
होटल-टूर ऑपरेटर्स के साथ कलेक्टर की बैठक : पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर नए अवसर तलाशने के निर्देश
ऑनलाइन बुकिंग और सोशल मीडिया प्रमोशन पर जोर
धमतरी, 8 सितंबर 2026। धमतरी की प्राकृतिक खूबसूरती, जलाशयों और पहाड़ियों से लेकर मंदिरों, गांधीवादी इतिहास और प्राचीन सांस्कृतिक विरासत तक—पर्यटन की बेशुमार संभावनाओं को अब व्यवस्थित रूप से विकसित करने की तैयारी है। जिला प्रशासन ने पर्यटन को केवल घूमने-फिरने तक सीमित न रखकर इसे रोजगार, स्थानीय कारोबार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
इसी सिलसिले में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने होटल एवं टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ बैठक कर जिले में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार पर मंथन किया। बैठक में होटल, रिसॉर्ट और टूर संचालन से जुड़े लोगों ने अपने अनुभव, समस्याएं और नए पर्यटन प्रोजेक्ट की संभावनाएं साझा कीं।
700 साल पुराने मंदिरों से गांधी मंदिर तक—धमतरी की विरासत को ब्रांड बनाने पर जोर
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि धमतरी शहर और जिले की पहचान केवल प्राकृतिक पर्यटन तक सीमित नहीं है। शहर में ही सात-आठ प्रमुख मंदिर हैं, जिनमें कुछ मंदिर करीब 700 वर्ष पुराने हैं। रुद्रेश्वर मंदिर, कुलेश्वर महादेव मंदिर, राम टेकरी की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर, गांधीजी के नेतृत्व में हुए कंडेल और जंगल सत्याग्रह तथा प्रदेश का एकमात्र गांधी मंदिर धमतरी को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनाते हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी स्थलों को जोड़कर धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक और साहसिक पर्यटन के अलग-अलग सर्किट विकसित किए जा सकते हैं।
गंगरेल के बाद रुद्री में कयाकिंग, अब कैंपिंग पर नजर
कलेक्टर ने बताया कि पिछले पौने तीन वर्षों में जिले के पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं, पहुंच मार्ग, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के साथ जल एवं साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास किए गए हैं। गंगरेल में जल पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के साथ रुद्री डैम में कयाकिंग अकादमी जैसी पहल पर्यटन के नए अवसर खोल रही है।
उन्होंने कहा कि कैंपिंग एरिया विकसित होने से पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। इसके लिए करीब एक-एकड़ क्षेत्र उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जाएगी। हरफर और तिर्रा में भी कैंपिंग के लिए स्थल विकसित करने पर सहमति बनी।
मोहेरा में ट्रैकिंग और कैंपिंग की संभावनाएं तलाशने के निर्देश
कलेक्टर ने होटल एवं रिसॉर्ट संचालकों से पर्यटन क्षेत्र में नए प्रयोग और निवेश के सुझाव मांगे। उन्होंने जिले के सभी टूर ऑपरेटर्स को प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर वहां की संभावनाओं को समझने और नए पर्यटन पैकेज तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि महानदी के किनारे बसे मोहेरा गांव में भी ट्रैकिंग और कैंपिंग की संभावनाएं तलाश की जा सकती हैं। पर्यटन स्थलों के आसपास स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यवसाय के अवसर तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचेगी धमतरी की पर्यटन पहचान
बैठक में पर्यटन की डिजिटल ब्रांडिंग को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि जिले के पर्यटन स्थलों की जानकारी होटल, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जैसे प्रमुख स्थानों पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि बाहर से आने वाले लोगों को धमतरी के पर्यटन स्थलों की जानकारी आसानी से मिल सके।
उन्होंने जिले के चुनिंदा स्थानों पर लग्जरी होमस्टे विकसित करने का सुझाव भी दिया। इसके साथ ही होटल और रिसॉर्ट का सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार तथा पर्यटकों के लिए ऑनलाइन होटल बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
प्रशासन ने कहा—पर्यटन प्रस्ताव आए, हर स्तर पर मिलेगी मदद
कलेक्टर श्री मिश्रा ने होटल एवं टूर ऑपरेटर्स से कहा कि पर्यटन क्षेत्र में नए प्रोजेक्ट या गतिविधियों से संबंधित कोई भी प्रस्ताव जिला प्रशासन के समक्ष लाया जाता है तो उसे आगे बढ़ाने में हरसंभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन और निजी क्षेत्र की साझेदारी से धमतरी को ऐसा पर्यटन गंतव्य बनाया जा सकता है, जहां पर्यटक सिर्फ आएं नहीं, बल्कि यहां रुकें, स्थानीय उत्पादों और सेवाओं का उपयोग करें और बेहतर अनुभव लेकर लौटें।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जयंत नाहटा, एसडीएम श्री पीयूष तिवारी, नगर निगम आयुक्त श्री अरुण वर्मा, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक श्री लोकपाल खांडे, सहित जिले एवं जिले से बाहर से आए होटल, रिसॉर्ट एवं टूर संचालक तथा उनके प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
/: अमित/:








