
PAI-2.0 के थीमवार स्कोर के आधार पर प्राथमिकता वाले विकास कार्यों का चयन
धमतरी, 15 सितंबर 2026/ जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण कुमार सार्वा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिले के समग्र एवं संतुलित विकास, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों के चयन तथा 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप जिला स्तरीय कार्ययोजना तैयार करने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में प्रस्तुत कार्ययोजना एवं अनुशंसित विकास कार्यों को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।
बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री गौकरण साहू सहित जिला पंचायत के सदस्य श्रीमती पूजा सिन्हा, श्रीमती कुलेश्वरी गायकवाड़, श्रीमती मोनिका देवांगन, श्रीमती मीना साहू, श्री टीकाराम कंवर, श्री अजय ध्रुव, श्री नीलम चन्द्राकर, श्रीमती कविता बाबर, श्रीमती अनीता ध्रुव, श्रीमती गरिमा धनुष नेताम तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा उपस्थित रहे।
बैठक में बताया गया कि जिले में विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करते समय पंचायतों की वास्तविक स्थिति, स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों तथा विभिन्न विकास क्षेत्रों में अपेक्षित सुधार को ध्यान में रखा गया है। PAI-2.0 के थीमवार स्कोर के आधार पर कम प्रगति वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां सुधारात्मक एवं प्राथमिकता आधारित कार्यों को जिला स्तरीय कार्ययोजना में शामिल करने पर विशेष जोर दिया गया।
सामान्य सभा में PAI-2.0 के विभिन्न थीमों के अंतर्गत जिले की स्थिति की समीक्षा करते हुए पंचायतों के समग्र विकास को गति देने वाले कार्यों के चयन पर चर्चा की गई। शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, अधोसंरचना, सामाजिक विकास और सुशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपेक्षित सुधार के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की आवश्यकता बताई गई।
16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप संसाधनों का उपयोग
बैठक में 16वें वित्त आयोग के दिशा-निर्देशों एवं अनुशंसाओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया पर विशेष रूप से चर्चा की गई। स्थानीय निकायों को उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का उपयोग जनहित एवं स्थानीय विकास की प्राथमिकताओं के अनुरूप करने पर जोर दिया गया। उपस्थित पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सहमति व्यक्त की कि वित्तीय संसाधनों का उपयोग पारदर्शी, आवश्यकता आधारित एवं प्राथमिकता के अनुरूप किया जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
इसी क्रम में अनटाइड एवं टाइड मद से कराए जाने वाले विभिन्न विकास कार्यों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अनटाइड मद से स्थानीय स्तर पर तत्काल आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता देने तथा टाइड मद के अंतर्गत निर्धारित प्रकृति के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल करने पर चर्चा हुई।
कार्ययोजना को सर्वसम्मति से मिली मंजूरी
जिला पंचायत समन्वय समिति द्वारा 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप तैयार की गई जिला स्तरीय कार्ययोजना एवं अनुशंसित कार्यों को निर्धारित राशि सहित सामान्य सभा के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रस्तावित कार्यों एवं उनके लिए निर्धारित राशि पर सदस्यों द्वारा विस्तार से चर्चा की गई। चर्चा के उपरांत कार्ययोजना एवं प्रस्तावित कार्यों को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण कुमार सार्वा ने कहा कि जिले के विकास के लिए तैयार की जा रही कार्ययोजना में स्थानीय आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि PAI-2.0 के थीमवार स्कोर के आधार पर कम प्रगति वाले क्षेत्रों की पहचान कर लक्षित प्रयास किए जाने से पंचायतों के विकास सूचकांकों में बेहतर सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने स्वीकृत कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा ने कार्ययोजना निर्माण की प्रक्रिया, PAI-2.0 के थीमवार स्कोर तथा 16वें वित्त आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्वीकृत कार्यों के क्रियान्वयन में निर्धारित प्रक्रिया, गुणवत्ता एवं समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि PAI-2.0 के विभिन्न थीमों के आधार पर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने से पंचायतों में विभिन्न क्षेत्रों में योजनाबद्ध एवं परिणामपरक सुधार सुनिश्चित किया जा सकेगा।
बैठक में लेखाधिकारी श्री चंदन टंडन, उपसंचालक पंचायत श्री नकुल प्रसाद वर्मा सहित संबंधित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।









