्षण को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
*प्रत्येक परियोजना के लिए जिम्मेदार अधिकारी होंगे निर्धारित*
सचिव पर्यटन ने छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड को प्रत्येक केंद्रीय पर्यटन परियोजना के लिए बोर्ड के जिम्मेदार अधिकारी निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी परियोजना की नियमित निगरानी करेंगे और प्रत्येक माह की प्रगति का प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। इससे परियोजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की नियमित समीक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
*अगली समीक्षा बैठक में प्रस्तुत होगी एक्शन टेकन रिपोर्ट*
सचिव पर्यटन ने केंद्रीय पर्यटन परियोजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए आगामी समीक्षा बैठक में प्रत्येक परियोजना की प्रगति के साथ एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों पर की गई कार्रवाई और परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति स्पष्ट रूप से प्रस्तुत की जाए, ताकि लंबित कार्यों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, डीजीएम श्रीमती पूनम शर्मा, पर्यटन विभाग की अवर सचिव श्रीमती रुचि शर्मा, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अभियंता, भारत सरकार द्वारा स्वीकृत स्वदेश दर्शन योजना 2.0, चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट (सीबीडीडी), स्पेशल असिस्टेंस स्कीम फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (एसएएससीआई) तथा प्रसाद योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन कार्यों से संबंधित क्रियान्वयन एजेंसियों, सलाहकारों, वास्तुविदों तथा संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।









