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इर्रा में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वन महोत्सव

2800 पौधों का रोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, विधायक अजय चंद्राकर ने किया पौधारोपण

 

पौधा धरती माता और जन्म देने वाली मां के प्रति प्रेम, कृतज्ञता और सम्मान का जीवंत प्रतीक : अजय चंद्राकर

 

विश्व हाथी दिवस पर वन्यजीव संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का आह्वान, तिरंगा यात्रा में भी शामिल हुए विधायक

 

धमतरी, 12 अगस्त 2026। धमतरी वन मंडल के तत्वावधान में कुरूद विकासखंड के ग्राम इर्रा में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत वन महोत्सव 2026 का आयोजन गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुरूद विधायक श्री अजय चंद्राकर रहे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों और ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित क्षेत्र के विस्तार का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान नीम, बरगद, अर्जुन, जामुन, करंज, अमरूद, बेल और आंवला सहित विभिन्न प्रजातियों के लगभग 2800 पौधे रोपे गए।

 

पौधा धरती माता और जन्म देने वाली मां के प्रति प्रेम व सम्मान का प्रतीक : अजय चंद्राकर

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री अजय चंद्राकर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर संचालित ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान पर्यावरण संरक्षण को भावनात्मक जुड़ाव से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण जनअभियान है। उन्होंने कहा कि मां हमारे जीवन का आधार हैं और पेड़ भी जीवन के आधार हैं। इसलिए मां के नाम पर लगाया गया प्रत्येक पौधा धरती माता और जन्म देने वाली मां के प्रति प्रेम, कृतज्ञता और सम्मान का जीवंत प्रतीक है।

 

उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर पर्यावरण तैयार करने का संकल्प है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि लगाए गए प्रत्येक पौधे को परिवार के सदस्य की तरह संरक्षण दें और उसकी नियमित देखभाल करते हुए उसे विशाल वृक्ष के रूप में विकसित करें। उन्होंने क्षेत्र में बरगद और पीपल के वृक्षों का विशेष उद्यान विकसित करने की दिशा में पहल करने की बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसे हरित क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को प्रकृति से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करेंगे।

 

विश्व हाथी दिवस पर वन्यजीव संरक्षण का संदेश

 

कार्यक्रम में 12 अगस्त को मनाए जाने वाले विश्व हाथी दिवस के अवसर पर वनमंडलाधिकारी श्री जाधव ने उपस्थित जनसमूह को वन्यजीव एवं हाथी संरक्षण के संबंध में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि वन्यजीव प्रकृति के महत्वपूर्ण अंग हैं और वन एवं वन्यजीवों का संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व की भावना को मजबूत करने तथा वन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों से सतर्कता, संवेदनशीलता और विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।

 

उन्होंने कहा कि हाथियों सहित सभी वन्यजीवों का संरक्षण जैव विविधता और पारिस्थितिक संतुलन के लिए आवश्यक है। जनभागीदारी और जागरूकता के माध्यम से मानव एवं वन्यजीवों के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित किया जा सकता है।

 

तिरंगा यात्रा में शामिल हुए विधायक अजय चंद्राकर

 

वन महोत्सव के अवसर पर तिरंगा यात्रा भी निकाली गई। विधायक श्री अजय चंद्राकर ने तिरंगा यात्रा में सहभागिता की। हाथों में तिरंगा लेकर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के कर्मचारियों एवं ग्रामीणों ने देशभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। तिरंगा यात्रा के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक एकजुटता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।

 

जिले में विकसित किए जा रहे हरित एवं पर्यटन क्षेत्र

 

वनमंडलाधिकारी ने जिले में वन विभाग द्वारा किए जा रहे पौधारोपण, उद्यान विकास एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि भखारा एवं बड़े करेली में ‘ऑपरेशन सिंदूर उद्यान’ का लोकार्पण हो चुका है। वहीं सेमरा और परखंदा में उद्यान निर्माण का कार्य प्रगति पर है। इस वर्ष कोडापार, बगदेही एवं चटोद में भी उद्यान निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसके अलावा जीजामगांव को इको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

 

उन्होंने कहा कि पौधारोपण के साथ-साथ इन पौधों का संरक्षण, हरित क्षेत्रों का विकास और स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। इससे जिले में पर्यावरण संरक्षण के साथ प्रकृति आधारित पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।

 

ग्रामीणों ने पौधों के संरक्षण का लिया संकल्प

 

वन महोत्सव के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण किया तथा रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को अपने घर, खेत, सार्वजनिक स्थलों एवं सामुदायिक क्षेत्रों में अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें वृक्ष के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।

 

कार्यक्रम में जिला पंचायत धमतरी के उपाध्यक्ष श्री गौकरण साहू, नगर पंचायत भखारा की अध्यक्ष श्रीमती ज्योति हरख जैन, जनपद पंचायत कुरूद की अध्यक्ष श्रीमती गीतेश्वरी साहू, जनपद पंचायत कुरूद के वन सभापति श्री अजय ध्रुव, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती पूजा राजू साहू, वनमंडलाधिकारी श्री जाधव, एसडीएम कुरूद सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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