
i. वर्तमान में जारी एसआईआर (SIR) के दौरान अनमैप्ड होने तथा तार्किक विसंगतियों के चलते जिस किसी व्यक्ति को नोटिस जारी किया गया है, बीएलओ (BLO) ऐसे व्यक्तियों के घर जाकर दस्तावेज एकत्र करेंगे और उसके बाद ईआरओ (ERO) द्वारा निर्णय लिए जाने हेतु उन्हें ‘ईसीआईनेट’ (ECINet) पर अपलोड करेंगे। ऐसे व्यक्तियों को सुनवाई के लिए ईआरओ/एईआरओ (ERO/AERO) कार्यालय बुलाने की आवश्यकता नहीं है। केवल असाधारण परिस्थितियों में, जैसा कि ईआरओ द्वारा तय किया जाए, सुनवाई अधिमानतः ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर, निर्वाचक द्वारा परिवार के किसी भी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से सुनवाई में उपस्थित होने के लिए अधिकृत किया जा सकता है। ऑनलाइन सुनवाई की सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा।
ii. डीईओ (जिला निर्वाचन अधिकारी) आवश्यकतानुसार रैन बसेरों में रहने वाले लोगों, श्रमिकों, निर्धन लोगों, बेघरों आदि के लिए पर्याप्त संख्या में हेल्प डेस्क स्थापित करेंगे अथवा विशेष शिविर आयोजित करेंगे।
iii. एसआईआर (SIR) के लिए फॉर्म 6 के साथ संलग्न घोषणा को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा वैध ठहराया गया है। गैर-एसआईआर अवधि के लिए, नियमों (निर्वाचकों का पंजीकरण नियम, 1960) के अनुसार लागू फॉर्मों का उपयोग किया जाएगा।
iv. फील्ड अधिकारियों के पास उनकी वैधानिक शक्तियों के अनुसार ईसीआईनेट (ECINET) प्रणाली तक भूमिका-आधारित पहुंच (role-based access) उपलब्ध है। वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त (DEC) की अध्यक्षता में और आईआईटी/आईआईआईटी (IIT/IIIT) के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ को शामिल करते हुए गठित एक समिति ईसीआईनेट की समीक्षा करेगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह अधिनियमों और नियमों के प्रावधानों का पूर्णतः अनुपालन करता है, तथा अपनी रिपोर्ट आयोग को प्रस्तुत करेगी। पिछले कुछ महीनों में राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) से प्राप्त सुझावों के आधार पर पोर्टल में कई सुधार पहले ही किए जा चुके हैं। यदि फील्ड अधिकारियों को किसी अतिरिक्त लचीलेपन की आवश्यकता होती है, तो उसे भी लागू किया जाएगा। भविष्य में, आईटी मॉड्यूल और पोर्टलों से संबंधित सभी नई पहलों पर आयोग द्वारा अनुमोदन दिए जाने से पहले अधिकारियों की समिति (COO) में चर्चा की जाएगी।
v. सीईओ (CEO) दिल्ली से प्राप्त अनुरोध को ध्यान में रखते हुए, आयोग द्वारा दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 30 अक्टूबर, 2026 तक बढ़ा दी गई है। नोटिसों तथा दावों व आपत्तियों के निस्तारण की अवधि 30 नवंबर, 2026 तक बढ़ा दी गई है। साथ ही, सीईओ महाराष्ट्र से प्राप्त अनुरोध के अनुसार, महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि आयोग द्वारा 12 अक्टूबर, 2026 तक बढ़ा दी गई है। महाराष्ट्र में नोटिसों तथा दावों व आपत्तियों के निस्तारण की अवधि 10 नवंबर, 2026 तक बढ़ा दी गई है।
vi. आयोग की सभी बैठकों के लिए एजेंडा पहले से वितरित किया जाएगा और बैठक का कार्यवृत्त (minutes) जारी किया जाएगा।
vii. सभी अधिकारियों की एपीएआर (वार्षिक कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट / APARs) निर्धारित समय-सीमा यानी प्रत्येक वर्ष 31 दिसंबर के भीतर पूरी की जाएगी।
viii. अधिकारियों की विदेश यात्राओं के लिए आयोग की पूर्व स्वीकृति ली जाएगी।
ix. आयुक्तों द्वारा आयोग के अधिकारियों को जारी किए गए सभी निर्देशों का पूरी मुस्तैदी से अनुपालन किया जाएगा।
2. बिहार और पश्चिम बंगाल सहित 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर (SIR) का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। कोई भी व्यक्ति जिसका नाम एसआईआर के दौरान या उसके बाद छूट गया है, और युवा/पहली बार मतदाता बनने वाले व्यक्तियों सहित कोई भी नागरिक, निरंतर अद्यतनीकरण (continuous updation) की प्रक्रिया के तहत निर्वाचक नामावली में अपना नाम शामिल कराने के लिए संबंधित ईआरओ (ERO) को आवेदन कर सकता है। मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इसे सुगम बनाने का निर्देश दिया गया है। सीईओ, डीईओ और ईआरओ इन मतदाताओं के पंजीकरण हेतु तुरंत एक विशेष अभियान शुरू करेंगे।
3. यह पुनः दोहराया जाता है कि:
i. कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र आयोग के किसी नीतिगत मामले या आईटी प्रभाग से संबंधित नहीं था, बल्कि ईसीआई में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था। संबंधित अधिकारी द्वारा जारी कार्य-पुनर्वितरण आदेश दोनों आयुक्तों के निर्देशों के बाद वास्तव में लागू नहीं किए गए थे और डीईसी (DEC) द्वारा आईटी प्रभाग की देखरेख को कभी भी वापस नहीं लिया गया था।
ii. हाल के महीनों में, आयोग ने देश भर में एसआईआर सहित कई निर्णय लिए हैं। बिहार से शुरू होकर पश्चिम बंगाल और 30 अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 24.06.2025 को जारी एसआईआर का आदेश आयोग के सर्वसम्मत अनुमोदन से जारी किया गया था। इसे भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपने 27.05.2026 के आदेश द्वारा बरकरार रखा है। 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एसआईआर का कार्यक्रम 27.10.2025 को तथा 19 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 14.05.2026 को आयोग के सर्वसम्मत अनुमोदन से जारी किया गया था। मतदाताओं की अंतिम संख्या का आंकड़ा चरण-III के शेष 12 राज्यों में अंतिम प्रकाशन के बाद ही ज्ञात होगा।
iii. सीईओ गोवा ने संबंधित बीएलओ को छूटे हुए मतदाताओं के घर-घर जाकर फॉर्म एकत्र करने के निर्देश दिए हैं। 97 में से 81 मतदाता नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म 6 पहले ही भर चुके हैं।
4. यह प्रेस नोट 26.09.2026 को आयोजित आयोग की बैठक के निर्णयों के अनुसार जारी किया गया है और इसे पूर्ण आयोग का अनुमोदन प्राप्त है।









