
अम्बिकापुर 21 सितम्बर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के तहत किसानों तक उन्नत एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों की पहुंच बढ़ाने की दिशा में कृषि विज्ञान केंद्र, सरगुजा द्वारा जिले के कृषक मित्रों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में 62 कृषक मित्रों ने सहभागिता की। इस दौरान खरीफ फसलों की वर्तमान स्थिति एवं समस्याओं के समाधान के साथ आगामी रबी फसलों की तैयारी, मृदा स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा उद्यानिकी फसलों के बेहतर प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी गई।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल एवं निदेशक विस्तार डॉ. एस.एस. टुटेजा के निर्देशानुसार तथा कृषि विज्ञान केंद्र, सरगुजा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संदीप शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण का उद्देश्य कृषक मित्रों को समसामयिक कृषि तकनीकों से दक्ष बनाकर उनके माध्यम से किसानों तक वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाना रहा।
धान, अरहर और मक्का की समस्याओं एवं समाधान पर हुई चर्चा
प्रशिक्षण में वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संदीप शर्मा ने वर्तमान समय में धान, अरहर एवं मक्का की फसलों में आने वाली समस्याओं पर कृषक मित्रों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने फसलों के बेहतर प्रबंधन के लिए आवश्यक वैज्ञानिक उपायों की जानकारी देते हुए बदलती परिस्थितियों के अनुरूप उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया।
श्री पी.आर. पैकरा ने दलहन एवं तिलहन फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीक के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बेहतर उत्पादन के लिए फसल प्रबंधन से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं से कृषक मित्रों को अवगत कराया।
मिट्टी की सेहत से बेहतर उत्पादन तक दिया मार्गदर्शन
डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य, मिट्टी परीक्षण तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती के विषय में जानकारी दी। उन्होंने मिट्टी की स्थिति एवं फसल की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों के उपयोग तथा मृदा स्वास्थ्य को बनाए रखने के महत्व को समझाया।
श्री लीलाधर साहू ने उद्यानिकी फसलों के बेहतर उत्पादन के संबंध में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने वर्तमान समय में सब्जी की खेती में सामने आ रही विभिन्न समस्याओं पर कृषक मित्रों से चर्चा करते हुए उनके प्रबंधन एवं समाधान के उपाय बताए।
केवीके प्रक्षेत्र में देखीं बीज उत्पादन और प्रदर्शन इकाइयां
प्रशिक्षण के व्यावहारिक सत्र में कृषक मित्रों को कृषि विज्ञान केंद्र के प्रक्षेत्र का भ्रमण कराया गया। यहां उन्होंने धान, अरहर एवं हल्दी के बीज उत्पादन की गतिविधियों के साथ विभिन्न प्रदर्शन इकाइयों का अवलोकन किया। वैज्ञानिकों ने प्रदर्शन इकाइयों के माध्यम से उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी दी तथा आगामी फसल की तैयारियों के संबंध में भी चर्चा की।
किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के बीच सेतु बनेंगे कृषक मित्र
प्रशिक्षण के दौरान कृषक मित्रों को किसानों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने, उनकी कृषि संबंधी समस्याओं की पहचान करने तथा उनके समाधान के लिए कृषि वैज्ञानिकों से समन्वय स्थापित करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित एवं अनुशंसित नवीन तकनीकों और वैज्ञानिक सलाह को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित यह प्रशिक्षण किसानों तक वैज्ञानिक कृषि तकनीक, समयानुकूल सलाह और उन्नत उत्पादन पद्धतियों की जानकारी पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। कृषक मित्रों के माध्यम से खेत तक तकनीकी जानकारी पहुंचने से किसानों को फसल प्रबंधन एवं आगामी कृषि कार्यों की बेहतर तैयारी में सहयोग मिलेगा।
प्रशिक्षण में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संदीप शर्मा के मार्गदर्शन में श्री पी.आर. पैकरा, डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, श्री लीलाधर साहू, श्री विरेंद्र कुमार सहित केंद्र के वैज्ञानिक एवं 62 कृषक मित्र उपस्थित रहे।









