
कलेक्टर ने देखी बच्चों की तकनीकी प्रतिभा, रोबोटिक्स और एआई प्रोजेक्ट की सराहना
धमतरी, 18 अगस्त 2026। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के बीते दिन मगरलोड प्रवास के दौरान स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल मगरलोड में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से परिचित कराने के उद्देश्य से स्टेम, रोबोटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट ऑफ थिंग्स एवं थ्री-डी प्रिंटिंग पर आधारित व्यावहारिक कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का आयोजन स्टेम रोबो हब इंडिया के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री देवव्रत सिन्हा द्वारा किया गया। विद्यार्थियों ने तकनीकी अवधारणाओं को समझने के साथ स्वयं विभिन्न प्रोजेक्ट तैयार कर उनका व्यावहारिक प्रयोग किया।
कार्यशाला में विद्यार्थियों को रोबोट निर्माण, थ्री-डी प्रिंटिंग के माध्यम से विभिन्न मॉडल तैयार करने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बुनियादी अवधारणाओं को समझने तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स तकनीक के जरिए इंटरनेट की सहायता से घर के स्विच बोर्ड को नियंत्रित करने जैसे प्रयोग कराए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में तकनीकी समझ के साथ रचनात्मकता, समस्या समाधान और नवाचार की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया गया।
इस दौरान कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न प्रोजेक्ट एवं गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके प्रोजेक्ट के संबंध में जानकारी ली तथा उनके प्रयोगों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक के क्षेत्र में निरंतर सीखने, प्रयोग करने और नवाचार के लिए प्रेरित किया।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि आज का दौर तकनीक और नवाचार का है। विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ तकनीक का व्यावहारिक ज्ञान भी मिलना चाहिए। इस तरह की कार्यशालाओं से बच्चों में नई चीजें सीखने, स्वयं प्रयोग करने और समस्याओं के समाधान खोजने की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए ऐसे प्रयास निरंतर किए जाने चाहिए।
इस अवसर पर स्टेम रोबो हब इंडिया के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री देवव्रत सिन्हा ने कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा को विशेष रूप से तैयार किया गया थ्री-डी प्रिंटेड उपहार भी भेंट किया।
श्री देवव्रत सिन्हा ने कहा कि संस्था का उद्देश्य बच्चों को केवल तकनीक की जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें तकनीक का उपयोग करते हुए स्वयं निर्माण करने और नवाचार करने के लिए सक्षम बनाना है। जब विद्यार्थी अपने हाथों से रोबोट, मॉडल या तकनीकी प्रोजेक्ट तैयार करते हैं, तो उनमें सीखने के साथ आत्मविश्वास और समस्या समाधान की क्षमता भी विकसित होती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी आधुनिक तकनीकों से जोड़ना संस्था की प्राथमिकता है।
स्टेम रोबो हब इंडिया द्वारा स्टेम शिक्षा, रोबोटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, थ्री-डी प्रिंटिंग, ड्रोन तकनीक, एटीएल लैब एवं ड्रोन लैब स्थापना, तकनीकी प्रशिक्षण तथा कार्यशालाओं के क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य तकनीक को केवल सिखाना नहीं, बल्कि बच्चों को स्वयं निर्माण करने, प्रयोग करने और नवाचार के लिए सक्षम बनाना है।








