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Shabana Azmi 76th Birthday: लगातार 3 साल जीता बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड, ‘अंकुर’ से शुरू हुआ था पैरेलल सिनेमा का सफर

18 सितंबर को एक्ट्रेस  अपना 76वां जन्मदिन मना रही हैं. पांच दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने पैरेलल सिनेमा से लेकर कमर्शियल फिल्मों तक अपनी अलग पहचान बनाई. खास बात यह है कि उनके फिल्मी सफर की शुरुआत ही ऐसी रही, जिसने उन्हें सीधे नेशनल अवॉर्ड तक पहुंचा दिया. इसके बाद उन्होंने लगातार तीन साल बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीतकर ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसकी चर्चा आज भी होती है.

पहली ही फिल्म ने बदल दी किस्मत

शबाना आजमी का जन्म 18 सितंबर 1950 को मशहूर शायर कैफी आजमी और थिएटर आर्टिस्ट शौकत आजमी के घर हुआ था. घर में साहित्य, कविता और थिएटर का माहौल था, लेकिन फिल्मों में अपनी जगह बनाने के लिए शबाना ने खुद मेहनत की. उन्होंने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII), पुणे से अभिनय की पढ़ाई की और गोल्ड मेडल हासिल किया. इसके बाद 1974 में उनकी पहली फिल्म ‘अंकुर’ रिलीज हुई. श्याम बेनेगल की इस फिल्म में शबाना आजमी ने लक्ष्मी का किरदार निभाया था. यह उनके करियर की पहली फिल्म थी और इसी फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला. डेब्यू फिल्म से ही इतना बड़ा सम्मान मिलना उनके करियर की शुरुआत को खास बना गया.

फिर लगातार तीन साल जीता नेशनल अवॉर्ड

‘अंकुर’ के बाद शबाना आजमी का शानदार दौर जारी रहा. उन्होंने ‘अर्थ’, ‘खंडहर’ और ‘पार’ जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं. इन फिल्मों के लिए उन्होंने 1983, 1984 और 1985 में लगातार तीन साल बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीता. यानी तीन अलग-अलग साल, तीन अलग-अलग फिल्मों और तीन अलग-अलग किरदारों के लिए उन्हें देश का बड़ा फिल्म सम्मान मिला. इसके बाद 1999 में ‘गॉडमदर’ के लिए भी शबाना आजमी को बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला. इस तरह वह अपने करियर में कुल पांच बार यह सम्मान जीत चुकी हैं.

पैरेलल सिनेमा की बनीं पहचान

शबाना आजमी का नाम भारतीय पैरेलल सिनेमा के सबसे चर्चित कलाकारों में लिया जाता है. ‘अंकुर’, ‘अर्थ’, ‘खंडहर’, ‘पार’ और ‘मंडी’ जैसी फिल्मों में उन्होंने ऐसे किरदार निभाए, जिनमें ग्लैमर से ज्यादा कहानी और अभिनय को महत्व दिया गया. उनकी खासियत यह रही कि उन्होंने अपने करियर को किसी एक तरह की फिल्मों तक सीमित नहीं रखा. गंभीर फिल्मों के साथ उन्होंने मुख्यधारा की फिल्मों में भी काम किया और अलग-अलग पीढ़ियों के दर्शकों से जुड़ी रहीं.

जावेद अख्तर से शादी

शबाना आजमी की निजी जिंदगी भी हमेशा चर्चा में रही है. उन्होंने 1984 में लेखक और गीतकार जावेद अख्तर से शादी की. दोनों ने अपने-अपने क्षेत्र में लंबा और सफल करियर बनाया है. शबाना के लिए परिवार का साहित्य और थिएटर से जुड़ाव बचपन से रहा, लेकिन उनके फिल्मी करियर में उनकी अपनी मेहनत और अभिनय क्षमता सबसे बड़ी पहचान बनी.

फिल्मों के साथ सामाजिक मुद्दों पर भी सक्रिय

शबाना आजमी सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रहीं. वह लंबे समय से महिलाओं के अधिकार, झुग्गी-बस्ती में रहने वाले लोगों और एड्स जागरूकता जैसे सामाजिक मुद्दों से जुड़ी रही हैं. वह 1997 से 2003 तक राज्यसभा की मनोनीत सदस्य भी रही थीं. इस दौरान भी उन्होंने कई सामाजिक मुद्दों को सार्वजनिक मंच पर उठाया.

2026 में छात्र प्रदर्शन में भी आईं नजर

जुलाई 2026 में शबाना आजमी एक बार फिर सामाजिक मुद्दे को लेकर चर्चा में आईं. वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन में पहुंची थीं. रिपोर्टों के मुताबिक, 19 जुलाई को उन्होंने प्रदर्शन स्थल पर छात्रों से मुलाकात की और अगले दिन ‘चालो संसद’ मार्च में भी शामिल हुईं. उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने की वजह बताते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने के अधिकार की बात कही थी. साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि उनका किसी राजनीतिक पार्टी से संबंध नहीं है. प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी उन्होंने अपनी बात रखी थी. इंडिया टुडे से बातचीत में शबाना ने छात्रों पर आंसू गैस के इस्तेमाल और लाठीचार्ज देखे जाने का दावा किया था.

76 की उम्र में भी जारी है सफर

‘अंकुर’ से शुरू हुआ शबाना आजमी का सफर पांच दशक से ज्यादा समय बाद भी जारी है. एक ऐसी एक्ट्रेस जिसने पहली ही फिल्म से नेशनल अवॉर्ड जीता, फिर लगातार तीन साल यह सम्मान अपने नाम किया और कुल पांच बार बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल फिल्म अवॉर्ड हासिल किया. ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ जैसी फिल्मों में नजर आने वाली शबाना आजमी आज भी अलग-अलग तरह के किरदारों के साथ दर्शकों के बीच मौजूद हैं. यही लंबा सफर उन्हें भारतीय सिनेमा की खास कलाकारों में शामिल करता है.

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