
जगदलपुर, 23 सितंबर 2026/ विश्वप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के अंतर्गत मण्डप आच्छादन का मुख्य आधार मानी जाने वाली पवित्र रस्म डेरी गड़ाई का आयोजन कल गुरूवार 24 सितम्बर को सिरहासार भवन में पारंपरिक विधि-विधान से संपन्न किया जाएगा। लोक-संस्कृति और देव-विधान के तहत इस रस्म के साथ ही दशहरा के विशाल मांगलिक मंडप की विधिवत आधारशिला रखी जाएगी।
पुरातन परंपरा के अनुसार, नगर सीमा से लगे ग्राम बिलोरी से ग्रामीण दो विशेष काष्ठ स्तंभ (लकड़ियां) लेकर सिरहासार पहुंचेंगे, जिन्हें डेरी कहा जाता है। इन पवित्र लकड़ियों की सिरहासार भवन परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद स्थापना की जाएगी।
डेरी गड़ाई और मण्डप आच्छादन का यह अनुष्ठान पूरा होते ही उत्सव का माहौल और अधिक उल्लासमय हो जाता है। परंपरा के अनुसार, डेरी स्थापना के तुरंत बाद मेंबरीनों द्वारा उत्साहपूर्वक हल्दी खेली जाती है। यह हल्दी उत्सव बस्तर दशहरा को एक मांगलिक प्रसंग की तरह उल्लास और आत्मीयता से भर देता है। इस ऐतिहासिक विधान में विभिन्न परगनों के मांझी, चालकी, सिरहा-गुनिया और पारंपरिक पुजारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे।









