
रायपुर, 22 सितंबर 2026/ सेवा केवल एक शब्द नहीं, बल्कि जरूरतमंद तक समय पर मदद पहुंचाने का संकल्प है। सुशासन का वास्तविक अर्थ भी तब सामने आता है, जब शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है। छत्तीसगढ़ शासन के सेवा संकल्प अभियान की इसी भावना को साकार करती सेवा की कहानी है ग्राम खड़गांव के तेजेश्वर की, जिसे चिरायु योजना के माध्यम से समय पर उपचार मिला और आज वह स्वस्थ जीवन जी रहा है।
मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के विकासखंड मानपुर के ग्राम खड़गांव निवासी तेजेश्वर वर्ष 2025 में विद्यालयीन स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिरायु दल द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिकित्सकों ने बच्चे के हृदय में असामान्य ध्वनि महसूस की। यह एक सामान्य जांच के दौरान सामने आई ऐसी महत्वपूर्ण जानकारी थी, जिसने आगे चलकर बच्चे के जीवन को नई दिशा दी।
चिरायु दल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बच्चे के माता-पिता से आवश्यक जानकारी प्राप्त की और आगे की जांच एवं उपचार के लिए उसे 15 जुलाई 2025 को नारायणा हॉस्पिटल रायपुर रेफर किया। वहां आवश्यक जांच एवं ईकोकार्डियोग्राफी के बाद बच्चे के हृदय में गंभीर बीमारी की पुष्टि हुई। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चे के स्वास्थ्य को देखते हुए हृदय की सर्जरी की सलाह दी। इसके बाद चिरायु योजना के अंतर्गत आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर 27 नवंबर 2025 को नारायणा अस्पताल, रायपुर में तेजेश्वर की सफल हृदय सर्जरी की गई। सर्जरी के बाद बच्चे के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हुआ और आज तेजेश्वर स्वस्थ एवं सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा है।
एक समय जिस बीमारी का पता परिवार को स्वयं नहीं था, वही बीमारी विद्यालय में हुए एक नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान सामने आई। समय पर हुई पहचान, सही मार्गदर्शन और शासकीय स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े रेफरल तंत्र ने तेजेश्वर को उपचार तक पहुंचाया। चिरायु योजना के माध्यम से उपलब्ध कराए गए निःशुल्क उपचार ने परिवार पर आने वाले आर्थिक बोझ को भी कम किया। तेजेश्वर के माता-पिता के लिए यह अनुभव किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने समय पर बीमारी की पहचान करने, उपचार के लिए मार्गदर्शन देने और पूरी प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए चिरायु टीम-ए, मानपुर का आभार व्यक्त किया। उनके लिए सबसे बड़ी खुशी यह है कि उनका बच्चा आज स्वस्थ है और सामान्य जीवन की ओर आगे बढ़ रहा है।
तेजेश्वर की कहानी यह बताती है कि सुशासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाओं को जरूरतमंद तक पहुंचाकर उसके जीवन में बदलाव लाना ही सुशासन का वास्तविक उद्देश्य है। चिरायु योजना के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच, गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान, उचित रेफरल और निःशुल्क उपचार की व्यवस्था जनकल्याण की उस सोच को मजबूत करती है, जिसमें हर बच्चे को स्वस्थ भविष्य का अवसर मिले।
सेवा संकल्प अभियान के तहत तेजेश्वर की यह सेवा की कहानी इस विश्वास को मजबूत करती है कि जब सेवा भावना, सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाएं एक साथ काम करती हैं, तो किसी परिवार के लिए बीमारी की चिंता उम्मीद में और चिंता के आंसू खुशी की मुस्कान में बदल सकते हैं।








